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Gurugram News: माहिरा के पांचों प्रोजेक्ट बंद, आवंटियों की डीटीपीसी से की शुरू कराने की मांग
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खरीदार बाले- निर्माण शुरू होने तक पैसा न मांगा जाए, यूनिट भी निरस्त न की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। माहिरा होम्स प्रोजेक्टों के आवंटियों ने रुके हुए प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करवाने की मांग टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से की है। इसमें कहा गया है कि निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए जिससे प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके खरीदारों के हित सुरक्षित रह सकें। अभी माहिरा के पांचों प्रोजेक्ट बंद पड़े हुए हैं।
माहिरा होम्स के सभी प्रोजेक्ट पर निर्माण नहीं होने और समय से फ्लैट नहीं मिल पाने पर खरीदारों में रोष है। अब डीटीपीसी से मांग की है कि प्रोजेक्ट समय से पूरा करके खरीदारों को सौंपा जाए। साथ ही जब तक वह पूरा न हो जाए तब तक कोई पैसा न मांगा जाए। खरीदारों की यूनिट भी निरस्त नहीं की जाए।
प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना सभी को घर, सभी को छत के तहत सुलभ हाउसिंग की शुरुआत की गई थी। सेक्टर-104, सेक्टर-68, सेक्टर-95 सेक्टर-65 और सेक्टर-103 में माहिरा होम्स प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी मकसद से की गई थी। सभी प्रोजेक्ट 2021-22 तक पूरा होना थे। इसके पूरा होने से पहले लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अन्य खामियां पाई गईं। कंपनी आवंटियों से 60 फीसदी तक भुगतान भी ले चुकी है। अधिकांश प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ है और पैसा जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
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खरीदारों ने मांग की है कि बिल्डर पर सरकार जुर्माना करे। उसकी संपत्तियों को कब्जे में ले, बैंक की ब्याज दर के अनुसार पैसा वापस किया जाए। फर्जी बैंक गारंटी और अन्य प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से माहिरा होम्स के बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। साथ ही दो मुकदमे भी दर्ज हुए थे। हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) ने बिल्डर के बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया था।
बाद में निवेशकों के हितों को देखते हुए शर्तों के साथ लाइसेंस बहाल किया गया था। माहिरा होम्स सेक्टर-68 के खरीदार ध्रुब कुमार कहते हैं कि 21 हजार रुपये प्रति माह की ईएमआई देनी पड़ रही है। निर्माण शुरू नहीं होने से फ्लैट मिलने का समय आगे ही बढ़ता जा रहा है।
25 फीसदी से कम पैसा देने वालों के फ्लैट कैंसल करने का फरमान
गुरुग्राम। माहिरा होम्स के बिल्डर ने 25 फीसदी से कम भुगतान करने वाले खरीदारों का आवंटन निरस्त करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर खरीदारों में रोष है। माहिरा समूह के एमडी सिकंदर छोंकर का कहना है कि सेक्टर-104 के 80 फीसदी खरीदारों ने सिर्फ 25 फीसदी भुगतान दिया है। अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत कुछ राशि काटकर रिफंड करने का नियम है। वह खरीदारों को पैसा वापस करने के लिए तैयार हैं। अभी सेक्टर-68 और सेक्टर-103 के प्रोजेक्ट को पूरा करने की तैयारी है।
ड्रा के लिए किया आवेदन रोक दिया
वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह कहती हैं कि माहिरा बिल्डर ने फ्लैटों का ड्रा निकालने के लिए आवेदन किया था। इसे रोक दिया गया। अब इसके प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट हर महीने मुख्यालय भेजी जा रही है। सभी प्रोजेक्ट में निर्माण अभी बंद है। इस पर अंतिम फैसला मुख्यालय को लेना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। माहिरा होम्स प्रोजेक्टों के आवंटियों ने रुके हुए प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करवाने की मांग टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से की है। इसमें कहा गया है कि निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए जिससे प्रोजेक्ट में निवेश कर चुके खरीदारों के हित सुरक्षित रह सकें। अभी माहिरा के पांचों प्रोजेक्ट बंद पड़े हुए हैं।
माहिरा होम्स के सभी प्रोजेक्ट पर निर्माण नहीं होने और समय से फ्लैट नहीं मिल पाने पर खरीदारों में रोष है। अब डीटीपीसी से मांग की है कि प्रोजेक्ट समय से पूरा करके खरीदारों को सौंपा जाए। साथ ही जब तक वह पूरा न हो जाए तब तक कोई पैसा न मांगा जाए। खरीदारों की यूनिट भी निरस्त नहीं की जाए।
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प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना सभी को घर, सभी को छत के तहत सुलभ हाउसिंग की शुरुआत की गई थी। सेक्टर-104, सेक्टर-68, सेक्टर-95 सेक्टर-65 और सेक्टर-103 में माहिरा होम्स प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी मकसद से की गई थी। सभी प्रोजेक्ट 2021-22 तक पूरा होना थे। इसके पूरा होने से पहले लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अन्य खामियां पाई गईं। कंपनी आवंटियों से 60 फीसदी तक भुगतान भी ले चुकी है। अधिकांश प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ है और पैसा जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
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खरीदारों ने मांग की है कि बिल्डर पर सरकार जुर्माना करे। उसकी संपत्तियों को कब्जे में ले, बैंक की ब्याज दर के अनुसार पैसा वापस किया जाए। फर्जी बैंक गारंटी और अन्य प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से माहिरा होम्स के बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। साथ ही दो मुकदमे भी दर्ज हुए थे। हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) ने बिल्डर के बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया था।
बाद में निवेशकों के हितों को देखते हुए शर्तों के साथ लाइसेंस बहाल किया गया था। माहिरा होम्स सेक्टर-68 के खरीदार ध्रुब कुमार कहते हैं कि 21 हजार रुपये प्रति माह की ईएमआई देनी पड़ रही है। निर्माण शुरू नहीं होने से फ्लैट मिलने का समय आगे ही बढ़ता जा रहा है।
25 फीसदी से कम पैसा देने वालों के फ्लैट कैंसल करने का फरमान
गुरुग्राम। माहिरा होम्स के बिल्डर ने 25 फीसदी से कम भुगतान करने वाले खरीदारों का आवंटन निरस्त करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर खरीदारों में रोष है। माहिरा समूह के एमडी सिकंदर छोंकर का कहना है कि सेक्टर-104 के 80 फीसदी खरीदारों ने सिर्फ 25 फीसदी भुगतान दिया है। अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत कुछ राशि काटकर रिफंड करने का नियम है। वह खरीदारों को पैसा वापस करने के लिए तैयार हैं। अभी सेक्टर-68 और सेक्टर-103 के प्रोजेक्ट को पूरा करने की तैयारी है।
ड्रा के लिए किया आवेदन रोक दिया
वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह कहती हैं कि माहिरा बिल्डर ने फ्लैटों का ड्रा निकालने के लिए आवेदन किया था। इसे रोक दिया गया। अब इसके प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट हर महीने मुख्यालय भेजी जा रही है। सभी प्रोजेक्ट में निर्माण अभी बंद है। इस पर अंतिम फैसला मुख्यालय को लेना है।