{"_id":"65da49e95efe0875c20f3c24","slug":"life-imprisonment-to-four-including-father-and-son-convicted-in-murder-case-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-26095-2024-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: हत्या के मामले में दोषी पिता-पुत्र समेत चार को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: हत्या के मामले में दोषी पिता-पुत्र समेत चार को आजीवन कारावास
विज्ञापन
छह साल पहले जमीन के विवाद में दिया था वारदात को अंजाम, पचास हजार का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। छह साल पहले जमीन के विवाद के चलते सगे भाई रामकरण की हत्या करने के मामले में पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में गिरफ्तार साहिल को बरी कर दिया।
थाना सदर में गांव इस्लामपुर निवासी शिकायतकर्ता लक्ष्मी देवी मृतक की पत्नी के द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक 31 जुलाई 2018 को अपने प्लाॅट पर बारिश की वजह से पैदल जा रही थी और उनके पीछे पति रामकरण उर्फ टोनी स्कूटी से आ रहा था। प्लॉट से थोड़ी दूरी पर ही कुछ युवक मौजूद थे। पति पर इन युवकों ने पीछे से गोलियां चलानी शुरू कर दीं । घायल पति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया,जहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शिकायत में बताया कि जेठ सुभाष के साथ काफी दिनों से जमीन का विवाद चल रहा था। इस को लेकर सुलह हो गई थी। सुलह हाेने के बावजूद जेठ सुभाष ,जेठानी उषा, उसका बेटा नितिन और विकास ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने इस मामले में सुभाष निवासी गांव इस्लामपुर, उसके बेटे नितिन ,उधम निवासी पलवल, मनिंद्र निवासी गांव तिगरा और साहिल निवासी गांव इस्लामपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नितिन ने जेल में रहने के दौरान ही जेल में बंद मुन्ना पंडित को 20 लाख रुपये में अपने चाचा रामकरण की हत्या करने के लिए पैसे भी दिए गए थे। अदालत ने इस मामले में 23 गवाहों को सुनने व सबूतों के आधार पर सुभाष, नितिन, उधम और मनिंद्र को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा के साथ पचास हजार का जुर्माने का फैसला दिया। साहिल को सबूतों व गवाहों के अभाव में बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। छह साल पहले जमीन के विवाद के चलते सगे भाई रामकरण की हत्या करने के मामले में पिता-पुत्र समेत चार दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में गिरफ्तार साहिल को बरी कर दिया।
थाना सदर में गांव इस्लामपुर निवासी शिकायतकर्ता लक्ष्मी देवी मृतक की पत्नी के द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक 31 जुलाई 2018 को अपने प्लाॅट पर बारिश की वजह से पैदल जा रही थी और उनके पीछे पति रामकरण उर्फ टोनी स्कूटी से आ रहा था। प्लॉट से थोड़ी दूरी पर ही कुछ युवक मौजूद थे। पति पर इन युवकों ने पीछे से गोलियां चलानी शुरू कर दीं । घायल पति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया,जहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शिकायत में बताया कि जेठ सुभाष के साथ काफी दिनों से जमीन का विवाद चल रहा था। इस को लेकर सुलह हो गई थी। सुलह हाेने के बावजूद जेठ सुभाष ,जेठानी उषा, उसका बेटा नितिन और विकास ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने इस मामले में सुभाष निवासी गांव इस्लामपुर, उसके बेटे नितिन ,उधम निवासी पलवल, मनिंद्र निवासी गांव तिगरा और साहिल निवासी गांव इस्लामपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि नितिन ने जेल में रहने के दौरान ही जेल में बंद मुन्ना पंडित को 20 लाख रुपये में अपने चाचा रामकरण की हत्या करने के लिए पैसे भी दिए गए थे। अदालत ने इस मामले में 23 गवाहों को सुनने व सबूतों के आधार पर सुभाष, नितिन, उधम और मनिंद्र को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा के साथ पचास हजार का जुर्माने का फैसला दिया। साहिल को सबूतों व गवाहों के अभाव में बरी कर दिया।
विज्ञापन