{"_id":"64b053cc92d7e3a4ba014dd6","slug":"leopard-made-calf-a-victim-in-snakes-ring-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-9666-2023-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सांप की नंगली में तेंदुए ने बछड़े को बनाया शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सांप की नंगली में तेंदुए ने बछड़े को बनाया शिकार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। गांव सांप की नंगली स्थित अरावली की तहलटी में बने अश्वत्थामा मंदिर के प्रांगण में बुधवार को तेंदुआ देखा गया। इससे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि यह तेंदुए की तस्वीर बीते वीरवार की सुबह गांव के रमेश अधाना ने 9 बजे घूमने के समय कैद की थी। उसने बताया कि तेंदुए का छोटा बच्चा था।लेकिन यह पहचान नहीं हुई कि नर था या मादा।
गांव के नरेश कुमार ने बताया कि बुधवार को सांप की नंगली की खोली में बनी गौशाला में भी तेंदुए ने एक गाय के बछड़े और एक बकरी के बच्चे को अपना शिकार बनाया था। गोशाला में कार्यरत दिव्यांग शौकीन पुरी ने बछड़े को गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया। ग्रामीण दहशत में हैं। सुबह शाम घूमने के साथ कुंडान वाले मंदिर में जाते हैं। कभी भी तेंदुआ उन पर हमला कर सकता है। बुधवार रात सोहना की गुर्जर घाटी में भी तेंदुआ देखने की चर्चा सोशल मीडिया पर थी। सांप की नंगली के पूर्व पार्षद पति बलबीर सिंह का कहना है कि तेंदुए एक नहीं कई हो सकते हैं। इनसे सुरक्षा को लेकर वन विभाग की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। वन विभाग के अधिकारी संजय यादव का कहना है कि जंगली जानवर हैं पहाड़ों में या वन में ही मिलेंगे। पहाड़ियों में छोटी बावड़ी आजकल बरसात से भरी रहती हैं। पानी की प्यास वहीं से बुझाते हैं।
विज्ञापन
सोहना। गांव सांप की नंगली स्थित अरावली की तहलटी में बने अश्वत्थामा मंदिर के प्रांगण में बुधवार को तेंदुआ देखा गया। इससे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि यह तेंदुए की तस्वीर बीते वीरवार की सुबह गांव के रमेश अधाना ने 9 बजे घूमने के समय कैद की थी। उसने बताया कि तेंदुए का छोटा बच्चा था।लेकिन यह पहचान नहीं हुई कि नर था या मादा।
गांव के नरेश कुमार ने बताया कि बुधवार को सांप की नंगली की खोली में बनी गौशाला में भी तेंदुए ने एक गाय के बछड़े और एक बकरी के बच्चे को अपना शिकार बनाया था। गोशाला में कार्यरत दिव्यांग शौकीन पुरी ने बछड़े को गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया। ग्रामीण दहशत में हैं। सुबह शाम घूमने के साथ कुंडान वाले मंदिर में जाते हैं। कभी भी तेंदुआ उन पर हमला कर सकता है। बुधवार रात सोहना की गुर्जर घाटी में भी तेंदुआ देखने की चर्चा सोशल मीडिया पर थी। सांप की नंगली के पूर्व पार्षद पति बलबीर सिंह का कहना है कि तेंदुए एक नहीं कई हो सकते हैं। इनसे सुरक्षा को लेकर वन विभाग की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। वन विभाग के अधिकारी संजय यादव का कहना है कि जंगली जानवर हैं पहाड़ों में या वन में ही मिलेंगे। पहाड़ियों में छोटी बावड़ी आजकल बरसात से भरी रहती हैं। पानी की प्यास वहीं से बुझाते हैं।
विज्ञापन