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इनेलो ने कृषि कानूनों के खिलाफ निकाला मार्च
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इनेलो ने कृषि कानूनों के खिलाफ निकाला मार्च
गुरुग्राम। जिले में कृषि कानूनों के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने मंगलवार को पैदल मार्च निकाला और इसे वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। मार्च का नेतृत्व जिला प्रभारी रोहतास सिंह खर्ब ने किया।
इनेलो के नेता एवं कार्यकर्ता पंचायत घर के समक्ष एकत्रित हुए और वहां से लघु सचिवालय तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मौके पर रोहतास सिंह खर्ब ने कहा कि यह कानून किसान के शोषक और पूंजीपतियों के पोषक है। किसानों के व्यापक हित में इसे वापस लिया जाना अति आवश्यक है। वहीं प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर तंवर ने कहा कि कृषि कानून अन्नदाता और उपभोक्ता के लिए मौत का फतवा है। कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य का उल्लेख नहीं होना, अनुबंध खेती की परिकल्पना आदि खामियां किसान विरोधी है।
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मार्च में जिला अध्यक्ष रोहतास खटाना, पूर्व चेयरमैन एडवोकेट ब्रह्म प्रकाश जांगड़ा, अटल बीर कटारिया, शमशेर कटारिया, पपली सरपंच, कैप्टन सुरेंद्र यादव, राजेंद्र धनखड़, चरण सिंह डागर, सोनू आदि भी मौजूद थे।
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गुरुग्राम। जिले में कृषि कानूनों के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने मंगलवार को पैदल मार्च निकाला और इसे वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। मार्च का नेतृत्व जिला प्रभारी रोहतास सिंह खर्ब ने किया।
इनेलो के नेता एवं कार्यकर्ता पंचायत घर के समक्ष एकत्रित हुए और वहां से लघु सचिवालय तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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इस मौके पर रोहतास सिंह खर्ब ने कहा कि यह कानून किसान के शोषक और पूंजीपतियों के पोषक है। किसानों के व्यापक हित में इसे वापस लिया जाना अति आवश्यक है। वहीं प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर तंवर ने कहा कि कृषि कानून अन्नदाता और उपभोक्ता के लिए मौत का फतवा है। कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य का उल्लेख नहीं होना, अनुबंध खेती की परिकल्पना आदि खामियां किसान विरोधी है।
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मार्च में जिला अध्यक्ष रोहतास खटाना, पूर्व चेयरमैन एडवोकेट ब्रह्म प्रकाश जांगड़ा, अटल बीर कटारिया, शमशेर कटारिया, पपली सरपंच, कैप्टन सुरेंद्र यादव, राजेंद्र धनखड़, चरण सिंह डागर, सोनू आदि भी मौजूद थे।