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Gurugram News: युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना भर रहा मुहिब्बा औलिया संगठन
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मदरसों में जय हिंद की गूंज : ट्रस्ट बदल रहा है मुस्लिम युवाओं की तकदीर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आधुनिकता और परंपरा के संगम के बीच गुरुग्राम का एक संगठन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां जब आप फोन करते हैं, तो दूसरी तरफ से हेलो नहीं, बल्कि जय हिंद का जोश भरा संबोधन सुनाई देता है। मुहिब्बाने औलिया एजुकेशनल ट्रस्ट जो न केवल मुस्लिम समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ रहा है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार भी कर रहा है।
डिजिटल शिक्षा और राष्ट्रवाद का संगम
ट्रस्ट के प्रमुख तौकीर अल्वी का मानना है कि अशिक्षा ही सबसे बड़ी बाधा है। संगठन गांवों में कंप्यूटर एजुकेशन और आईटी की नई जानकारियां पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है। उनका विशेष ध्यान मदरसों के आधुनिकीकरण पर है, जहां धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
तौकीर अल्वी बताते हैं कि संगठन का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम किशोरों में बचपन से ही राष्ट्रीयता और देशप्रेम की भावना विकसित करना है। ट्रस्ट भारतीय राष्ट्र प्रतीकों और राष्ट्रीय त्योहारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करता है। सूफी संतों के प्रेम, सद्भावना और भाईचारे के संदेश को आधार बनाकर समाज को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन स्पष्ट रूप से भारत विरोधी विचारधाराओं का कड़ा विरोध करता है और युवाओं को ऐसी ताकतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है।
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सांस्कृतिक विविधता और एकता
ट्रस्ट केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। गजलों और मुशायरों के माध्यम से यह संगठन सांस्कृतिक विविधता को समाज का हिस्सा बनाने में जुटा है। कौमी एकता के साथ अपनी कम्युनिटी के विकास के लिए यह ट्रस्ट एक रोल मॉडल बनकर उभरा है।
पिछले दिन हमलोगों ने हरियाणा कला परिषद के साथ सेक्टर-29 मुक्ताकाश मंच पर गणतंत्र दिवस को समर्पित महफिल ऐ यादें जनवरी मुशायरा आयोजित किया। इसका उद्देश्य देश प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द्र रहा। इसके पहले साबरी ब्रदर्स का सूफी गायन आयोजित किया। मदरसों के साथ भी कार्यक्रम चल रहे हैं। - तौकीर अल्वी
हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी को अपने देश के लिए प्रेम, गंगा जमुनी तहजीब, समृद्ध विरासत से जोड़ा जाए। विभिन्न राष्ट्रीय दिवसों के आयोजन, मुशायरे, सूफी गायन आदि इसी क्रम में होते हैं। - आमिर सैफी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आधुनिकता और परंपरा के संगम के बीच गुरुग्राम का एक संगठन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां जब आप फोन करते हैं, तो दूसरी तरफ से हेलो नहीं, बल्कि जय हिंद का जोश भरा संबोधन सुनाई देता है। मुहिब्बाने औलिया एजुकेशनल ट्रस्ट जो न केवल मुस्लिम समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ रहा है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार भी कर रहा है।
डिजिटल शिक्षा और राष्ट्रवाद का संगम
ट्रस्ट के प्रमुख तौकीर अल्वी का मानना है कि अशिक्षा ही सबसे बड़ी बाधा है। संगठन गांवों में कंप्यूटर एजुकेशन और आईटी की नई जानकारियां पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है। उनका विशेष ध्यान मदरसों के आधुनिकीकरण पर है, जहां धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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तौकीर अल्वी बताते हैं कि संगठन का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम किशोरों में बचपन से ही राष्ट्रीयता और देशप्रेम की भावना विकसित करना है। ट्रस्ट भारतीय राष्ट्र प्रतीकों और राष्ट्रीय त्योहारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करता है। सूफी संतों के प्रेम, सद्भावना और भाईचारे के संदेश को आधार बनाकर समाज को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन स्पष्ट रूप से भारत विरोधी विचारधाराओं का कड़ा विरोध करता है और युवाओं को ऐसी ताकतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है।
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सांस्कृतिक विविधता और एकता
ट्रस्ट केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। गजलों और मुशायरों के माध्यम से यह संगठन सांस्कृतिक विविधता को समाज का हिस्सा बनाने में जुटा है। कौमी एकता के साथ अपनी कम्युनिटी के विकास के लिए यह ट्रस्ट एक रोल मॉडल बनकर उभरा है।
पिछले दिन हमलोगों ने हरियाणा कला परिषद के साथ सेक्टर-29 मुक्ताकाश मंच पर गणतंत्र दिवस को समर्पित महफिल ऐ यादें जनवरी मुशायरा आयोजित किया। इसका उद्देश्य देश प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द्र रहा। इसके पहले साबरी ब्रदर्स का सूफी गायन आयोजित किया। मदरसों के साथ भी कार्यक्रम चल रहे हैं। - तौकीर अल्वी
हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी को अपने देश के लिए प्रेम, गंगा जमुनी तहजीब, समृद्ध विरासत से जोड़ा जाए। विभिन्न राष्ट्रीय दिवसों के आयोजन, मुशायरे, सूफी गायन आदि इसी क्रम में होते हैं। - आमिर सैफी