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Gurugram News: 600 सहायक शिक्षकों की ज्वाइनिंग शुरू
Fri, 01 Sep 2023 11:14 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:14 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए पिछले साल लगाए गए करीब 600 सहायक शिक्षकों को एक्सटेंशन मिल गई है। इससे एक बार फिर मेवात के स्कूल दोबारा कुछ पटरी पर आने की उम्मीदें बनी हैं। अभी तक इन्हें ज्वाइन नहीं कराया जा रहा था, लेकिन मुद्दे को अमर उजाला ने प्राथमिकता से उठाया, जिस पर शिक्षा विभाग ने इन सहायक शिक्षकों की नियुक्ति करना शुरू कर दी है। जिससे स्कूलों में अध्यापकों की कमी कुछ हद तक ठीक हो जाएगी और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
बता दें यहां पिछले काफी दिनों से कई हजार अध्यापकों के तो बीईओ सहित कई अधिकारियों तक के पद खाली है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई से लेकर सुपरविजन तक नहीं हो पा रहा है। अब गंभीर विषय है कि अध्यापकों की कमी को कुछ हद तक अस्थाई तौर पर पूरा करने के लिए पिछले साल सरकार ने एनजीओ के माध्यम से जो सहायक शिक्षक लगाए थे। उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, लेकिन अब उन्हें एक्सटेंशन दे दी है और दोबारा ज्वाइन कराया जा रहा है। पुन्हाना खंड में आज से करीब सवा सौ सहायक शिक्षक स्कूल आना शुरू हो गए हैं। बाकी खंड में भी जल्द ज्वाइन कर दिया जाएगा।
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हालात ये भी हैं कि जिले के स्कूलों में
बता दें कि नूंह जिले में 950 स्कूल हैं। जिनमें 126 सीनियर सेकेंडरी, 08 हाई स्कूल, 306 मिडिल स्कूल, 500 प्राइमरी स्कूल हैं तो पांच आरोही मॉडल तथा पांच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। जिनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। जिले की कुल साक्षरता दर लगभग 54 प्रतिशत है। जिसमें पुरुष साक्षरता दर लगभग 69 प्रतिशत है तो महिला साक्षरता दर 36 प्रतिशत है। मेव महिला साक्षरता दर करीब दस प्रतिशत है। यहां साक्षरता दर कम होने के गरीबी भी है। जिसके कारण नूंह जिला केंद्र सरकार के अति पिछड़े जिलों की श्रेणी में है। छात्रों की नींव रखने वाले प्राइमरी स्कूलों का सबसे बुरा हाल है। यहां स्कूलों में 1061 पद रिक्त हैं। ऐसे में बच्चों की नींव काफी कमजोर रहती हैं और वो आगे चलकर कमजोर स्थिति के पढ़ाई छोड़ देते हैं। यहीं कारण है कि यहां पांचवीं के बाद करीब 60 प्रतिशत छात्र ड्राप आउट हो जाते हैं।
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सहायक शिक्षकों को एक्सटेंशन मिल गई है। इन्हें ज्वाइन कराया जा रहा है। अब काफी हद तक स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी और छात्रों को सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिलेगी। जहां कहीं रह गए हैं उनको आजकल में ज्वाइन करा दिया जाएगा।
- परमजीत चहल, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह
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नूंह। मेवात के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए पिछले साल लगाए गए करीब 600 सहायक शिक्षकों को एक्सटेंशन मिल गई है। इससे एक बार फिर मेवात के स्कूल दोबारा कुछ पटरी पर आने की उम्मीदें बनी हैं। अभी तक इन्हें ज्वाइन नहीं कराया जा रहा था, लेकिन मुद्दे को अमर उजाला ने प्राथमिकता से उठाया, जिस पर शिक्षा विभाग ने इन सहायक शिक्षकों की नियुक्ति करना शुरू कर दी है। जिससे स्कूलों में अध्यापकों की कमी कुछ हद तक ठीक हो जाएगी और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
बता दें यहां पिछले काफी दिनों से कई हजार अध्यापकों के तो बीईओ सहित कई अधिकारियों तक के पद खाली है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई से लेकर सुपरविजन तक नहीं हो पा रहा है। अब गंभीर विषय है कि अध्यापकों की कमी को कुछ हद तक अस्थाई तौर पर पूरा करने के लिए पिछले साल सरकार ने एनजीओ के माध्यम से जो सहायक शिक्षक लगाए थे। उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, लेकिन अब उन्हें एक्सटेंशन दे दी है और दोबारा ज्वाइन कराया जा रहा है। पुन्हाना खंड में आज से करीब सवा सौ सहायक शिक्षक स्कूल आना शुरू हो गए हैं। बाकी खंड में भी जल्द ज्वाइन कर दिया जाएगा।
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हालात ये भी हैं कि जिले के स्कूलों में
बता दें कि नूंह जिले में 950 स्कूल हैं। जिनमें 126 सीनियर सेकेंडरी, 08 हाई स्कूल, 306 मिडिल स्कूल, 500 प्राइमरी स्कूल हैं तो पांच आरोही मॉडल तथा पांच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। जिनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। जिले की कुल साक्षरता दर लगभग 54 प्रतिशत है। जिसमें पुरुष साक्षरता दर लगभग 69 प्रतिशत है तो महिला साक्षरता दर 36 प्रतिशत है। मेव महिला साक्षरता दर करीब दस प्रतिशत है। यहां साक्षरता दर कम होने के गरीबी भी है। जिसके कारण नूंह जिला केंद्र सरकार के अति पिछड़े जिलों की श्रेणी में है। छात्रों की नींव रखने वाले प्राइमरी स्कूलों का सबसे बुरा हाल है। यहां स्कूलों में 1061 पद रिक्त हैं। ऐसे में बच्चों की नींव काफी कमजोर रहती हैं और वो आगे चलकर कमजोर स्थिति के पढ़ाई छोड़ देते हैं। यहीं कारण है कि यहां पांचवीं के बाद करीब 60 प्रतिशत छात्र ड्राप आउट हो जाते हैं।
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सहायक शिक्षकों को एक्सटेंशन मिल गई है। इन्हें ज्वाइन कराया जा रहा है। अब काफी हद तक स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी और छात्रों को सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिलेगी। जहां कहीं रह गए हैं उनको आजकल में ज्वाइन करा दिया जाएगा।
- परमजीत चहल, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह