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मिलेनियम सिटी में 30 हजार ज्यादा बच्चे कुपोषित

Thu, 01 Sep 2022 11:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 11:37 PM IST
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HEALTH
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले गुुरुग्राम में 30 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण का दंश झेल रहे हैं। जिले की चमक-दमक के साथ ही यहां अभी भी कुपोषण अपनी जड़ें जमाए हुए है।
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इसी वर्ष एक मई से 7 मई के बीच राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 87 हजार संभावित बच्चों की जांच में पाया गया कि इनमें से 35 फीसदी में खून की कमी है। साथ ही यह अन्य प्रकार की पोषण संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके अलावा 4308 बच्चे मॉडरेट एक्यूट मॉल न्यूट्रिशन से जूझ रहे हैं। जबकि 54 बच्चे गंभीर किस्म के कुपोषण से जूझ रहे हैं। इनका उपचार अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रहा है। ऐेसे में पोषण सप्ताह के माध्यम से किस प्रकार कुपोषण का खात्मा किया जाएगा यह विचारणीय प्रश्न है।
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गुरुग्राम के डिप्टी सिविल सर्जन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रमुख डॉ. शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि अभी फर्रुखनगर ब्लाक के तीन गांव ताज नगर, सुल्तानपुर और पातली में एनीमिया डिटेक्शन कैंप चल चल रहे हैं। 30 जून से एक जुलाई के बीच डोर टू डोर ट्रैकिंग अभियान भी चलाया गया। अभी कैंपों में कुपोषितों की खोज करके उनकी ट्रैकिंग होगी और एक महीने बाद उनकी स्थिति की फिर से जांच होगी।
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अप्रैल माह की स्थिति
- विभिन्न कमियों से ग्रस्त बालक- 587
- विभिन्न कमियों से ग्रस्त बालिकाएं- 751
- बाधित विकास से ग्रस्त बालक- 405
-बाधित विकास से ग्रस्त बालिकाएं- 409
- ऐेसे बच्चे जिन्हें चिकित्सा की जरूरत पड़ी- 1628
- डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में भर्ती बच्चे - 50
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मुख्यमंत्री का अगला लक्ष्य है कुपोषण समाप्ति
बीते माह 24 अगस्त को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टीबी मरीजों के उपचार के केंद्र का उद्घाटन करते समय टीबी के बाद अगला लक्ष्य कुपोषण व एनीमिया के खात्मे को लेकर घोषित किया था। इसके लिए जिले के सात निजी अस्पतालों को साथ लेकर कुपोषण को समाप्त करने की योजना बनाई है।

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अधिकारी बोले
हम कुछ खास क्षेत्रों व समुदायों में होने वाले कुपोषण के कारणों की भी समीक्षा कर रहे हैं। इनको दूर करके भी कुपोषण की समस्या को समाप्त करने के लिए काम किया जा रहा है - डॉ. शैलेंद्र कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन
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