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Gurugram News: ब्रेस्ट कैंसर के खतरे में स्वास्थ्य बीमा बना सुरक्षा कवच

Thu, 17 Jul 2025 11:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:20 PM IST
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Health insurance becomes a protective shield against the risk of breast cancer
कैंसर पार्ट- 2
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समय पर जांच है जरूरी-संक्रमण फैलने वाली बीमारियां हुई कम कैंसर के मामले बढ़े


सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। वर्तमान में महिलाओं में सबसे अधिक मामले ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं, इसके बाद सर्वाइकल और ओवरी कैंसर का स्थान है। पुरुषों में सबसे आम कैंसर सिर और गर्दन का है, इसके बाद फेफड़े और इसोफेगस (ग्रासनली) के कैंसर के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।
पिछले कुछ दशकों में जीवनशैली में आए बदलाव और बढ़ते प्रदूषण के चलते कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादा उम्र में मां बनना, स्तनपान न कराना, मोटापा, धूम्रपान और हार्मोन थेरेपी की वजह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर बढ़ रहा है। अत्यधिक धूम्रपान, सेकेंड हैंड और थर्ड हैंड स्मोक के कारण धूम्रपान नहीं करने वाले भी फेफड़े के कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
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हमारी संस्था राइट टू लाइफ जैसी संस्था लोगों की मदद के लिए सामने आ रही हैं जो पूरे देश में जागरूक करने के साथ आर्थिक मदद कर रहे हैं। -डॉ. रतनालाल तुलसी, प्रीवेंटिव ऑनकोलॉजिस्ट
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कोट्स
सबसे जरूरी है स्वास्थ्य बीमा। बीमारी बताकर नहीं आती है। बीमा भी ऐसा करवाएं जिसमें सभी तरह की बीमारियों का इलाज हो सके। -विजयपाल, कैंसर पीड़ित

मुझे 2016 में ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। स्थिति गंभीर होने के बाद कैंसर का पता चला था। उस दौरान मेरे पास कोई बीमा पाॅलिसी नहीं थी। तब मुझे राइट टू लाइफ संस्था की मदद से आर्थिक मदद होने से इलाज संभव हो पाया था। -सुमन, कैंसर पीड़ित


समय-समय पर जांच करवाएं जिससे पहले ही बीमारियों का पता चल सके। खासतौर से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने की वजह से इलाज कराना मुश्किल हो जाता है। हेल्थ पॉलिसी अधिक जरूरी होती है।
---मीनू शर्मा, कैंसर पीड़ित


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डाक्टरों से बातचीत
भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण जीवनशैली में बदलाव, प्रदूषण और बचाव के उपायों की कमी है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है, जबकि पुरुषों में सिर और गर्दन का कैंसर। -डॉ. मोहित सक्सेना, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट

स्वास्थ्य बीमा कराना कोई पैसे जमा की बर्बादी नहीं है। कैशलेस इलाज को बढ़ावा मिलने की वजह से आर्थिक समस्या और बढ़ गई है। ऐसे में प्रीमियम का होना जरूरी हो जाता है। --डॉ. एस.पी. भनोट, कैंसर एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन

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ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

स्तन में गांठ बनना। यह अक्सर बिना दर्द के धीरे-धीरे बढ़ती है।

ब्रेस्ट का आकार या शेप बदलना, स्किन में सिकुड़न या खिंचाव आना।

निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना या डिस्चार्ज आना।

बगल या गले में गांठ महसूस होना

करें जांच :
प्रजनन आयु की महिलाएं हर महीने ब्रेस्ट की स्वयं जांच करें। अगर किसी की ब्रेस्ट शुरू से ही छोटी बड़ी है तो वो कैंसर नहीं है। लेकिन अगर कुछ नया बदलाव है तो डॉक्टर को दिखाएं। पीरियड्स खत्म होने के 2-3 दिन बाद जांच करना सबसे उचित समय होता है। शीशे के सामने खड़े होकर ब्रेस्ट की शेप, साइज और त्वचा पर ध्यान दें। उंगलियों से ब्रेस्ट, बगल और गले की तरफ हल्के दबाव से जांच करें।
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