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जलभराव की समस्या हल नहीं तो पैदल पथ को ही किया बंद
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गुरुग्राम। जलभराव के मुद्दे पर नगर निगम व जीएमडीए (गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण) पहले से ही समर्पण की मुद्रा में हैं तो अब एनएचएआई भी लोगों की सहूलियत को दरकिनार कर मनमाने फैसले लेते हुए जलनिकासी की समस्या से बचने के लिए अब रास्तों को ही बंद कर रहा है। राजीव चौक भूमिगत पैदल पथ में लगे शटर व ताले को देखते हुए तो कम से कम यही कहा जा सकता है। थोड़ी सी बारिश के बाद ही यहां पर बड़े पैमाने पर जलभराव हो जाता था, जिसे देखते हुए अधिकारियों ने भूमिगत पैदल पथ के प्रवेश मार्ग का शटर बंद कर उसमें ताला जड़ दिया है।
पिछले कुछ समय के दौरान महज तीन-चार दिन ही मानसून की बारिश हुई है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही पूरा शहर तालाब में तब्दील नजर आया तो शहर के लगभग सभी अंडरपास जलमग्न हो गए। इसी क्रम में राजीव चौक भूमिगत पैदल पथ में भी व्यापक तौर पर जलभराव देखने को मिला था। ऐसे में यहां पर जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था करने की बजाय प्रशासन ने इसके प्रवेश द्वार पर लगे शटर को ही बंद कर दिया। पैदल पथ के बंद होने के बाद राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के लिए था आसान रास्ता
जिन लोगों को पैदल, साइकिल व मोटरसाइकिल से ताऊ देवीलाल स्टेडियम या फिर मेदांता अस्पताल की तरफ जाना होता था उनके लिए यह पैदल पथ काफी महत्वपूर्ण था। लोग इसके जरिए बिना राजीव चौक पर गए सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य को निकल जाते थे लेकिन अब प्रवेश मार्ग के अवरुद्ध होने के बाद लोगों को राजीव चौक से होते हुए जाना पड़ रहा है।
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पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा समस्या
इसमें पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है, जिनके राजीव चौक से जाने के दौरान दोनों तरफ से आ रहे तेज वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को दरकिनार करते हुए पैदल पाथ के मार्ग में शटर लगाकर उसमें ताला लगा दिया है।
जलभराव व बिजली की लाइन में समस्या के कारण भूमिगत पैदल पथ को बंद कराया गया था। समस्या को दुरुस्त कर लिया गया है। इसे जल्दी ही फिर से राहगीरों के लिए खोल दिया जाएगा।
- निर्माण जांबुलकर, परियोजना निदेशक (द्वारका एक्सप्रेसवे) एनएचएआई।
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पिछले कुछ समय के दौरान महज तीन-चार दिन ही मानसून की बारिश हुई है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही पूरा शहर तालाब में तब्दील नजर आया तो शहर के लगभग सभी अंडरपास जलमग्न हो गए। इसी क्रम में राजीव चौक भूमिगत पैदल पथ में भी व्यापक तौर पर जलभराव देखने को मिला था। ऐसे में यहां पर जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था करने की बजाय प्रशासन ने इसके प्रवेश द्वार पर लगे शटर को ही बंद कर दिया। पैदल पथ के बंद होने के बाद राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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लोगों के लिए था आसान रास्ता
जिन लोगों को पैदल, साइकिल व मोटरसाइकिल से ताऊ देवीलाल स्टेडियम या फिर मेदांता अस्पताल की तरफ जाना होता था उनके लिए यह पैदल पथ काफी महत्वपूर्ण था। लोग इसके जरिए बिना राजीव चौक पर गए सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य को निकल जाते थे लेकिन अब प्रवेश मार्ग के अवरुद्ध होने के बाद लोगों को राजीव चौक से होते हुए जाना पड़ रहा है।
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पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा समस्या
इसमें पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है, जिनके राजीव चौक से जाने के दौरान दोनों तरफ से आ रहे तेज वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को दरकिनार करते हुए पैदल पाथ के मार्ग में शटर लगाकर उसमें ताला लगा दिया है।
जलभराव व बिजली की लाइन में समस्या के कारण भूमिगत पैदल पथ को बंद कराया गया था। समस्या को दुरुस्त कर लिया गया है। इसे जल्दी ही फिर से राहगीरों के लिए खोल दिया जाएगा।
- निर्माण जांबुलकर, परियोजना निदेशक (द्वारका एक्सप्रेसवे) एनएचएआई।