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Gurugram News: ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने से अतिक्रमण हटाओ महाअभियान टला
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32 सेक्टरों में बड़े स्तर पर तोड़फोड़ की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने के कारण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) का अतिक्रमण हटाओ महाअभियान सोमवार से शुरू नहीं हो सका। विभाग ने कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अनुपलब्धता के चलते अभियान स्थगित करना पड़ा।
एचएसवीपी द्वारा सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान 27 अप्रैल से 8 मई तक चलाया जाना प्रस्तावित था। इस दौरान राइट ऑफ वे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाने थे। अभियान के लिए पांच टीमों का गठन किया गया था, जिन्हें अलग-अलग सेक्टरों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी अनिवार्य होती है। निर्धारित समय पर मजिस्ट्रेट न मिलने के कारण विभाग को अभियान टालना पड़ा। संपदा अधिकारी-2 डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से सड़क और सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जे हटा लें। इस बीच सेक्टरवासियों में अभियान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई अपने घरों के आगे बने ढांचों को लेकर असमंजस में हैं, जबकि कुछ लोगों ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं मिलने के कारण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) का अतिक्रमण हटाओ महाअभियान सोमवार से शुरू नहीं हो सका। विभाग ने कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अनुपलब्धता के चलते अभियान स्थगित करना पड़ा।
एचएसवीपी द्वारा सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान 27 अप्रैल से 8 मई तक चलाया जाना प्रस्तावित था। इस दौरान राइट ऑफ वे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाने थे। अभियान के लिए पांच टीमों का गठन किया गया था, जिन्हें अलग-अलग सेक्टरों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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प्रशासनिक नियमों के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी अनिवार्य होती है। निर्धारित समय पर मजिस्ट्रेट न मिलने के कारण विभाग को अभियान टालना पड़ा। संपदा अधिकारी-2 डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से सड़क और सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जे हटा लें। इस बीच सेक्टरवासियों में अभियान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई अपने घरों के आगे बने ढांचों को लेकर असमंजस में हैं, जबकि कुछ लोगों ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है।
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