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Gurugram News: टावर ऑफ जस्टिस का जायजा लेने पहुंचे हाईकोर्ट के न्यायाधीश
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12 जुलाई को होगा लोकार्पण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम के नए जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण 12 जुलाई को होगा। उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस हरसिमरन सिंह तथा उच्च न्यायालय की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन एवं गुरुग्राम डिवीजन के इंस्पेक्टिंग जज जस्टिस रोहित कपूर, कमेटी की सदस्य जस्टिस अराधना साहनी ने टावर ऑफ जस्टिस का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने न्यायालय परिसर के विभिन्न न्यायालय कक्षों, न्यायिक अधिकारियों के कार्यालयों, प्रतीक्षालय, पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के एसीएस अपूर्व कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्घाटन से पहले सभी शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। न्यायाधीशों ने कहा कि समारोह में सर्वोच्च न्यायालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, जिला न्यायपालिका तथा विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अतिथि शामिल होंगे। ऐसे में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अतिथि स्वागत, बैठक व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। आगंतुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के भी निर्देश दिए गए।
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टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण 12 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शर्मा के करकमलों से होगा। इस समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन के साथ ही यह आधुनिक न्यायिक परिसर न्यायिक सेवाओं के संचालन के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, एडीसी सोनू भट्ट, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनजीत कौर एवं सुनीता ग्रोवर, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मनोज ओला, कार्यकारी अभियंता चरणदीप राणा, डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सात मंजिला भवन में कुल 56 कोर्ट होंगी
कोर्ट रोड पर सात एकड़ में टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण हुआ है। सात मंजिला इस भवन में कुल 56 कोर्ट होंगी। पहली मंजिल पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत होंगी। दूसरे से छठे तल तक 10-10 अदालतें बनेंगी। सातवीं मंजिल पर पांच अदालतें होंगी। सबसे ऊपर जज व वकील पुस्तकालय समेत कैंटीन बनेगी। परिसर में बैंक, डाकघर, जिला बार पुस्तकालय, कैंटीन, जिला अटॉर्नी कार्यालय और मध्यस्थता कक्ष जैसी सुविधाएं भी होंगी। इस भवन को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जा रहा है। साथ ही, जांच अधिकारियों के लिए और कैदियों और डॉक्टरों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लेने के लिए अलग कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। 400 वाहनों के पार्क करने की सुविधा होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम के नए जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण 12 जुलाई को होगा। उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस हरसिमरन सिंह तथा उच्च न्यायालय की बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन एवं गुरुग्राम डिवीजन के इंस्पेक्टिंग जज जस्टिस रोहित कपूर, कमेटी की सदस्य जस्टिस अराधना साहनी ने टावर ऑफ जस्टिस का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने न्यायालय परिसर के विभिन्न न्यायालय कक्षों, न्यायिक अधिकारियों के कार्यालयों, प्रतीक्षालय, पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के एसीएस अपूर्व कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्घाटन से पहले सभी शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। न्यायाधीशों ने कहा कि समारोह में सर्वोच्च न्यायालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, जिला न्यायपालिका तथा विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अतिथि शामिल होंगे। ऐसे में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अतिथि स्वागत, बैठक व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। आगंतुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के भी निर्देश दिए गए।
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टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण 12 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शर्मा के करकमलों से होगा। इस समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन के साथ ही यह आधुनिक न्यायिक परिसर न्यायिक सेवाओं के संचालन के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, एडीसी सोनू भट्ट, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनजीत कौर एवं सुनीता ग्रोवर, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मनोज ओला, कार्यकारी अभियंता चरणदीप राणा, डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सात मंजिला भवन में कुल 56 कोर्ट होंगी
कोर्ट रोड पर सात एकड़ में टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण हुआ है। सात मंजिला इस भवन में कुल 56 कोर्ट होंगी। पहली मंजिल पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत होंगी। दूसरे से छठे तल तक 10-10 अदालतें बनेंगी। सातवीं मंजिल पर पांच अदालतें होंगी। सबसे ऊपर जज व वकील पुस्तकालय समेत कैंटीन बनेगी। परिसर में बैंक, डाकघर, जिला बार पुस्तकालय, कैंटीन, जिला अटॉर्नी कार्यालय और मध्यस्थता कक्ष जैसी सुविधाएं भी होंगी। इस भवन को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जा रहा है। साथ ही, जांच अधिकारियों के लिए और कैदियों और डॉक्टरों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लेने के लिए अलग कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। 400 वाहनों के पार्क करने की सुविधा होगी।