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Shahrukh Khan: 1957 में शाहरुख खान के पिता को नहीं मिला था एक भी वोट, दो उम्मीदवारों को ही लोगों ने दिए थे मत
Tue, 09 Apr 2024 03:37 PM IST
शाहरुख खान
मनोज धर द्विवेदी, अमर उजाला, फरीदाबाद
मनोज धर द्विवेदी, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:37 PM IST
सार
गुरुग्राम लोकसभा सीट पर कई रिकॉर्ड हैं, साल 1957 में केवल दो उम्मीदवारों को ही मतदाताओं ने वोट दिया था। जबकि तीसरे प्रत्याशी ताज मोहम्मद को एक भी नोट नहीं मिला था।
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Shah Rukh Khan
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र में हुए कुछ चुनाव बड़े ही रोचक रहे हैं। कुछ में रिकॉर्ड भी बना है। सबसे कम और सबसे ज्यादा वोट से जीतने का रिकॉर्ड भी इसी लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के नाम रहा है। इस लोकसभा क्षेत्र के चुनावी दंगल में एक प्रत्याशी ऐसा भी रहा है, जिसे एक भी वोट नहीं मिल पाया था।
यह प्रत्याशी फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के पिता ताज मोहम्मद थे। पाकिस्तान के पेशेवर में रहने वाले ताज मोहम्मद बंटवारे के बाद दिल्ली में आकर बसे थे। गुरुग्राम लोकसभा सीट आजादी के बाद अस्तित्व में आई थी, इसमें फरीदाबाद भी शामिल था। गुरुग्राम सीट 1952 से 1971 तक रही। इस दौरान एक उप चुनाव समेत छह चुनाव हुए थे। इसके बाद साल 2009 में दोबारा से गुरुग्राम सीट बनी। तीन चुनाव हो चुके हैं।
निर्दलीय ताज मोहम्मद को नहीं मिला एक भी वोट
गुरुग्राम लोस का पहला चुनाव साल 1952 में हुआ था। इसमें कांग्रेस उम्मीदवार ठाकुर दास भार्गव विजेता रहे। इसमें ठाकुर दास भार्गव को 1,13,269 और जीवन खान को 36,615 वोट मिले थे। प्रत्याशी के खाते में शून्य वोट का यह मामला वर्ष 1957 के लोकसभा चुनावों का है। देश में दूसरी लोकसभा के लिए हुए इस चुनाव में कांग्रेस के अबुल कलाम आजाद को 1,91,221 और उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेएस के प्रत्याशी मूलचंद को 95,553 वोट मिले थे। इस चुनाव में मजेदार बात यह रही कि निर्दलीय प्रत्याशी ताज मोहम्मद को एक भी वोट नहीं मिला था। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।
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सबसे कम मतों से जीते थे अब्दुल गनी डार
अबुल कलाम की मौत के बाद 1958 में उपचुनाव हुआ था। केंद्र में पंडित जवाहर लाल नेहरु की सरकार होने के बावजूद आर्य समाज के नेता प्रकाशवीर शास्त्री ने चुनाव जीता था। उन्होंने कांग्रेस नेता एम चंद्रा को हराया था। वरिष्ठ नेता कुलदीप यादव कहते हैँ कि इस दौर में हरियाणा में आर्य समाज का वर्चस्व था। इसका असर उपचुनाव में देखने को मिला था। वर्ष 1967 में सबसे कांटेदार मुकाबला हुआ था। इसमें निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल गनी डार ने कांग्रेस उम्मीदवार जी. सिंह को सिर्फ 1308 मतों से हराया था। इस सीट पर इतने कम मतों से अभी तक किसी की जीत नहीं हुई है। यह भी अपने आप में रिकॉर्ड है।
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यह प्रत्याशी फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के पिता ताज मोहम्मद थे। पाकिस्तान के पेशेवर में रहने वाले ताज मोहम्मद बंटवारे के बाद दिल्ली में आकर बसे थे। गुरुग्राम लोकसभा सीट आजादी के बाद अस्तित्व में आई थी, इसमें फरीदाबाद भी शामिल था। गुरुग्राम सीट 1952 से 1971 तक रही। इस दौरान एक उप चुनाव समेत छह चुनाव हुए थे। इसके बाद साल 2009 में दोबारा से गुरुग्राम सीट बनी। तीन चुनाव हो चुके हैं।
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निर्दलीय ताज मोहम्मद को नहीं मिला एक भी वोट
गुरुग्राम लोस का पहला चुनाव साल 1952 में हुआ था। इसमें कांग्रेस उम्मीदवार ठाकुर दास भार्गव विजेता रहे। इसमें ठाकुर दास भार्गव को 1,13,269 और जीवन खान को 36,615 वोट मिले थे। प्रत्याशी के खाते में शून्य वोट का यह मामला वर्ष 1957 के लोकसभा चुनावों का है। देश में दूसरी लोकसभा के लिए हुए इस चुनाव में कांग्रेस के अबुल कलाम आजाद को 1,91,221 और उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेएस के प्रत्याशी मूलचंद को 95,553 वोट मिले थे। इस चुनाव में मजेदार बात यह रही कि निर्दलीय प्रत्याशी ताज मोहम्मद को एक भी वोट नहीं मिला था। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।
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सबसे कम मतों से जीते थे अब्दुल गनी डार
अबुल कलाम की मौत के बाद 1958 में उपचुनाव हुआ था। केंद्र में पंडित जवाहर लाल नेहरु की सरकार होने के बावजूद आर्य समाज के नेता प्रकाशवीर शास्त्री ने चुनाव जीता था। उन्होंने कांग्रेस नेता एम चंद्रा को हराया था। वरिष्ठ नेता कुलदीप यादव कहते हैँ कि इस दौर में हरियाणा में आर्य समाज का वर्चस्व था। इसका असर उपचुनाव में देखने को मिला था। वर्ष 1967 में सबसे कांटेदार मुकाबला हुआ था। इसमें निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल गनी डार ने कांग्रेस उम्मीदवार जी. सिंह को सिर्फ 1308 मतों से हराया था। इस सीट पर इतने कम मतों से अभी तक किसी की जीत नहीं हुई है। यह भी अपने आप में रिकॉर्ड है।
सर्वाधिक वोट से जीतने वाले राव इंद्रजीत
मोदी लहर में साल 2014 में चुनाव एकतरफा चुनाव रहा। इस चुनाव में सबसे अधिक मत लेने एवं जीतने को रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह को 6,44,780 मत मिले थे और इनेलो के जाकिर हुसैन को 2,74,722 मतों से हराया था। साल 2019 में राव इंद्रजीत ने अपना ही रिकार्ड तोड़ दिया और 3,86,256 वोट से जीत हासिल की थी।
मोदी लहर में साल 2014 में चुनाव एकतरफा चुनाव रहा। इस चुनाव में सबसे अधिक मत लेने एवं जीतने को रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह को 6,44,780 मत मिले थे और इनेलो के जाकिर हुसैन को 2,74,722 मतों से हराया था। साल 2019 में राव इंद्रजीत ने अपना ही रिकार्ड तोड़ दिया और 3,86,256 वोट से जीत हासिल की थी।
2009 से राव इंद्रजीत सिंह हैं सांसद
साल 2009 में गुरुग्राम लोकसभा दोबारा अस्तित्व में आ गया और इस साल हुए चुनाव में भी कांग्रेस से राव इंद्रजीत सिंह ने चुनाव जीता। राव इंद्रजीत सिंह ने बीएसपी के जाकिर हुसैन को 84,864 वोट से हराया था। कांग्रेस विरोधी और मोदी लहर को भांप राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और साल 2014 में हुए आम चुनाव में रिकार्ड 2,74,722 वोट से जीते।
साल 2009 में गुरुग्राम लोकसभा दोबारा अस्तित्व में आ गया और इस साल हुए चुनाव में भी कांग्रेस से राव इंद्रजीत सिंह ने चुनाव जीता। राव इंद्रजीत सिंह ने बीएसपी के जाकिर हुसैन को 84,864 वोट से हराया था। कांग्रेस विरोधी और मोदी लहर को भांप राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और साल 2014 में हुए आम चुनाव में रिकार्ड 2,74,722 वोट से जीते।
इसमें राव इंद्रजीत सिंह को 6,44,780 और इनेलो नेता जाकिर हुसैन को 3,70,058 वोट मिले थे। हालांकि साल 2019 में हुए चुनाव में बीजेपी ने दूसरी बार राव इंद्रजीत को गुरुग्राम सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। इसमें राव इंद्रजीत का मुकाबला कांग्रेस नेता और छह बार विधायक रहे कैप्टन अजय सिंह यादव से रहा। इसमें राव इंद्रजीत सिंह को 8,81,546 वोट मिले। कैप्टन अजय सिंह यादव को 4,95,290 वोट मिले थे।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के पिता थे ताज मोहम्मद
1957 के चुनाव में ताज मोहम्मद खान ने कांग्रेस नेता अबुल कलाम आजाद के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वे बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के पिता थे। देश आजाद होने के बाद सन 1957 में दूसरा लोकसभा चुनाव था। इस साल हरियाणा (तत्कालीन पंजाब) की सात सीटों पर भी चुनाव हुए थे। ऐसे में गुड़गांव (अब गुरुग्राम) सीट 1957 लोकसभा चुनाव में बेहद अहम हो गई थी।
1957 के चुनाव में ताज मोहम्मद खान ने कांग्रेस नेता अबुल कलाम आजाद के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वे बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के पिता थे। देश आजाद होने के बाद सन 1957 में दूसरा लोकसभा चुनाव था। इस साल हरियाणा (तत्कालीन पंजाब) की सात सीटों पर भी चुनाव हुए थे। ऐसे में गुड़गांव (अब गुरुग्राम) सीट 1957 लोकसभा चुनाव में बेहद अहम हो गई थी।
इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे देश के पहले शिक्षा मंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार अबुल कलाम आजाद, उनके खिलाफ थे आजादी की लड़ाई में उन्हीं के साथी मीर ताज मोहम्मद थे। दूसरे लोकसभा चुनाव में गुड़गांव सीट से केवल तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। पहले कांग्रेस के टिकट पर अबुल कलाम आजाद, दूसरे भारतीय जनसंघ के मूल चंद और तीसरे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर शाहरुख खान के पिता मीर ताज मोहम्मद खान थे।
आजादी के आंदोलन में कांग्रेस के साथ रहे ताज मोहम्मद इस चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ मैदान में उतरे थे। गुड़गांव सीट से ताज मोहम्मद खान चुनाव तो लड़े लेकिन उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव की सबसे खास बात ये थी कि ताज मोहम्मद खान खो एक भी वोट नहीं मिला था। कांग्रेस के मौलाना अबुल कलाम आजाद 1 लाख 91 हजार 221 वोट (66.7%) मिले थे।
जनसंघ के मूल चंद को 95 हजार 553 मत (33.3%) हासिल हुए।जबकि ताज मोहम्मद खान को जीरो वोट मिले। उनकी इस चुनाव में बुरी तरह हार हुई। शाहरुख खान के पिता ताज मोहम्मद खान एक स्वतंत्रता सेनानी थे और कांग्रेस से जुड़े थे। महात्मा गांधी और अब्दुल गफ्फार खान के साथ आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। आजादी से पहले ताज मोहम्मद का परिवार पाकिस्तान के पेशावर में रहता था। आजादी के बाद वो दिल्ली में रहने लगे थे।
| साल | जीत | हार | अंतर |
| 1952 | ठाकुर दास (कांग्रेस) | जीवन खां निर्दलीय | 76654 |
| 1957 | अब्दुल कलाम आजाद (कांग्रेस) | मूलचंद (जनसंघ) | 95668 |
| 1962 | गजराज सिंह (कांग्रेस) | देवी सिंह निर्दलीय | 18418 |
| 1967 | अब्दुल गनी डार (निर्दलीय) | गजराज (कांग्रेस) | 1308 |
| 1971 | तैय्यब हुसैन (कांग्रेस) | के. नरेंद्र निर्दलीय | 67942 |
| 2009 | राव इंद्रजीत सिंह(कांग्रेस) | जाकिर हुसैन(बीएसपी) | 84864 |
| 2014 | राव इंद्रजीत सिंह (भाजपा) | जाकिर हुसैन(इनेलो) | 274722 |
| 2019 | राव इंद्रजीत सिंह (भाजपा) | कैप्टर अजय यादव(कांग्रेस) | 386256 |