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हिंदुस्तान में अपने धार्मिक स्थल पर जाने के लिए हिंदुओं को किसी अनुमति की जरूरत नहीं : कुलभूषण

Mon, 14 Aug 2023 07:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 07:55 PM IST
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Hindus do not need any permission to visit their religious places in India: Kulbhushan
जलाभिषेक यात्रा को अनुमति मिलने की बात पर बोले पंचायत सदस्य
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बाेले कुलभूषण, नूंह के तीनों विधायकों को करना चाहिए यात्रा का स्वागत

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ''यह आजाद हिंदुस्तान है। हम आजादी की 76वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। अंग्रेजों और मुगलों का राज अब खत्म हो चुका है। आज हिंदुओं को अपने धार्मिक स्थल में पूजा करने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। जलाभिषेक यात्रा 28 अगस्त को ठीक उसी जगह यानी नल्हड़ से शुरू की जाएगी, जहां उसे उपद्रवियों द्वारा रोका गया था। गुरुग्राम से भी इस यात्रा में करीब डेढ़ हजार श्रद्धालु शामिल होंगे।'' बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं पोंडरी में हुई हिंदू सर्वजातीय महापंचायत के सदस्य कुलभूषण भारद्वाज ने यह बात कही।
अमर उजाला संवाददाता से बात करते हुए कुलभूषण भारद्वाज ने कहा कि 28 अगस्त को गुरुग्राम के सभी श्रद्धाुल सिविल लाइंस स्थित उपायुक्त् आवास के सामने स्वतंत्रता सेनानी हॉल में एकत्र होंगे। करीब डेढ़ हजार की संख्या में यह सभी श्रद्धालु साढ़े आठ बजे नल्हड़ मंदिर के लिए अपने-अपने वाहनों से रवाना होंगे। नल्हड़ पहुंचकर सभी मुख्य यात्रा में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस जलाभिषेक यात्रा को पूरा करने के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
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यात्रा के लिए पुलिस-प्रशासन की अनुमति लिए जाने के सवाल पर कुलभूषण भारद्वाज का कहना था कि देश में लोकतंत्र है। किसी भी समुदाय के व्यक्ति को अपने धार्मिक स्थल में पूजा करने के लिए जाने को किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। हिंदू भी अपने प्राचीन और एतिहासिक मंदिरों में पूजा करने के लिए जाना चाहते हैं, फिर इसके लिए अनुमति की बात कहां से आ गई।
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उन्होंने कहा कि हम भी सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की बात करते हैं। समय-समय पर खुद उन्होंने भाईचारा निभाया है। कोविड काल में बड़ी संख्या में ईद के दिन वह खुद ही फल और मिठाई लेकर गए थे। अब जलाभिषेक यात्रा पर कुछ लोग राजनीति करने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के लिए नूंह के तीनों विधायकों को सामने आना चाहिए। सांप्रदायिक सौहार्द सिर्फ कहने भर से नहीं, बल्कि करने से होता है। तीनों विधायकों को सामने आकर 28 अगस्त को होने जा रही इस जलाभिषेक यात्रा का स्वागत करने का ऐलान करना चाहिए।
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