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Gurugram News: बिचौलियाें की तलाश में सीबीआई ने दूसरे दिन भी दर्ज किए किसानों के बयान
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मानेसर भूमि घोटाला प्रकरण:
अब तक 64 लोगों के बयान किए जा चुके हैं दर्ज
भूमि घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी हैं आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दस साल पहले मानेसर भूमि घोटाले की जांच करने वाली सीबीआई टीम एक बार फिर किसानों का बयान दर्ज कर रही है। सीबीआई टीम इस बार उस व्यक्ति की तलाश में है, जिसने 912 एकड़ जमीन को बिकवाने में बिल्डर और किसानों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाई थी।
बृहस्पतिवार को किसानों के बयान दर्ज करने सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम मानेसर पहुंची। टीम द्वारा देर शाम तक किसानों के बयान दर्ज किए गए। सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी 36 किसानों के बयान दर्ज किए। टीम की ओर से अब तक कुल 182 किसानों में 66 किसानों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। बता दें कि सीबीआई की टीम इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में बयान दर्ज कर रही है। अदालत में रिट करने वाले 182 किसानों की ओर से बयान दर्ज कराया जाना है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए मास्टर प्लान में दस साल पहले मानेसर व आसपास के चार गांव की 912 एकड़ जमीन को भूमि अधिग्रहण के डर से किसानों ने बिल्डरों को औने-पौने दाम में बेच दिया था। इस मामले में मानेसर गांव के पूर्व सरपंच के बयान पर मानेसर थाने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारी व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मानेसर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसानों की जमीन के इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने 15 मई 2015 को यह मामला दर्ज किया था। किसानों के मालिकाना हक को देखते हुए 700 से अधिक किसानों को न्याय दिलाया जा चुका है। बिल्डर की ओर से जितने पैसे का घाटा हुआ था, उसकी रकम एचएसआईआईडीसी से दिलाई जा रही है।
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अब तक 64 लोगों के बयान किए जा चुके हैं दर्ज
भूमि घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी हैं आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दस साल पहले मानेसर भूमि घोटाले की जांच करने वाली सीबीआई टीम एक बार फिर किसानों का बयान दर्ज कर रही है। सीबीआई टीम इस बार उस व्यक्ति की तलाश में है, जिसने 912 एकड़ जमीन को बिकवाने में बिल्डर और किसानों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाई थी।
बृहस्पतिवार को किसानों के बयान दर्ज करने सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम मानेसर पहुंची। टीम द्वारा देर शाम तक किसानों के बयान दर्ज किए गए। सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी 36 किसानों के बयान दर्ज किए। टीम की ओर से अब तक कुल 182 किसानों में 66 किसानों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। बता दें कि सीबीआई की टीम इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में बयान दर्ज कर रही है। अदालत में रिट करने वाले 182 किसानों की ओर से बयान दर्ज कराया जाना है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए मास्टर प्लान में दस साल पहले मानेसर व आसपास के चार गांव की 912 एकड़ जमीन को भूमि अधिग्रहण के डर से किसानों ने बिल्डरों को औने-पौने दाम में बेच दिया था। इस मामले में मानेसर गांव के पूर्व सरपंच के बयान पर मानेसर थाने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिकारी व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मानेसर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसानों की जमीन के इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने 15 मई 2015 को यह मामला दर्ज किया था। किसानों के मालिकाना हक को देखते हुए 700 से अधिक किसानों को न्याय दिलाया जा चुका है। बिल्डर की ओर से जितने पैसे का घाटा हुआ था, उसकी रकम एचएसआईआईडीसी से दिलाई जा रही है।
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