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Gurugram News: नियम ताक पर...मानक फेल, यमुना के अस्तित्व पर खतरा
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100 एमएलडी एसटीपी प्लांट यमुना नदी में छोड़ रहा है दूषित पानी, जलीय जंतु पर बना खतरा
नंबर गेम - 25 से ज्यादा है सीओडी
विराट त्यागी
गुरुग्राम। धनवापुर स्थित 100 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर्यावरण नियमों के अनुसार, पानी को साफ कर यमुना नदी में नहीं छोड़ रहा है। इस कारण यमुना नदी प्रदूषित हो रही है। यमुना नदी के प्रदूषित होने से सिर्फ पानी को ही नहीं बल्कि नदी में पनपने वाले जलीय जंतु पर भी खतरा बना हुआ है। यह खुलासा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की (एचएसपीसीबी) जांच में हुआ। जांच में सामने आया कि 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले पानी में निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, एसटीपी से निकलने वाले पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर 10 तक होना चाहिए, लेकिन जांच में इसका स्तर 25 से अधिक पाया गया है। इसी तरह, केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) का स्तर 250 तक होना चाहिए, जबकि यहां यह 350 से ऊपर पहुंच रहा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं और पानी को प्रभावी ढंग से साफ करने में विफल हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए चिंताजनक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। नियमों का पालन नहीं करने पर सोहना प्लांट पर एचएसपीसीबी की तरफ से 30 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है।
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धनवापुर का 100 एमएलडी का पुराना संयंत्र है। इसे अपग्रेड किया जा रहा है। वर्तमान में संयंत्र के 25 एमएलडी पानी को तृतीयक स्तर पर फिल्टर किया जा रहा है। शेष 75 एमएलडी पानी को भी तृतीयक स्तर पर करने के लिए जरूरी उपकरण लगाने का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद यह संयंत्र तय मानकों के अनुरूप हो जाएगा। -विभोर दुहन, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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नंबर गेम - 25 से ज्यादा है सीओडी
विराट त्यागी
गुरुग्राम। धनवापुर स्थित 100 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर्यावरण नियमों के अनुसार, पानी को साफ कर यमुना नदी में नहीं छोड़ रहा है। इस कारण यमुना नदी प्रदूषित हो रही है। यमुना नदी के प्रदूषित होने से सिर्फ पानी को ही नहीं बल्कि नदी में पनपने वाले जलीय जंतु पर भी खतरा बना हुआ है। यह खुलासा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की (एचएसपीसीबी) जांच में हुआ। जांच में सामने आया कि 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले पानी में निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, एसटीपी से निकलने वाले पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर 10 तक होना चाहिए, लेकिन जांच में इसका स्तर 25 से अधिक पाया गया है। इसी तरह, केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) का स्तर 250 तक होना चाहिए, जबकि यहां यह 350 से ऊपर पहुंच रहा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं और पानी को प्रभावी ढंग से साफ करने में विफल हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए चिंताजनक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। नियमों का पालन नहीं करने पर सोहना प्लांट पर एचएसपीसीबी की तरफ से 30 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है।
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धनवापुर का 100 एमएलडी का पुराना संयंत्र है। इसे अपग्रेड किया जा रहा है। वर्तमान में संयंत्र के 25 एमएलडी पानी को तृतीयक स्तर पर फिल्टर किया जा रहा है। शेष 75 एमएलडी पानी को भी तृतीयक स्तर पर करने के लिए जरूरी उपकरण लगाने का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद यह संयंत्र तय मानकों के अनुरूप हो जाएगा। -विभोर दुहन, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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