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Gurugram News: एक ही ऑपरेशन में की हार्ट बाईपास और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में 66 वर्षीय मरीज की हार्ट बाईपास सर्जरी और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी एक ही बार ऑपरेशन में की गई। मरीज कोरोनरी आर्टरी डिसीज और फेफड़ों के कैंसर से पीड़िता था। इस कारण उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
चिकित्सीय जांच में फेफड़े के ऊपरी हिस्से में कैंसर और हृदय की धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज का पता चला। अस्पताल के कार्डियेक साइंसेज विभाग के चेयरमैन डॉ. युगल किशोर मिश्रा और कैंसर सेंटर एवं ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास ने कहा कि दोनों बीमारियों का तत्काल इलाज जरूरी थी। इसके लिए संयुक्त सर्जरी का फैसला लिया गया। इसके लिए हाइब्रिड सर्जिकल रणनीति अपनाई गई।
सबसे पहले हार्ट बायपास सर्जरी कर ब्लॉक हुई धमनियों का उपचार किया। फिर दा विंची सर्जिकल सिस्टम की मदद से फेफड़े के कैंसरग्रस्त हिस्से को रोबोटिक तकनीक से हटाया। इससे मरीज की रिकवरी तेज और जटिलताओं का खतरा कम हुआ। सफल सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई।
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नई दिल्ली। द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में 66 वर्षीय मरीज की हार्ट बाईपास सर्जरी और फेफड़े के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी एक ही बार ऑपरेशन में की गई। मरीज कोरोनरी आर्टरी डिसीज और फेफड़ों के कैंसर से पीड़िता था। इस कारण उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
चिकित्सीय जांच में फेफड़े के ऊपरी हिस्से में कैंसर और हृदय की धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज का पता चला। अस्पताल के कार्डियेक साइंसेज विभाग के चेयरमैन डॉ. युगल किशोर मिश्रा और कैंसर सेंटर एवं ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास ने कहा कि दोनों बीमारियों का तत्काल इलाज जरूरी थी। इसके लिए संयुक्त सर्जरी का फैसला लिया गया। इसके लिए हाइब्रिड सर्जिकल रणनीति अपनाई गई।
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सबसे पहले हार्ट बायपास सर्जरी कर ब्लॉक हुई धमनियों का उपचार किया। फिर दा विंची सर्जिकल सिस्टम की मदद से फेफड़े के कैंसरग्रस्त हिस्से को रोबोटिक तकनीक से हटाया। इससे मरीज की रिकवरी तेज और जटिलताओं का खतरा कम हुआ। सफल सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई।
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