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Gurugram News: भू माफिया ने फर्जी तरीके से भूमि को हड़पने का किया प्रयास, पांच पर केस
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25 साल से लापता व्यक्ति के नकली दस्तावेज तैयार कर तहसील में फर्जी मालिक किया पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नूंह तहसील के घासेड़ा गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें भूमाफियाओं द्वारा 25 साल से लापता व्यक्ति की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ाकर पौने तीन एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। करोड़ों रुपये की इस जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री का खुलासा उस वक्त हुआ जब तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने दस्तावेजों की जांच की। उन्हें इस फर्जीवाड़े पर शक हुआ। तहसील प्रशासन के निर्देश पर रजिस्ट्री क्लर्क के बयान पर सीटी पुलिस थाना में इस संदर्भ में चार नामजद व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक घासेड़ा राजस्व क्षेत्र में अब्दुल गफूर के नाम पर अलग-अलग हिस्सों में 15 कनाल चार मरला और सात कनाल 5 मरला भूमि पंजीकृत है, लेकिन वह करीब 25 साल से लापता है। भू माफियाओं ने अब्दुल गफूर के लापता होने का फायदा उठाते हुए उसकी भूमि को हड़पने का साजिश रची। 23 जनवरी को घासेड़ा निवासी मोहम्मद हाशिम द्वारा दो बयनामा तहसील प्रशासन के समक्ष पेश किए। इसमें जमीन मालिक का वर्तमान पता किदवई नगर वडाला, मुंबई का दर्शाया था। जमीन का बयनामा मोहम्मद हाशिम की पत्नी अनीशा बानो के नाम पर लिखा था। इसमें सुखीराम नंबरदार और निसार गवाह के रूप में दर्शाए थे।
ऐसे पता चला कि मालिक है फर्जी
प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अधिकारियों ने मोहम्मद हाशिम से जमीन मालिक की आईडी और दस्तावेज पेश करने को कहा। इस पर आधार कार्ड और पैन कार्ड पेश किए गए। इनमें अब्दुल गफूर की जन्म तिथि 1940 लिखी थी। तहसील अधिकारियों का दावा है कि जमीन मालिक के रूप में पेश हुए अब्दुल गफूर की उम्र देखने में करीब 60 वर्ष लग रही थी, जबकि जन्मतिथि के मुताबिक वह 85 वर्ष के हैं। इसी पर नायब तहसीलदार को शक हुआ तो अब्दुल गफूर से पूछताछ की तो उसने अपना पता रोहतक हसनगढ़ बताते हुए कहा कि वह भट्टे पर काम करता है। तहसीलदार ने उससे घासेड़ा गांव के उसके पड़ोसियों के बारे में पूछा तो वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उम्र पूछने पर 61 साल बताई, जिससे प्रशासन को प्रतीत हुआ कि फर्जी जमीन मालिक पेश किया गया है। इसमें मुख्य रूप से मोहम्मद हाशिम की भूमिका बताई जा रही है। जिससे गांव के सरपंच और अन्य जिम्मेदार लोगों को बुलाकर लाने के लिए कहा गया।
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इसी दौरान मोहम्मद हाशिम वहां से जमीन के फर्जी मालिक अब्दुल गफूर और दस्तावेजों को लेकर भाग गया। जमीन मालिक के रूप में पेश किए गए अब्दुल गफूर से संयुक्त सब रजिस्ट्रार ने पूछताछ का एक वीडियो भी बनाया है। रजिस्ट्री क्लर्क मानवेंद्र सिंह के मुताबिक भूमि का असली मालिक काफी सालों से लापता है। नूंह शहर थाना पुलिस ने इस संदर्भ में आरोपी मोहम्मद हाशिम, पत्नी अनीशा, नंबरदार सुखीराम और निसार समेत अन्य के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
इस बारे में थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नूंह तहसील के घासेड़ा गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें भूमाफियाओं द्वारा 25 साल से लापता व्यक्ति की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ाकर पौने तीन एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। करोड़ों रुपये की इस जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री का खुलासा उस वक्त हुआ जब तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने दस्तावेजों की जांच की। उन्हें इस फर्जीवाड़े पर शक हुआ। तहसील प्रशासन के निर्देश पर रजिस्ट्री क्लर्क के बयान पर सीटी पुलिस थाना में इस संदर्भ में चार नामजद व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक घासेड़ा राजस्व क्षेत्र में अब्दुल गफूर के नाम पर अलग-अलग हिस्सों में 15 कनाल चार मरला और सात कनाल 5 मरला भूमि पंजीकृत है, लेकिन वह करीब 25 साल से लापता है। भू माफियाओं ने अब्दुल गफूर के लापता होने का फायदा उठाते हुए उसकी भूमि को हड़पने का साजिश रची। 23 जनवरी को घासेड़ा निवासी मोहम्मद हाशिम द्वारा दो बयनामा तहसील प्रशासन के समक्ष पेश किए। इसमें जमीन मालिक का वर्तमान पता किदवई नगर वडाला, मुंबई का दर्शाया था। जमीन का बयनामा मोहम्मद हाशिम की पत्नी अनीशा बानो के नाम पर लिखा था। इसमें सुखीराम नंबरदार और निसार गवाह के रूप में दर्शाए थे।
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ऐसे पता चला कि मालिक है फर्जी
प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अधिकारियों ने मोहम्मद हाशिम से जमीन मालिक की आईडी और दस्तावेज पेश करने को कहा। इस पर आधार कार्ड और पैन कार्ड पेश किए गए। इनमें अब्दुल गफूर की जन्म तिथि 1940 लिखी थी। तहसील अधिकारियों का दावा है कि जमीन मालिक के रूप में पेश हुए अब्दुल गफूर की उम्र देखने में करीब 60 वर्ष लग रही थी, जबकि जन्मतिथि के मुताबिक वह 85 वर्ष के हैं। इसी पर नायब तहसीलदार को शक हुआ तो अब्दुल गफूर से पूछताछ की तो उसने अपना पता रोहतक हसनगढ़ बताते हुए कहा कि वह भट्टे पर काम करता है। तहसीलदार ने उससे घासेड़ा गांव के उसके पड़ोसियों के बारे में पूछा तो वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उम्र पूछने पर 61 साल बताई, जिससे प्रशासन को प्रतीत हुआ कि फर्जी जमीन मालिक पेश किया गया है। इसमें मुख्य रूप से मोहम्मद हाशिम की भूमिका बताई जा रही है। जिससे गांव के सरपंच और अन्य जिम्मेदार लोगों को बुलाकर लाने के लिए कहा गया।
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इसी दौरान मोहम्मद हाशिम वहां से जमीन के फर्जी मालिक अब्दुल गफूर और दस्तावेजों को लेकर भाग गया। जमीन मालिक के रूप में पेश किए गए अब्दुल गफूर से संयुक्त सब रजिस्ट्रार ने पूछताछ का एक वीडियो भी बनाया है। रजिस्ट्री क्लर्क मानवेंद्र सिंह के मुताबिक भूमि का असली मालिक काफी सालों से लापता है। नूंह शहर थाना पुलिस ने इस संदर्भ में आरोपी मोहम्मद हाशिम, पत्नी अनीशा, नंबरदार सुखीराम और निसार समेत अन्य के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
इस बारे में थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।