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एक छत के नीचे मिलेगी चिकित्सीय, कानूनी और काउंसलिंग सुविधा
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गुरुग्राम। जिले में उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की काउंसलिंग तथा उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने के लिए वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर के लिए भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। मौजूदा समय में यह सेंटर सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित बाल उद्यान परिसर में बने भवन में अस्थायी तौर पर चलाया जा रहा है। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने इस संदर्भ में बुधवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें करीब 300 वर्ग गज क्षेत्र में भवन निर्माण किए जाने की योजना पर सहमति बनी।
डॉ. गर्ग ने कहा कि गुरुग्राम का वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर इस शहर के स्वरूप के हिसाब से भव्य होना चाहिए, जिसमें पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे मेडिकल, लीगल तथा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। नए भवन के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से 18.36 लाख रुपये की पहली किस्त महिला एवं बाल विकास विभाग गुरुग्राम को प्राप्त हो चुकी है।
बैठक में समेकित बाल विकास सेवाएं की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनैना ने बताया कि अस्थायी भवन में चलाए जा रहे वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर में उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है।
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इसी प्रकार, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सहयोग से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता भी मुहैया करवाई जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी नयोनिका बसु, नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त हरिओम अत्री और जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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डॉ. गर्ग ने कहा कि गुरुग्राम का वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर इस शहर के स्वरूप के हिसाब से भव्य होना चाहिए, जिसमें पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे मेडिकल, लीगल तथा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। नए भवन के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से 18.36 लाख रुपये की पहली किस्त महिला एवं बाल विकास विभाग गुरुग्राम को प्राप्त हो चुकी है।
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बैठक में समेकित बाल विकास सेवाएं की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनैना ने बताया कि अस्थायी भवन में चलाए जा रहे वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर में उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है।
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इसी प्रकार, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सहयोग से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता भी मुहैया करवाई जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी नयोनिका बसु, नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त हरिओम अत्री और जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।