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Gurugram News: फसलों का सर्वेक्षण कर किसानों को दी गई कीट प्रबंधन की जानकारी
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राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली मोबाइल एप के उपयोग की भी दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केंद्र, फरीदाबाद एवं जिला कृषि विभाग, गुरुग्राम के अधिकारियों द्वारा कपास सहित अन्य फसलों का सर्वेक्षण किया गया।
जिला कृषि विभाग, गुरुग्राम के उप कृषि निदेशक डॉ. अनिल कुमार एवं सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. सोनिया के सहयोग से यह सर्वेक्षण जिला गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में किया गया। सर्वेक्षण के दौरान किसानों को कपास एवं अन्य फसलों में लगने वाले कीट और व्याधियों की पहचान तथा उनसे निपटने के लिए यांत्रिक एवं जैविक कीटनाशक (बायो पेस्टीसाइड) उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को सुझाव दिया गया कि फसल के शुरुआती चरण में प्रत्येक खेत में कीटों की निगरानी और रोकथाम के लिए 4 फेरोमोन ट्रैप लगाएं तथा कपास या अन्य फसलों के लिए उपयुक्त ल्योर का उपयोग करें।
इसके अतिरिक्त, किसानों को राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) मोबाइल एप के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी फसल में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान एवं समाधान तुरंत प्राप्त कर सकें।
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इस अवसर पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सीआईपीएमसी, फरीदाबाद से लक्ष्मीकांत (सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी), रूबी (वैज्ञानिक सहायक) एवं आस्था हुड्डा (तकनीकी अधिकारी), तथा हरियाणा राज्य सरकार के जिला कृषि विभाग से डॉ. सोनिया (सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी), डॉ. सत्येन्द्र सिंह (कृषि विकास अधिकारी) एवं अन्य गणमान्य किसान उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केंद्र, फरीदाबाद एवं जिला कृषि विभाग, गुरुग्राम के अधिकारियों द्वारा कपास सहित अन्य फसलों का सर्वेक्षण किया गया।
जिला कृषि विभाग, गुरुग्राम के उप कृषि निदेशक डॉ. अनिल कुमार एवं सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. सोनिया के सहयोग से यह सर्वेक्षण जिला गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में किया गया। सर्वेक्षण के दौरान किसानों को कपास एवं अन्य फसलों में लगने वाले कीट और व्याधियों की पहचान तथा उनसे निपटने के लिए यांत्रिक एवं जैविक कीटनाशक (बायो पेस्टीसाइड) उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को सुझाव दिया गया कि फसल के शुरुआती चरण में प्रत्येक खेत में कीटों की निगरानी और रोकथाम के लिए 4 फेरोमोन ट्रैप लगाएं तथा कपास या अन्य फसलों के लिए उपयुक्त ल्योर का उपयोग करें।
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इसके अतिरिक्त, किसानों को राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) मोबाइल एप के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी फसल में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान एवं समाधान तुरंत प्राप्त कर सकें।
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इस अवसर पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सीआईपीएमसी, फरीदाबाद से लक्ष्मीकांत (सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी), रूबी (वैज्ञानिक सहायक) एवं आस्था हुड्डा (तकनीकी अधिकारी), तथा हरियाणा राज्य सरकार के जिला कृषि विभाग से डॉ. सोनिया (सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी), डॉ. सत्येन्द्र सिंह (कृषि विकास अधिकारी) एवं अन्य गणमान्य किसान उपस्थित रहे।