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Gurugram News: डिजिटल बोर्ड बंद मिले तो प्रधानाचार्य व इंचार्ज होंगे जिम्मेदार
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हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी राजकीय स्कूलों को लेकर जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च एवं मध्य विद्यालयों में लगाए गए डिजिटल बोर्डों के उचित उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। परिषद की ओर से कहा गया है कि सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग से जोड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च कर डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराए हैं, लेकिन कई स्कूलों में इनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।
संयुक्त निदेशक परवीन सांगवान ने जिला परियोजना समन्वयकों से कहा है कि सभी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड साफ-सुथरे रखें जाएं और इनका प्रयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से किया जाए। निर्देशों के अनुसार, यदि कोई बोर्ड खराब है तो उसकी समय रहते मरम्मत कराई जाए। यह जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य, हेडमास्टर और नामित इंचार्ज की होगी। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल बोर्डों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाई में रुचिकर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे न केवल बच्चों की समझ बढ़ेगी बल्कि पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा। इसीलिए सरकार चाहती है कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और उचित उपयोग हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च एवं मध्य विद्यालयों में लगाए गए डिजिटल बोर्डों के उचित उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। परिषद की ओर से कहा गया है कि सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग से जोड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च कर डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराए हैं, लेकिन कई स्कूलों में इनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।
संयुक्त निदेशक परवीन सांगवान ने जिला परियोजना समन्वयकों से कहा है कि सभी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड साफ-सुथरे रखें जाएं और इनका प्रयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से किया जाए। निर्देशों के अनुसार, यदि कोई बोर्ड खराब है तो उसकी समय रहते मरम्मत कराई जाए। यह जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य, हेडमास्टर और नामित इंचार्ज की होगी। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि डिजिटल बोर्डों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाई में रुचिकर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे न केवल बच्चों की समझ बढ़ेगी बल्कि पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा। इसीलिए सरकार चाहती है कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और उचित उपयोग हो।
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