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Gurugram News: रावली में अवैध खनन जारी ...गायब हो गई कई पहाड़ी

Fri, 20 Jan 2023 07:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jan 2023 07:37 PM IST
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Illegal mining continues in Aravalli ...
अरावली में अवैध खनन जारी ...गायब हो गई कई पहाड़ी
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तेजी से बढ़ रहा शहरीकरण बना रहा पहाड़ों के क्षरण का कारण, एफएसआई की रिपोर्ट के अनुसार-जिले में घटा सबसे अधिक जंगल

विवेक कुमार सिंह

गुरुग्राम। अरावली में अवैध खनन लगातार जारी है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद अवैध खनन के इस कारोबार पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। हालत यह है कि अरावली में कई पहाड़ों की चोटियां ही गायब हो चुकी हैं। जगह-जगह बारूद से पहाड़ को काटकर पत्थरों के खनन से वहां गड्ढे तक हो गए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह जिलों के साथ ही राज्य की सीमा से सटे राजस्थान के कई जिलों में अरावली का तेजी से क्षरण किया जा रहा है। राजस्थान के एक मामले में तो वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट तल्ख टिप्पणी भी कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि... 28 पहाड़ियां आखिर कहां गायब हो गईं। क्या लोग हनुमान बन गए हैं जो पहाड़ उठाकर भागे जा रहे हैं।

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सर्वोच्च न्यायालय लगा चुका है पूर्ण प्रतिबंध

वर्ष 2009 में सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली वन क्षेत्र में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद गुरुग्राम समेत नूंह और फरीदाबाद में पहाड़ों वऔर जंगल का क्षरण अवैध तरीके से जारी है। पहाड़ों में अवैध रुप से चल रही खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में आ गया है। 2021 में जारी एफएसआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक जंगल क्षरण गुरुग्राम में हुआ है। वर्ष 2019 से 2020 के बीच करीब 247 हेक्टेयर जंगल कम हो चुका है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इसका मुख्य कारण अरावली में हो रही गैरकानूनी गतिविधियां और बढ़ रहा शहरीकरण है।
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जिले में सबसे ज्यादा अरावली की पर्वत शृंखला
अरावली पहाड़ियों की मुख्य उपस्थिति गुरुग्राम में पाई जाती है। 1,18,736 हेक्टेयर के कुल क्षेत्रफल में से अरावली की पहाड़ियां गुरुग्राम के 11,256 हेक्टेयर क्षेत्र तक विस्तारित है। इसके अलावा यह फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और मेवात से होकर भी गुजरती है। जहां खनन दबंगों और असरदारों द्वारा इसके बड़े हिस्से में अवैध रूप से मैरिज हॉल, आश्रम, गोशाला और फार्म हाउस बनाकर कब्जा कर लिया गया है। इससे अरावली का वन क्षेत्र सिमट रहा है।
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जब न्यायामूर्ति ने की टिप्पणी ...क्या लोग बन गए हैं हनुमान
हरियाणा के अलावा राजस्थान में भी अरावली का बड़े पैमाने पर क्षरण हो रहा है। 2018 में केंद्रीय अधिकाकिरता कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में 15-20 फीसदी पहाड़ियां गायब हो चुकी हैं। अवैध खनन की वजह से राजस्थान में अरावली क्षेत्र की 128 में से 31 पहाड़ियां विलुप्त हो चुकी हैं। इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायमूर्ति मदन बी. लाकुर ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था, अगर देश से पहाड़ ही गायब हो जाएंगे तो क्या होगा, क्या लोग हनुमान बन गए हैं जो पहाड़ियां लेकर भागे जा रहे हैं।

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मेवात क्षेत्र में अवैध खनन आजीविका का हिस्सा
साल 2018 में जारी नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुुसार, देश का सबसे पिछड़ा जिला होने का खिताब मेवात को मिला था। टीकाकरण, बीच में पढ़ाई छोड़ना, शिशु मृत्यु दर आदि के आधार पर यह सूची जारी कि गई थी। यही कारण है कि यहां अवैध खनन लोगों की रोजी-रोटी का हिस्सा है। इसी क्षेत्र में बीते वर्ष जुलाई में अवैध खनन रोकने गए डीएसपी सुरेंद्र सिंह की खनन माफिया ने हत्या कर दी गई थी।

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इन क्षेत्रों में देखी गई हैं अवैध खनन गतिविधियां (पर्यावरण कार्यकर्ताओं के अनुसार)

गुरुग्राम क्षेत्र
- पंडाला हिल्स, गैरतपुर गांव
- टीकली गांव
- जलालपुर गांव, सोहना
- कोटा खंडेवाला, मानेसर
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नूंह क्षेत्र
-तावडू
-बिस्सर अकबरपुर गांव
-पल्ला गांव
-मेओली गांव
-हिरवारी गांव
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फरीदाबाद क्षेत्र
- भारद्वाज लेक
- कोट गांव
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जनवरी से दिसंबर 2022 के बीच खनन विभाग द्वारा पत्थर और बजरी ले जाते समय पकड़े गए वाहन
जिला जब्त वाहन एफआईआर
नूूंह 306 42
गुरुग्राम 58 27

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अरावली घटने से क्या होगा नुकसान
- गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्र में ग्लोबल वार्मिंग में होगी बढ़ोतरी
- लोगों के स्वास्थ्य पर होगा नकारात्मक असर
- पारिस्थितिकी तंत्र को होगा नुकसान

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पत्थरों पर सफेद रंग लगा रहा खनन विभाग
ग्रामीण अरावली के पत्थरों को उठाकर निजी उपयोग में ले लेते हैं। इससे धीरे-धीरे ही सही अरावली को नुकसान हो रहा है। इससे बचने के लिए खनन विभाग ने इन पत्थरों पर सफेद रंग लगा दिया है, जिससे दोबारा निरीक्षण करने पर इनकी पहचान हो सके और अपनी मूल जगह पर ना मिलने पर स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

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जिले में अरावली को बचाने का हर संभव प्रयास हो रहा है। गुरुग्राम मंडल में कहीं भी छिटपुट अवैध खनन की सूूचना मिलते ही उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। प्रतिदिन औसतन करीब पांच से सात ट्रक पकड़े जाते हैं। ग्रामीणों को समझाकर उनको पहाड़ों का महत्व बताया जाता है। - अनिल कुमार, जिला खनन अधिकारी

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अरावली में जगह-जगह अवैध रूप से खनन गतिविधियां चल रही हैं। यह क्षेत्र गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह के चारों ओर फैला है। इसके लिए अलावा शहर में हो रहे अनियंत्रित निर्माण के लिए काटे जा रहे पेड़ भी क्षरण का बड़ा कारण है। हमारी संस्था ने दक्षिण हरियाणा के क्षेत्र में ऐसे करीब 16 क्षेत्र चिह्नित किए हैं। - नीलम अहलूवालिया, पर्यावरण प्रेमी
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