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गुरुग्राम: दिवाली पर रियल एस्टेट के अवैध प्रोजेक्टों के विज्ञापनों की भरमार, हरेरा ने लगाया साढ़े चार करोड़ का जुर्माना
Wed, 13 Oct 2021 08:20 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 13 Oct 2021 08:20 PM IST
सार
हरेरा ने अपंजीकृत रियल एस्टेट प्रोजेक्टों की बुकिंग के विज्ञापन जारी करने के लिए एम3एम सहित कई कंपनियों पर शिकंजा कसा है। ऐसा करने के लिए उनपर साढ़े चार करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे डीटीपी कार्यालय से जानकारी कर पंजीकृत प्रोजेक्ट में ही फ्लैट बुक कराएं।
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विस्तार
गुरुग्राम में दिवाली पर फ्लैट बुक कराने के लिए अवैध प्रोजेक्टों की भरमार है। नागरिकों को रिझाने के लिए कई माध्यमों से अवैध विज्ञापन निकाले गए हैं। जिनसे लोग भ्रमित हो रहे हैं। जबकि यह प्रोजेक्ट जिला नगर योजनाकार विभाग (डीटीपी) में पंजीकृत नहीं हैं। न ही उनके लिए अभी तक हरियाणा रियल एस्टेट रेगूलेटरी आथॉरिटी ( हरेरा) से लाइसेंस लिया गया है। इस तरह के कई मामलों की जानकारी शासन और प्रशासनिक स्तर पर हुई है। उसी के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है।
इस मामले में हरेरा के अध्यक्ष के के खंडेलवाल ने बताया कि एम 3 एम प्राइवेट लिमिटेड सहित शहर की चार रियल एस्टेट कंपनी ने शहर में कई आवासीय परियोजनाओं को मंजूर कराए बिना ही उनकी बुकिंग के विज्ञापन निकाल दिए। जिसमें काफी लोगों ने बुकिंग भी करा ली है। इसे हरेरा ने गंभीरता से लिया है। इन सभी पर साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
हरेरा अध्यक्ष के के खंडेलवाल ने बताया कि एम3एम ने बार-बार निर्देशों के बावजूद अपनी अपंजीकृत परियोजनाओं के विज्ञापन निकाल दिए थे। इसका संज्ञान लेते हुए अथॉरिटी ने एम3एम पर उनके सेक्टर-89 स्थित प्रोजेक्ट ‘‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’’ नामक परियोजना में बुटीक फ्लोर्स के विज्ञापन के लिए 2.5 करोड़ रुपये का जुर्माना और सेक्टर-61 स्थित एक अन्य परियोजना ‘‘स्मार्ट वर्ल्ड फ्लोर्स’’ के लिए 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सेक्टर-61 स्थित स्मार्ट वर्ल्ड डवलपर्स और सुपोशा रियलकॉन प्राइवेट, जोकि स्मार्ट वर्ल्ड प्रोजेक्ट में भागीदार हैं, पर भी 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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हरेरा के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अथॉरिटी के संज्ञान में आया है कि बहुत से प्रोमोटर व बिल्डर बगैर रजिस्ट्रेशन के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विज्ञापन दे देते हैं। प्रोमोटर अपनी अपंजीकृत परियोजनाओं का विज्ञापन सीधे या अपने चैनल पार्टनर तथा रियल एस्टेट एजेंटों के माध्यम से करवा रहे हैं। जो कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सभी कमर्शियल या आवासीय परियोजनाओं को लॉन्च करने से पहले पंजीकृत करना अनिवार्य है। प्रोमोटर परियोजनाओं को पंजीकृत नहीं करवा रहे हैं, बल्कि निवेशकों को निवेश के लिए लुभाने के लिए उन्हें बाजार में विज्ञापित करवा रहे हैं। जो कि दंडनीय है।
यह आदेश हरेरा के अध्यक्ष के के खंडेलवाल की अध्यक्षता में सदस्य समीर कुमार और विजय कुमार गोयल ने जारी किया है। साथ ही प्रोमोटरों के इस तरह के गैर-पेशेवर आचरण पर नाराजगी व्यक्त की गई। आदेश में टिप्पणी की है कि ऐसे प्रोमोटरों को और दंडित भी किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा है कि हरेरा गुरुग्राम के आम नागरिक के हितों की रक्षा के लिए रियल एस्टेट प्रोमोटरों और एजेंटों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। उन्हें ऐसी परियोजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश करने से बचाना है।
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इस मामले में हरेरा के अध्यक्ष के के खंडेलवाल ने बताया कि एम 3 एम प्राइवेट लिमिटेड सहित शहर की चार रियल एस्टेट कंपनी ने शहर में कई आवासीय परियोजनाओं को मंजूर कराए बिना ही उनकी बुकिंग के विज्ञापन निकाल दिए। जिसमें काफी लोगों ने बुकिंग भी करा ली है। इसे हरेरा ने गंभीरता से लिया है। इन सभी पर साढ़े चार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
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हरेरा अध्यक्ष के के खंडेलवाल ने बताया कि एम3एम ने बार-बार निर्देशों के बावजूद अपनी अपंजीकृत परियोजनाओं के विज्ञापन निकाल दिए थे। इसका संज्ञान लेते हुए अथॉरिटी ने एम3एम पर उनके सेक्टर-89 स्थित प्रोजेक्ट ‘‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’’ नामक परियोजना में बुटीक फ्लोर्स के विज्ञापन के लिए 2.5 करोड़ रुपये का जुर्माना और सेक्टर-61 स्थित एक अन्य परियोजना ‘‘स्मार्ट वर्ल्ड फ्लोर्स’’ के लिए 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सेक्टर-61 स्थित स्मार्ट वर्ल्ड डवलपर्स और सुपोशा रियलकॉन प्राइवेट, जोकि स्मार्ट वर्ल्ड प्रोजेक्ट में भागीदार हैं, पर भी 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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हरेरा के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अथॉरिटी के संज्ञान में आया है कि बहुत से प्रोमोटर व बिल्डर बगैर रजिस्ट्रेशन के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विज्ञापन दे देते हैं। प्रोमोटर अपनी अपंजीकृत परियोजनाओं का विज्ञापन सीधे या अपने चैनल पार्टनर तथा रियल एस्टेट एजेंटों के माध्यम से करवा रहे हैं। जो कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सभी कमर्शियल या आवासीय परियोजनाओं को लॉन्च करने से पहले पंजीकृत करना अनिवार्य है। प्रोमोटर परियोजनाओं को पंजीकृत नहीं करवा रहे हैं, बल्कि निवेशकों को निवेश के लिए लुभाने के लिए उन्हें बाजार में विज्ञापित करवा रहे हैं। जो कि दंडनीय है।
यह आदेश हरेरा के अध्यक्ष के के खंडेलवाल की अध्यक्षता में सदस्य समीर कुमार और विजय कुमार गोयल ने जारी किया है। साथ ही प्रोमोटरों के इस तरह के गैर-पेशेवर आचरण पर नाराजगी व्यक्त की गई। आदेश में टिप्पणी की है कि ऐसे प्रोमोटरों को और दंडित भी किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा है कि हरेरा गुरुग्राम के आम नागरिक के हितों की रक्षा के लिए रियल एस्टेट प्रोमोटरों और एजेंटों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। उन्हें ऐसी परियोजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश करने से बचाना है।