फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Monu-Maman's arrest: Evidence collected for 15 days, then action taken

मोनू-मामन की गिरफ्तारी : 15 दिनों तक जुटाए सबूत, फिर कर दी कार्रवाई

Fri, 15 Sep 2023 07:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 07:51 PM IST
विज्ञापन
Monu-Maman's arrest: Evidence collected for 15 days, then action taken
दोनों के खिलाफ गोपनीय तरीके से दर्ज कर ली गईं थी एफआईआर
विज्ञापन

तावडू में हुए जी-20 सम्मेलन के पहले से ही नूंह पुलिस ने शुरू कर दिया था होमवर्क


संजय शिशौदिया
गुरुग्राम। जलाभिषेक यात्रा के दौरान नूंह में हुई हिंसा वाले दिन से ही एक ओर जहां मोनू मानेसर का नाम चर्चा में रहा था, वहीं कांग्रेस विधायक मामन खान का नाम भी लोगों की जुबान पर था। एक पक्ष जहां विधायक को इस पूरी हिंसा का मास्टर माइंड बता रहा था, तो वहींं दूसरा पक्ष हिंसा के लिए पूरी तरह से बिट्टू बजरंगी और मोनू मानेसर के भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट को जिम्मेदार ठहरा रहा था। इनमें से एक जहां सत्ता पक्ष का करीबी था, वहीं दूसरा विपक्ष का विधायक। किसी पर भी बिना सबूत हाथ डालना पुलिस के लिए आसान नहीं था। यही कारण रहा कि पुलिस ने मोनू और मामन की गिरफ्तारी से पहले करीब एक पखवाड़े तक होमवर्क किया।
नूंह हिंसा से अगले ही दिन यानी एक अगस्त को दर्ज एफआईआर में विधायक मामन खान का नाम शामिल किया गया। हालांकि इसकी जरा भी सुगबुगाहट पुलिस ने लीक नहीं होने दी। इस हिंसा में पुलिस लगातार विधायक की सक्रिय भूमिका तलाशती रही। हिंसा का एक आरोपी तौफीक पुत्र फते मोहम्मद पिछले दिनों जब नूंह पुलिस के हत्थे चढ़ा तो विधायक के खिलाफ सबूतों की जैसे झड़ी लग गई।
विज्ञापन

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान तौफीक ने स्पष्ट बताया कि नगीना में बड़कली चौक पर हुई हिंसा के दौरान जो आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थी, उसकी जांच में मिले तथ्यों व सोशल मीडिया पर भ्रामक व भड़काऊ प्रचार में शामिल युवकों से संपर्क जैसी गतिविधियों में विधायक की भूमिका संदिग्ध थी। तौफीक नामक इस आरोपी के संपर्क में विधायक फोन के माध्यम से रहा था। पुलिस को जांच में पता चला कि जलाभिषेक यात्रा से पहले 29 और 30 जुलाई को विधायक और तौफीक के बीच कई बार बात हुई। इसमें हिंसा के दौरान विस्फोटक का प्रयोग करना भी शामिल है। इन सबूतों के हाथ लगते ही पुलिस ने विधायक का नाम एफआईआर में शामिल कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि पुलिस ने एफआईआर की इस बात को पूरी तरह से गोपनीय रखा था, मगर मामन खान को इसकी भनक लग गई। इसके बाद से ही वह भूमिगत हो गया था।
तीन ही दिनों में कर दी मोनू-मामन की गिरफ्तारी
नूंह हिंसा में माेनू मानेसर का नाम ज्यादा सक्रियता से सामने आया था। ऐसे में पहले उसकी गिरफ्तारी जरूरी थी। दूसरी ओर कहीं नूंह हिंसा का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न फैल जाए, पुलिस को इसका भी ध्यान रखना था। नूंह के तावडू में जी-20 सम्मेलन के कारण सबूत मिलने के बाद भी पुलिस इन दोनों ही मामलों में पूरी तरह से चुप्पी साधे रही। विशेष बात यह थी कि दोनों ही आरोपी भूमिगत थे, लेकिन पुलिस को उनके पल-पल की जानकारी थी। यही कारण रहा कि 12 सितंबर को जहां पुलिस ने गुरुग्राम के आईएमटी-1 से मोनू मानेसर को धर दबोचा, वहीं उसकी गिरफ्तारी के ठीक तीन दिन बाद भूमिगत हुए विधायक मामन खान को भी जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
----
नूंह हिंसा में अब तक 60 एफआईआर, 330 लोग गिरफ्तार
कुछ यू ट्यूब व टेलीग्राम चैनल सीमा पार से भी भ्रामक व भड़काऊ प्रचार कर रहे थे

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह हिंसा की घटना में पुलिस द्वारा अब तक कुल 60 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 330 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। शुक्रवार को यह जानकारी नूंह एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने दी।
एसपी ने बताया कि हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक व भड़काऊ प्रचार करने वालों के खिलाफ 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें भी पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी छह की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर नूंह हिंसा से संबंधी प्रत्येक गतिविधि पर राज्य व जिला स्तर पर कड़ी निगरानी की जा रही है। इस जांच में सामने आया है कि कुछ यू ट्यूब व टेलीग्राम चैनल सीमा पार से भी भ्रामक व भड़काऊ प्रचार कर रहे थे। इन सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है।

----
नासिर-जुनैद हत्याकांड में विधायक पर फंडिंग का आरोप
नासिर-जुनैद हत्याकांड में भी कांग्रेस विधायक मामन खान का नाम सामने आया है। कोर्ट में रिमांड के दौरान हुई बहस के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से यह दलील दी गई। मामन खान के अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि इसी साल फरवरी में हुए नासिर-जुनैद हत्याकांड में भी एक पक्ष को भड़काने की नीयत से विधायक ने फंडिंग की थी। ऐसे में यह माना जा रहा है कि पुलिस अभी कुछ और नए मामले विधायक के खिलाफ दर्ज कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed