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Gurugram News: बागवानी अपशिष्ट में लगाई आग, निवासियों ने की शिकायत
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टहलने गए निवासियों ने धुंआ उठते देखा तब की शिकायत, सांस लेने में हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-23ए स्थित डीएचबीवीएचएनएल सब-डिविजन पावर हाउस क्षेत्र में पत्तों और बागवानी अपशिष्ट को जलाने का मामला सामने आया है। सुबह पार्क में टहलने आए स्थानीय निवासियों ने धुआं देखा, जो पूरे क्षेत्र में फैल गया और लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई। घटना का वीडियो भी सार्वजनिक किया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दिखाता है।
इकट्ठा करने की बजाय लगा दी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पत्तों और बागवानी अपशिष्ट को इकट्ठा करने की बजाय वहीं पर आग लगा दी गई। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पावर हाउस के बाहर बैठे निगम के कर्मचारियों ने इस घटना को मानने से इंकार किया। बाद में निवासियों ने एक युवक को दीवार पर चढ़ाया और देखा कि झाड़ू लगाने की बजाय पत्तों में आग लगाई जा रही थी।
कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड को गलत दिशा में भेजा
मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड को भी गलत दिशा में भेज दिया, जिससे स्थानीय निवासियों को खुद हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। निवासी नीरु यादव बताती हैं कि इस घटना को गंभीर माना है क्योंकि यह न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि आसपास के ढांचे और बिजली के उपकरणों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में ऐसे कई मामले बार-बार हो रहे हैं।
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पर्यावरणविद चिका बताती हैं कि यह घटना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियमों और सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इसके लिए स्थानीय निवासियों ने निगम कमिश्नर को भी लिखित में शिकायत दी है। गुरुग्राम पहले से खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रहा है और इस तरह की घटनाएं प्रदूषण बढ़ाकर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पूरे शहर में बार-बार होती रही है, जो तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-23ए स्थित डीएचबीवीएचएनएल सब-डिविजन पावर हाउस क्षेत्र में पत्तों और बागवानी अपशिष्ट को जलाने का मामला सामने आया है। सुबह पार्क में टहलने आए स्थानीय निवासियों ने धुआं देखा, जो पूरे क्षेत्र में फैल गया और लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई। घटना का वीडियो भी सार्वजनिक किया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दिखाता है।
इकट्ठा करने की बजाय लगा दी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पत्तों और बागवानी अपशिष्ट को इकट्ठा करने की बजाय वहीं पर आग लगा दी गई। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पावर हाउस के बाहर बैठे निगम के कर्मचारियों ने इस घटना को मानने से इंकार किया। बाद में निवासियों ने एक युवक को दीवार पर चढ़ाया और देखा कि झाड़ू लगाने की बजाय पत्तों में आग लगाई जा रही थी।
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कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड को गलत दिशा में भेजा
मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड को भी गलत दिशा में भेज दिया, जिससे स्थानीय निवासियों को खुद हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। निवासी नीरु यादव बताती हैं कि इस घटना को गंभीर माना है क्योंकि यह न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि आसपास के ढांचे और बिजली के उपकरणों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में ऐसे कई मामले बार-बार हो रहे हैं।
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पर्यावरणविद चिका बताती हैं कि यह घटना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियमों और सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इसके लिए स्थानीय निवासियों ने निगम कमिश्नर को भी लिखित में शिकायत दी है। गुरुग्राम पहले से खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रहा है और इस तरह की घटनाएं प्रदूषण बढ़ाकर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पूरे शहर में बार-बार होती रही है, जो तत्काल कार्रवाई की मांग करती है।