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50 लाख लेकर क्लीन चिट देने के आरोप में इंस्पेक्टर निलंबित
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गुरुग्राम। राजेंद्रा पार्क थाना क्षेत्र स्थित एसजीटी यूनिवर्सिटी में दिनदहाड़े मेडिकल छात्र विनीत की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपराध शाखा सेक्टर दस के प्रभारी बिजेंद्र हुड्डा को निलंबित कर दिया गया है।
विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीके अग्रवाल को रिपोर्ट भेजी थी। उसमें कहा गया था कि जांच करने वाले इंस्पेक्टर पर 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। डीजीपी के आदेश के बाद पुलिस आयुक्त केके राव ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। 8 अक्तूबर 2021 को उत्तर प्रदेश जिला शामली के रहने वाले मेडिकल छात्र विनीत की हत्या के मामले की जांच राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस कर रही थी।
किसी की गिरफ्तारी नहीं होने और जांच में देरी होने के कारण पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जांच अपराध शाखा को सौंपी गई थी। बाद में मुख्य आरोपी पंखिल उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। शिकायत के बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। जांच के दौरान मिली जानकारी के बाद एसटीएफ की आईजी ममता सिंह ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए 50 लाख रुपये रिश्वत लेने की बात सामने आई है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि पुलिस महानिदेशक की ओर से आए पत्र के बाद कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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क्या है मामला
विनीत बीएएमएस का छात्र था। 8 अक्तूबर को नितेश, राहुल, पंखिल उर्फ लक्की और युवती हिमानी ने विनीत को रोक लिया। लक्की ने विनीत के पेट में गोली मारी थी। इससे उसकी मौत हो गई। नितेश, राहुल, लक्की और हिमानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक लॉ तृतीय वर्ष के छात्र लक्की ने विनीत को युवती से दोस्ती करने की वजह से गोली मारी थी।
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विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीके अग्रवाल को रिपोर्ट भेजी थी। उसमें कहा गया था कि जांच करने वाले इंस्पेक्टर पर 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। डीजीपी के आदेश के बाद पुलिस आयुक्त केके राव ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। 8 अक्तूबर 2021 को उत्तर प्रदेश जिला शामली के रहने वाले मेडिकल छात्र विनीत की हत्या के मामले की जांच राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस कर रही थी।
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किसी की गिरफ्तारी नहीं होने और जांच में देरी होने के कारण पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जांच अपराध शाखा को सौंपी गई थी। बाद में मुख्य आरोपी पंखिल उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। शिकायत के बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। जांच के दौरान मिली जानकारी के बाद एसटीएफ की आईजी ममता सिंह ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए 50 लाख रुपये रिश्वत लेने की बात सामने आई है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि पुलिस महानिदेशक की ओर से आए पत्र के बाद कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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क्या है मामला
विनीत बीएएमएस का छात्र था। 8 अक्तूबर को नितेश, राहुल, पंखिल उर्फ लक्की और युवती हिमानी ने विनीत को रोक लिया। लक्की ने विनीत के पेट में गोली मारी थी। इससे उसकी मौत हो गई। नितेश, राहुल, लक्की और हिमानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक लॉ तृतीय वर्ष के छात्र लक्की ने विनीत को युवती से दोस्ती करने की वजह से गोली मारी थी।