फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Inscriptions will be installed on Ram Van Gaman Marg 290 places of eight states have been identified

Gurugram: राम वन गमन मार्ग पर लगेंगे शिलालेख, आठ राज्यों के 290 स्थान किए गए चिन्हित

Wed, 23 Nov 2022 05:15 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 23 Nov 2022 05:15 PM IST
सार

महेश भागचन्दका ने बताया कि शिलालेख चार भाषाओं में होंगे। इनकी स्थापना से सालों तक राम भक्तों को प्रेरणा मिलती रहेगी। श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान और अशोक सिंघल फाउंडेशन के बीच इस इन शिलालेखों की स्थापना को लेकर एक अनुबंध हुआ है।

विज्ञापन
Inscriptions will be installed on Ram Van Gaman Marg 290 places of eight states have been identified
श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान और श्री अशोक सिंघल फाउंडेशन के बीच हुई अनुबंध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री अशोक सिंघल फाउंडेशन और श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान ने पूरे राम वन गमन मार्ग पर शिलालेख लगाने का फैसला किया है। शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राम अवतार शर्मा ने 40 वर्षों के शोध के बाद 290 स्थान चिन्हित किए हैं, जहां 14 वर्ष के वनवास के दौरान प्रभु श्री राम गए थे। ये स्थान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल सहित आठ राज्यों में स्थित हैं। 

विज्ञापन


डॉ. राम अवतार शर्मा ने बताया कि इनमें से बहुत से स्थल ऐसे हैं, जो उपेक्षित पड़े हैं और केवल चुनिंदा स्थानीय निवासियों को ही उनके बारे में जानकारी है। अब इन स्थलों का महत्व बताते हुए वहां पर शिलालेख लगाए जाएंगे। 
विज्ञापन


श्री अशोक सिंघल फाउंडेशन के अध्यक्ष महेश भागचंदका के मुताबिक राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर राम मंदिर निर्माण में अशोक सिंघल का अद्वितीय योगदान है। अशोक सिंघल प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त थे और उनसे जुड़े सभी स्थानों का पुनरुद्धार करने के पक्षधर थे। अशोक सिंघल की इसी भावना को देखते हुए अशोक सिंघल फाउंडेशन ने श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान के साथ मिलकर संयुक्त रूप से राम वन गमन मार्ग के सभी स्थानों पर शिलालेख लगाने का संकल्प लिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महेश भागचन्दका ने बताया कि शिलालेख चार भाषाओं में होंगे। इनकी स्थापना से सालों तक राम भक्तों को प्रेरणा मिलती रहेगी। श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान और श्री अशोक सिंघल फाउंडेशन के बीच इस इन शिलालेखों की स्थापना को लेकर एक अनुबंध हुआ है। संस्था के उप-प्रधान अतुल सिंघल और महासचिव जगदीश राय गोयल ने बताया कि इस कार्य में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्रालयों के साथ-साथ राज्य सरकारों का भी सहयोग लिया जाएगा। शिलालेख लगने से ना केवल प्रभु श्रीराम के वन गमन के बारे में श्रद्धालुओं को पूरी जानकारी मिलेगी बल्कि इनसे सनातन संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। दोनों संस्थाओं के मध्य इस अनुबंध पत्र हस्ताक्षर के समय में जय पारीक और संजय कौल भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed