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किडनी ट्रांसप्लांट में डॉक्टरों का कांड: मरीजों में रिश्ता नहीं, हुई घोर अनियमितता; जल्द होगा करतूत का खुलासा

Fri, 19 Apr 2024 06:01 PM IST
अनुज कुमार मयंक तिवारी, अमर उजाला, गुरुग्राम
मयंक तिवारी, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 19 Apr 2024 06:01 PM IST
सार

जयपुर फोर्टिस के डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट में घोर अनियमितता की है। पुलिस अस्पताल प्रबंधन के साथ डाक्टरों की करतूत का भी खुलासा करेगी। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज मामले में अन्य अस्पताल भी पुलिस के राडार पर हैं। 

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Jaipur Fortis doctors have committed gross irregularities in kidney transplant
होटल में ठहरे थे किडनी कांड से जुड़े लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से किडनी प्रत्यारोपण के मामले में जयपुर फोर्टिस अस्पताल के सर्जरी करने वाले डाक्टरों की भूमिका संदिग्ध है। विभागीय जांच रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि अस्पताल प्रबंधन से लेकर ऑपरेशन करने वाले डाक्टरों को पूरी अनियमितता का पता होता था। मोटी रकम के लालच में उनकी ओर से एक के बाद एक ऑपरेशन किया गया।

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किडनी देने और लेने वालों में नहीं था रिश्ता
अब तक की पुलिस व विभागीय जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान पता होता था कि किडनी देने व लेने वाले का आपस में खून का रिश्ता नहीं है। डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की एनओसी को देखकर आगे बए़ जाते थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम फोर्टिस अस्पताल के दो समन्वयकों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है। उसमें विनोद सिंह और गिरीराज शर्मा शामिल हैं।

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अलग से एफआईआर नहीं होगी
आईएएस अधिकारी रश्मि गुप्ता की जांच रिपोर्ट के बाद जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने फोर्टिस जयपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सूत्रों की माने तो शहर के अन्य नामी-गिरामी अस्पताल भी पुलिस के निशाने पर हैं। जिनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा। इसके लिए कोई अलग से एफआईआर नहीं होगी आगे जांच में ही इनको एक ही एफआईआर में मर्ज किया जाएगा। अंग प्रत्यारोपण की एनओसी की जांच में ईएचसीसी अस्पताल का नाम सामने आ चुका है। पुलिस उसके समन्वयक अनल जोशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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एसबी को कागजात देने में अस्पताल प्रबंधन कर रहे हैं आनाकानी
एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से जयपुर फोर्टिस और ईएचसीसी अस्पताल के सर्जन से उनके पैकेज के बारे में जानकारी मांगी थी। एसीबी यह जानना चाहती है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन कालू करतूत के कितने पेसे लिए जाते थे और उनका बंटवारा किस तरह से होता था। एसीबी के अधिकारी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन की ओर से कुछ कागजात दिए गए हैं, मगर अन्य कागजात आना बाकी है।

गुरुग्राम में शरण लेने वाले विदेशी मरीजों के बयान पर फोर्टिस पर कसा शिकंजा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट दी गई है। उसमें गुरुग्राम में शरण लेने वाले पांचों बांग्लादेशी मरीजों के बयान का जिक्र हैं। इसमें उन्होंने कहा कि वह मुर्तुजा अंसारी व फोर्टिस जयपुर अस्पताल प्रबंधन से बातचीत के बाद अपनी किडनी का ट्रांसप्लांट कराया है।

इसे भी जाने
गौरव सिंह स्वास्थ्य विभाग, विनोद सिंह, फोर्टिस जयपुर अस्पताल का समन्वयक, गिरीराज शर्मा, फोर्टिस जयपुर अस्पताल का समन्वयक, अनिल जोशी , ईएचसीसी अस्पताल का समन्वयक के साथ पांच बांग्लादेश के नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुर्तुजा अंसारी, मोहन नेपाली, कंबोडिया निवासी सूसू, बांग्लादेश निवासी सुलेमान को पुलिस की तलाश है। यह सभी किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले एजेंट हैं।

किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पताल प्रबंधन की ओर से कागजात जमा कराने में कोताही बरती जा रही है। जल्द ही उनसे अन्य कागजात लेने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। - भूपेन्द्र कुमार, एडिशनल एसपी, एसीबी जयपुर।

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