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Gurugram News: जिले में मोबिलाइजर मित्रा को एक वर्ष से नहीं मिला मानदेय

Thu, 22 May 2025 12:17 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 12:17 AM IST
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Mobilizer Mitra in the district has not received honorarium for one year
100 मोबिलाइजर मित्रा सहित 20 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर ने पांच वर्ष तक एनजीओ के तहत किया कार्य
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गुरुदत्त भारद्वाज

पुन्हाना। जिले में टीकाकरण के कार्यक्रमों में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले तकरीबन 120 मोबिलाइजर मित्रा को एक वर्ष से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे मोबिलाइजर मित्रा विभाग की अनदेखी से पूरी तरह परेशान हैं। हालांकि मोबिलाइजर मित्रा जिला उपायुक्त के साथ सीएम को भी इसके लिए अवगत करा चुके हैं। उन्होंने इसकी शिकायत एक बार फिर से सीएम विंडो की पोर्टल पर की है।



बता दें की जिले में बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 मोबिलाइजर को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा 20 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर की भी नियुक्ति की गई थी जो ऐसे मोबिलाइजर के कार्यों पर नजर रखें। एनएचएम का 5 वर्ष का यह प्रोजेक्ट एनजीओ द्वारा चलाया गया था। जिसने स्वास्थ्य विभाग के अधीन काम किया। सीएमओ नूंह व जिला टीकाकरण अधिकारी की देखरेख में मोबिलाइजर मित्रा ने गांव-गांव जाकर ना केवल लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूकता का काम किया बल्कि जिले में टीकाकरण प्रतिशत में वृद्धि का काम किया। आशा व एएनएम के साथ घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया।
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कोरोना में जान जोखिम में डालकर किया काम

मोबिलाइजर मित्रा प्रवीण, अंशू सिंगला, अमजद, राहुल प्रजापति, आरिफ हुसैन, सुनील कुमार, महावीर आदि ने बताया कि कोरोना में उन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर अभियान चलाया। ग्रामीणों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के साथ साथ कोरोना के टीकाकरण में अपनी भागीदारी दी। चार वर्षों तक उन्हें मानदेय मिलता रहा लेकिन आखिरी के एक वर्ष का मानदेय उन्हें नहीं मिला। चार वर्ष तक उन्हें 10 हजार 600 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था। उन्हें अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक का वेतन नहीं दिया गया है। वेतन को लेकर जिला उपायुक्त सहित नूंह के विधायक आफताब अहमद से भी मिले लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वेतन नहीं मिलने के कारण वो मानसिक तनाव झेल रहे है। पांच वर्ष का कार्यक्रम पूरा होने के बाद एक तो वो बेरोजगार हो गए तो वहीं एक वर्ष का वेतन नहीं मिलने के कारण वो पूरी तरह परेशान हैं।
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एनजीओ के तहत काम करने वाले मोबिलाइजर मित्रा के मानदेय को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। पिछले दिनों मोबाइल मित्रा मानदेय को लेकर जिला उपायुक्त से भी मिले। मानदेय को जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. सरबजीत थापर, सिविल सर्जन नूंह

फोटो कैप्शन- गांवो में टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करते मोबिलाइजर मित्रा। फाइल फोटो
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