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बार्डर खोलने के आदेश के बावजूद सरहौल बार्डर पर नगर निगम के कारण लगता है जाम
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गुरुग्राम। सरहौल बॉर्डर पर गुरुग्राम पुलिस ने जांच बंद कर दी बावजूद इसके दिल्ली आने वाले वाहन चालकों को प्रति दिन जाम से जूझना पड़ता है। दिल्ली से गुरुग्राम के रास्ते पर तो पुलिस ने बैरिकेड हटा लिए लेकिन गुरुग्राम से दिल्ली जाने के रास्ते पर दक्षिण दिल्ली नगर निगम को टोल वसूली में परेशानी न हो इस कारण बैरिकेड नहीं हटाया।
टोल कर्मी व पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते पूरा दिन वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है। बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने माना कि कुछ कैब चालक बिना टोल दिए निकल जाते हैं। ऐसे में उन पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। क्या टोल वसूली करवाना पुलिस का काम है, इस सवाल पर वे चुप्पी साध गए।
दरअसल, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम स्थित सरहौल बॉर्डर पर दक्षिण दिल्ली नगर निगम का टोल बूथ है। टोल बूथ के कर्मचारियों ने लॉकडाउन के दौरान ही लाठी-डंडे लेकर अपने लड़कों को तैनात कर रखा है। इन लड़कों ने बैरिकेड पर कब्जा कर लिया है और एक-एक वाहन को निकलने देते हैं जिससे जाम लग जाता है। यहां तैनात पुलिसकर्मी जाम खुलवाने के बजाए एक तरफ बैठे रहते है। इस कारण दिल्ली की ओर आने वाले वाहन चालकों को यह बॉर्डर पार करने में 20 से 25 मिनट जाम में फंसा रहना पड़ता है।
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कोरोना अनलॉक के पहले दिन एक जून से हरियाणा सरकार ने जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित सरहौल बॉर्डर खोल दिया था। इस कड़ी में पुलिस ने दिल्ली की ओर से आने वाले रास्ते से बैरिकेड भी हटा दिए और वाहन फर्राटा भरते हुए गुरुग्राम में प्रवेश कर रहे हैं, मगर गुरुग्राम की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन वालों की समस्या बढ़ गई है। पुलिस ने गुरुग्राम से आने वाले हाईवे ही नहीं बल्कि उद्योग विहार की और से नीचे से आने वाले रास्ते पर भी बैरिकेड नहीं हटाए।
इस कारण हाईवे पर वाहनों की आधा से एक किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती है। शाम के समय तो स्थिति काफी खराब हो जाती है।
उधर यह वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यहां से बैरिकेड नहीं हटाने और टोल कर्मियों की तानाशाही के बारे में चुप्पी साधे हुए है। उधर, यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि आज रात बैरिकेड हटा दिए जाएंगे।
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टोल कर्मी व पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते पूरा दिन वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है। बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने माना कि कुछ कैब चालक बिना टोल दिए निकल जाते हैं। ऐसे में उन पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। क्या टोल वसूली करवाना पुलिस का काम है, इस सवाल पर वे चुप्पी साध गए।
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दरअसल, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम स्थित सरहौल बॉर्डर पर दक्षिण दिल्ली नगर निगम का टोल बूथ है। टोल बूथ के कर्मचारियों ने लॉकडाउन के दौरान ही लाठी-डंडे लेकर अपने लड़कों को तैनात कर रखा है। इन लड़कों ने बैरिकेड पर कब्जा कर लिया है और एक-एक वाहन को निकलने देते हैं जिससे जाम लग जाता है। यहां तैनात पुलिसकर्मी जाम खुलवाने के बजाए एक तरफ बैठे रहते है। इस कारण दिल्ली की ओर आने वाले वाहन चालकों को यह बॉर्डर पार करने में 20 से 25 मिनट जाम में फंसा रहना पड़ता है।
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कोरोना अनलॉक के पहले दिन एक जून से हरियाणा सरकार ने जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित सरहौल बॉर्डर खोल दिया था। इस कड़ी में पुलिस ने दिल्ली की ओर से आने वाले रास्ते से बैरिकेड भी हटा दिए और वाहन फर्राटा भरते हुए गुरुग्राम में प्रवेश कर रहे हैं, मगर गुरुग्राम की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन वालों की समस्या बढ़ गई है। पुलिस ने गुरुग्राम से आने वाले हाईवे ही नहीं बल्कि उद्योग विहार की और से नीचे से आने वाले रास्ते पर भी बैरिकेड नहीं हटाए।
इस कारण हाईवे पर वाहनों की आधा से एक किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती है। शाम के समय तो स्थिति काफी खराब हो जाती है।
उधर यह वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यहां से बैरिकेड नहीं हटाने और टोल कर्मियों की तानाशाही के बारे में चुप्पी साधे हुए है। उधर, यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि आज रात बैरिकेड हटा दिए जाएंगे।