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Gurugram News: बादशाहपुर तहसील में आयकर विभाग का छापा, छह साल की रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाला
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बादशाहपुर तहसील के सामने खड़ी आयकर विभाग की गाड़ी । विभाग
फोटो -
23 हजार रजिस्ट्रियों में करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन की जांच, खरीद-फरोख्त करने वालों ने विभाग को नहीं दिया ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बादशाहपुर क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के बड़े कारोबार पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की सात सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को बादशाहपुर तहसील कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने पिछले छह साल में हुईं करीब 23 हजार रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाला। इन रजिस्ट्रियों में करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। जांच टीम में आयकर विभाग के इंटेलिजेंस विंग और आपराधिक जांच से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
आयकर विभाग पता लगा रहा है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों ने वास्तविक लेन-देन और उससे संबंधित आय का ब्योरा विभाग को दिया है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों ने यह ब्योरा आयकर विभाग को नहीं दिया। अब तहसील रिकॉर्ड और आयकर विभाग के पास उपलब्ध वित्तीय सूचनाओं का मिलान किया जा रहा है।
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छह साल के रिकॉर्ड से खुलेगा जमीन कारोबार का राज
टीम वर्षवार रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। खास तौर पर बड़े मूल्य की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री में दर्ज रकम और संबंधित पक्षों की घोषित आय पर नजर है। विभाग पता लगा रहा है कि कहीं रजिस्ट्री में दर्ज लेन-देन और आयकर रिटर्न में घोषित आय के बीच बड़ा अंतर तो नहीं है।
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तेजी से बढ़ते बादशाहपुर पर विभाग की नजर
बादशाहपुर और आसपास का इलाका पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम के बड़े रियल एस्टेट हब के रूप में तेजी से उभरा है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के विस्तार के साथ यहां जमीन की कीमतों और खरीद-फरोख्त में भी बड़ा उछाल आया है। ऐसे में छह साल की 23 हजार रजिस्ट्रियों और करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड आयकर विभाग की जांच के दायरे में आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच इस बात पर टिक गई है कि 36 हजार करोड़ रुपये के इस जमीन कारोबार में कितना लेन-देन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है और कितना आयकर के दायरे से बाहर रहा।
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23 हजार रजिस्ट्रियों में करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन की जांच, खरीद-फरोख्त करने वालों ने विभाग को नहीं दिया ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बादशाहपुर क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के बड़े कारोबार पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की सात सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को बादशाहपुर तहसील कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने पिछले छह साल में हुईं करीब 23 हजार रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाला। इन रजिस्ट्रियों में करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। जांच टीम में आयकर विभाग के इंटेलिजेंस विंग और आपराधिक जांच से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
आयकर विभाग पता लगा रहा है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों ने वास्तविक लेन-देन और उससे संबंधित आय का ब्योरा विभाग को दिया है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों ने यह ब्योरा आयकर विभाग को नहीं दिया। अब तहसील रिकॉर्ड और आयकर विभाग के पास उपलब्ध वित्तीय सूचनाओं का मिलान किया जा रहा है।
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छह साल के रिकॉर्ड से खुलेगा जमीन कारोबार का राज
टीम वर्षवार रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। खास तौर पर बड़े मूल्य की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री में दर्ज रकम और संबंधित पक्षों की घोषित आय पर नजर है। विभाग पता लगा रहा है कि कहीं रजिस्ट्री में दर्ज लेन-देन और आयकर रिटर्न में घोषित आय के बीच बड़ा अंतर तो नहीं है।
तेजी से बढ़ते बादशाहपुर पर विभाग की नजर
बादशाहपुर और आसपास का इलाका पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम के बड़े रियल एस्टेट हब के रूप में तेजी से उभरा है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के विस्तार के साथ यहां जमीन की कीमतों और खरीद-फरोख्त में भी बड़ा उछाल आया है। ऐसे में छह साल की 23 हजार रजिस्ट्रियों और करीब 36 हजार करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड आयकर विभाग की जांच के दायरे में आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच इस बात पर टिक गई है कि 36 हजार करोड़ रुपये के इस जमीन कारोबार में कितना लेन-देन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है और कितना आयकर के दायरे से बाहर रहा।