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Gurugram News: कमाल करते नन्हे उस्ताद... कोई शतरंज चैंपियन तो किसी ने लिखा उपन्यास
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बाल दिवस पर विशेष
मेहनत और मेधा से शहर और देश का नाम कर रहे रोशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के नन्हे उस्ताद अपनी मेहनत और मेधा के बूते शहर और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। सात साल का अयान स्टोरी टेलर है। उसने उपन्यास लिखा है। आठ साल के अबीर सेठी ने शतरंज में महारत हासिल की है। आदित्य मित्तल ने 16 साल की उम्र में शतरंज में 77वें ग्रैंड मास्टर का खिताब जीता। इसके पहले उसे देश के राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था। 12 वर्षीय त्रिशान धमीजा ने अमेरिका में 27 से 29 जून के बीच आयोजित शतरंज के वर्ल्ड ओपन में तीसरा स्थान प्राप्त कर 800 डाॅलर का पुरस्कार प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में 53 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। त्रिशान ने कई अन्य उपलब्धियां भी हासिल की हैं।
शतरंज के कोच संजय छाबड़ा बताते हैं कि चार साल की उम्र से अबीर सेठी ने शतरंज खेलना शुरू किया था। अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के बीच वह हमेशा अव्वल रहा। उसके पिता का तबादला अमेरिका हो गया है। वहां भी उसने कई चैंपियनशिप जीती है। पिछले दिनों उसने न्यू जर्सी में चैंपियनशिप जीती। 12 वर्षीय त्रिशान ने चेस में कई पुरस्कार हासिल किए हैं। जबकि आदित्य ने 77वें ग्रैंड मास्टर का अवाॅर्ड प्राप्त किया। आदित्य मित्तल को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया था।
स्टोरी टेलर अयान ने लिखा उपन्यास
सेक्टर-63 स्थित टाइम रेजिडेंसी सोसाइटी में रहने वाले अयान वर्मा को उपन्यास टुमारो नेवर कम्स चर्चा में है। सात साल के अयान ने इस नॉवेल में एक छोटे बच्चे की कहानी को मनमोहक अंदाज में लिखी है। इसमें बाल मन की उत्कंठा, पहाड़, पक्षी, झरने और बच्चों के लिए सीख भी है। 33 पेज के उपन्यास में अयान ने अपने जैसे एक बच्चे जॉन की कहानी लिखी है जो गर्मी की छुटि्टयां मनाने मसूरी में अपने नाना-नानी के घर आता है। इसमें संदेश दिया है कि कल कभी नहीं आता है। अयान वर्मा को दिलचस्प तरीके से कहानियां सुनाने के लिए जाना जाता है। अयान के माता-पिता हर्ष तनय वर्मा और आयुषी वर्मा एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं।
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मेहनत और मेधा से शहर और देश का नाम कर रहे रोशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के नन्हे उस्ताद अपनी मेहनत और मेधा के बूते शहर और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। सात साल का अयान स्टोरी टेलर है। उसने उपन्यास लिखा है। आठ साल के अबीर सेठी ने शतरंज में महारत हासिल की है। आदित्य मित्तल ने 16 साल की उम्र में शतरंज में 77वें ग्रैंड मास्टर का खिताब जीता। इसके पहले उसे देश के राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था। 12 वर्षीय त्रिशान धमीजा ने अमेरिका में 27 से 29 जून के बीच आयोजित शतरंज के वर्ल्ड ओपन में तीसरा स्थान प्राप्त कर 800 डाॅलर का पुरस्कार प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में 53 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। त्रिशान ने कई अन्य उपलब्धियां भी हासिल की हैं।
शतरंज के कोच संजय छाबड़ा बताते हैं कि चार साल की उम्र से अबीर सेठी ने शतरंज खेलना शुरू किया था। अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के बीच वह हमेशा अव्वल रहा। उसके पिता का तबादला अमेरिका हो गया है। वहां भी उसने कई चैंपियनशिप जीती है। पिछले दिनों उसने न्यू जर्सी में चैंपियनशिप जीती। 12 वर्षीय त्रिशान ने चेस में कई पुरस्कार हासिल किए हैं। जबकि आदित्य ने 77वें ग्रैंड मास्टर का अवाॅर्ड प्राप्त किया। आदित्य मित्तल को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया था।
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स्टोरी टेलर अयान ने लिखा उपन्यास
सेक्टर-63 स्थित टाइम रेजिडेंसी सोसाइटी में रहने वाले अयान वर्मा को उपन्यास टुमारो नेवर कम्स चर्चा में है। सात साल के अयान ने इस नॉवेल में एक छोटे बच्चे की कहानी को मनमोहक अंदाज में लिखी है। इसमें बाल मन की उत्कंठा, पहाड़, पक्षी, झरने और बच्चों के लिए सीख भी है। 33 पेज के उपन्यास में अयान ने अपने जैसे एक बच्चे जॉन की कहानी लिखी है जो गर्मी की छुटि्टयां मनाने मसूरी में अपने नाना-नानी के घर आता है। इसमें संदेश दिया है कि कल कभी नहीं आता है। अयान वर्मा को दिलचस्प तरीके से कहानियां सुनाने के लिए जाना जाता है। अयान के माता-पिता हर्ष तनय वर्मा और आयुषी वर्मा एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं।
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