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Gurugram News: औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बना आईएमटी मानेसर फेज-5
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। हरियाणा में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों की ई-नीलामी शुरू कर दी है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक ध्यान आईएमटी मानेसर फेज-5 पर है, जहां औद्योगिक भूखंडों की आरक्षित कीमत प्रदेश में सबसे ज्यादा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी के अनुसार, आईएमटी मानेसर फेज-5 में औद्योगिक भूखंडों का आरक्षित मूल्य 68,800 रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया है, जो प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से अधिक है। इसके अलावा अंबाला के आईजीसी साहा फेज-2, सोनीपत के आईएमटी खरखौदा, आईई कुंडली और आईई राय, सिरसा, जींद, फरीदाबाद और पंचकूला एक्सटेंशन-2 में भी भूखंडों की ई-नीलामी की जा रही है।
इस बार ई-नीलामी में सामान्य औद्योगिक प्लॉटों के साथ फार्मा पार्क और आईटी गतिविधियों के लिए भी भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, फार्मा और आईटी क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि ई-नीलामी में अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे छोटे प्लॉट 250 वर्गमीटर से शुरू होते हैं, जबकि बड़े उद्योगों के लिए 16 हजार वर्गमीटर तक के प्लॉट भी उपलब्ध हैं। इससे छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े औद्योगिक समूहों तक सभी अपनी जरूरत के अनुसार जमीन चुन सकेंगे।
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मानेसर। हरियाणा में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के भूखंडों की ई-नीलामी शुरू कर दी है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक ध्यान आईएमटी मानेसर फेज-5 पर है, जहां औद्योगिक भूखंडों की आरक्षित कीमत प्रदेश में सबसे ज्यादा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी के अनुसार, आईएमटी मानेसर फेज-5 में औद्योगिक भूखंडों का आरक्षित मूल्य 68,800 रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया है, जो प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से अधिक है। इसके अलावा अंबाला के आईजीसी साहा फेज-2, सोनीपत के आईएमटी खरखौदा, आईई कुंडली और आईई राय, सिरसा, जींद, फरीदाबाद और पंचकूला एक्सटेंशन-2 में भी भूखंडों की ई-नीलामी की जा रही है।
इस बार ई-नीलामी में सामान्य औद्योगिक प्लॉटों के साथ फार्मा पार्क और आईटी गतिविधियों के लिए भी भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, फार्मा और आईटी क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि ई-नीलामी में अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे छोटे प्लॉट 250 वर्गमीटर से शुरू होते हैं, जबकि बड़े उद्योगों के लिए 16 हजार वर्गमीटर तक के प्लॉट भी उपलब्ध हैं। इससे छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े औद्योगिक समूहों तक सभी अपनी जरूरत के अनुसार जमीन चुन सकेंगे।
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