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Gurugram News: सुशांत लोक में अवैध आईवीएफ सेंटर सील, 84 भ्रूण किए स्थानांतरित
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अल्ट्रासाउंड सेंटर की आड़ में चल रहा था, 15 दिन पहले मिली थी सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्थित सुशांत लोक में एक साल से अवैध रूप से संचालित हो रहे आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह राज्य में पकड़ा गया पहला ऐसा सेंटर है जिसे बिना किसी वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड सेंटर की आड़ में चलाया जा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अलका सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को 15 दिन पहले इस सेंटर में अवैध गतिविधियों की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान यहां से 84 भ्रूण बरामद किए गए जिन्हें तुरंत स्थानांतरित कर सुरक्षित किया गया।
सेंटर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के पास न तो कोई चिकित्सा योग्यता थी और न ही नियमों के अनुरूप पंजीकरण। इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा था। यह सेंटर पूरी तरह से असंवैधानिक तरीके से चल रहा था, न ही वहां काम कर रहे लोगो से कोई संतोषजनक जवाब मिला था।
राज्य बोर्ड की ओर से एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी) केंद्रों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे। सेंटर संचालकों पर दस साल की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान लागू किया जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य दोषियों की तलाश की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्थित सुशांत लोक में एक साल से अवैध रूप से संचालित हो रहे आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह राज्य में पकड़ा गया पहला ऐसा सेंटर है जिसे बिना किसी वैध पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड सेंटर की आड़ में चलाया जा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अलका सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को 15 दिन पहले इस सेंटर में अवैध गतिविधियों की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान यहां से 84 भ्रूण बरामद किए गए जिन्हें तुरंत स्थानांतरित कर सुरक्षित किया गया।
सेंटर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के पास न तो कोई चिकित्सा योग्यता थी और न ही नियमों के अनुरूप पंजीकरण। इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा था। यह सेंटर पूरी तरह से असंवैधानिक तरीके से चल रहा था, न ही वहां काम कर रहे लोगो से कोई संतोषजनक जवाब मिला था।
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राज्य बोर्ड की ओर से एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी) केंद्रों पर सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे। सेंटर संचालकों पर दस साल की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान लागू किया जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है और अन्य दोषियों की तलाश की जा रही है।
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