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खोरी जैसी कार्रवाई से सहमे हैं सैकड़ों परिवार
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गुरुग्राम। फरीदाबाद की तरह ही गुरुग्राम में भी आने वाले माह में कई बस्तियां उजड़ेंगी। वन विभाग इसके लिए अपनी चरणबद्ध कार्ययोजना बना रहा है। अभी तक सोहना कस्बे और मानेसर क्षेत्र के कासन, नौरंगपुर, शिकोहपुर में वन विभाग अवैध निर्माण कर कब्जा करने वालों को नोटिस थमाकर अरावली को खाली करने की चेतावनी दे चुका है। इन स्थानों पर करीब 600 नोटिस अब तक दिए गए हैं।
नोटिस मिलने के बाद से ही लोग खोरी जैसी कार्रवाई को लेकर सहमे हैं। सोहना में लगातार बैठकों, पंचायतों का दौर जारी है तो शिकोहपुर, कासन और नौरंगपुर के लोग केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों तक मिलकर पुनर्वास की गुहार लगा चुके हैं। इस बीच वन विभाग ने साफ कर दिया है कि जो भी कार्रवाई होगी वह कानून के दायरे में होगी। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश पर वन विभाग की कार्रवाई ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन गायब कर दिया है। लोग अपने आशियाने बचाने की हर जुगत आजमाना चाहते हैं। यही कारण है कि लोग अपने मकानों से जुड़े हर प्रकार के दस्तावेज एकत्रित करने में जुटे हैं।
वन विभाग बृहस्पतिवार से अरावली में अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग के गरुग्राम रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह मलिक ने बताया कि मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए आवेदन कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कराया जाएगा। उसके बाद बृहस्पतिवार से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल गुरुग्राम रेंज में ही कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। यहां शिकोहपुर गांव में 84, कासन में 30, नौरंगपुर में 23 रिहायशी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया। मानेसर में कुछ रिहायशी मकानों के साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के करीब 25 स्ट्रक्चर को नोटिस दिया गया है। कर्मवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को मानेसर से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोगों को पहले ही चेतावनी दे दी गई है। जिन लोगों ने स्टे ले रखा है उनके मकानों को छोड़कर सबके खिलाफ कार्रवाई होगी। स्टे का मामला सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। निश्चित ही वहां से स्टे हटने के आदेश मिलते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सर्वे के आधार पर दिए हैं नोटिस
वन विभाग ने पिछले दिनों मैनुअली अरावली का सर्वे कराया था। इसके बाद सोहना से लेकर मानेसर क्षेत्र तक 600 के करीब अवैध संपत्तियां चिह्नित की गई है। इस सर्वे के आधार पर ही इन्हें नोटिस दिया गया है। सोहना की बात करें तो यहां पहाड़ कॉलोनी, नट, पीर आईटीआई कॉलोनी में 450 से अधिक नोटिस अब तक दिए जा चुके हैं। वन विभाग के मुताबिक इन कॉलोनियों का पूरा हिस्सा अरावली की जद में हैं। बताया जाता है कि ये कॉलोनियां यहां 50 वर्षों से बसी हैं। मौजूदा समय में यहां करीब 900 मकान बन चुके हैं। सोहना में इन कॉलोनियों के अलावा दूसरी कुछ कॉलोनियां भी अरावली में अवैध कब्जा कर बसाई गई बताई जा रही है।
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नोटिस मिलने के बाद से ही लोग खोरी जैसी कार्रवाई को लेकर सहमे हैं। सोहना में लगातार बैठकों, पंचायतों का दौर जारी है तो शिकोहपुर, कासन और नौरंगपुर के लोग केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों तक मिलकर पुनर्वास की गुहार लगा चुके हैं। इस बीच वन विभाग ने साफ कर दिया है कि जो भी कार्रवाई होगी वह कानून के दायरे में होगी। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश पर वन विभाग की कार्रवाई ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन गायब कर दिया है। लोग अपने आशियाने बचाने की हर जुगत आजमाना चाहते हैं। यही कारण है कि लोग अपने मकानों से जुड़े हर प्रकार के दस्तावेज एकत्रित करने में जुटे हैं।
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वन विभाग बृहस्पतिवार से अरावली में अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू करेगा। विभाग के गरुग्राम रेंज अधिकारी कर्मवीर सिंह मलिक ने बताया कि मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए आवेदन कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कराया जाएगा। उसके बाद बृहस्पतिवार से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल गुरुग्राम रेंज में ही कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। यहां शिकोहपुर गांव में 84, कासन में 30, नौरंगपुर में 23 रिहायशी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया। मानेसर में कुछ रिहायशी मकानों के साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के करीब 25 स्ट्रक्चर को नोटिस दिया गया है। कर्मवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को मानेसर से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोगों को पहले ही चेतावनी दे दी गई है। जिन लोगों ने स्टे ले रखा है उनके मकानों को छोड़कर सबके खिलाफ कार्रवाई होगी। स्टे का मामला सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। निश्चित ही वहां से स्टे हटने के आदेश मिलते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सर्वे के आधार पर दिए हैं नोटिस
वन विभाग ने पिछले दिनों मैनुअली अरावली का सर्वे कराया था। इसके बाद सोहना से लेकर मानेसर क्षेत्र तक 600 के करीब अवैध संपत्तियां चिह्नित की गई है। इस सर्वे के आधार पर ही इन्हें नोटिस दिया गया है। सोहना की बात करें तो यहां पहाड़ कॉलोनी, नट, पीर आईटीआई कॉलोनी में 450 से अधिक नोटिस अब तक दिए जा चुके हैं। वन विभाग के मुताबिक इन कॉलोनियों का पूरा हिस्सा अरावली की जद में हैं। बताया जाता है कि ये कॉलोनियां यहां 50 वर्षों से बसी हैं। मौजूदा समय में यहां करीब 900 मकान बन चुके हैं। सोहना में इन कॉलोनियों के अलावा दूसरी कुछ कॉलोनियां भी अरावली में अवैध कब्जा कर बसाई गई बताई जा रही है।