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Gurugram News: डेंगू व मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, हाई रिस्क जोन के गांवों में फॉगिंग व सर्वे
Tue, 21 Oct 2025 11:13 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:13 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई जा रही फॉगिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में डेंगू और मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब तक जिले में सात डेंगू और 15 मलेरिया के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। बढ़ते संक्रमण के चलते विभाग ने हाई रिस्क जोन घोषित किए गए गांवों में सर्वे और फॉगिंग अभियान तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच कर रही हैं। अब तक जिले भर में 1100 से अधिक बुखार पीड़ितों के सैंपल लिए जा चुके हैं। वहीं, आठ हजार घरों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। बारिश के मौसम और गंदे पानी के जमाव से मच्छरों के प्रजनन में तेजी आती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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डेंगू के मामले शाहचौखा, भूतालाका, कंकरखेड़ी, तावडू शहर, उमरा, नाहरपुर, लफूरी में निकले हैं। वहीं, मलेरिया के केस नूंह के उजीना, सुडाका, बाई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सामने आए हैं। इसके अलावा अड़बर, भंडगाका, कोंतलाका, गोलपुरी, कमरचंद, बैंसी सहित आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जहां मलेरिया के मामले पाए गए हैं तथा और भी बढ़ सकते हैं। हाई रिस्क चिन्हित गांवों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं जो लगातार फॉगिंग, जांच और दवा छिड़काव कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी न जमने दें, कूलर, टायर, गमलों और पानी की टंकियों को नियमित रूप से साफ रखें। साथ ही पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें।
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ज्यादातर डेंगू और मलेरिया के मामले गंदे पानी या खुले नालों से पनप रहे हैं। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा जो मामले मलेरिया व डेंगू के सामने आए हैं, उनकी हिस्ट्री चेक कराई जा रही है। पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।
डा. विमलेश तिवारी, जिला महामारी विशेषज्ञ नूंह।
सावधानी बरतें तो बचाव संभव
घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकियों को ढककर रखें।
मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें।
तेज बुखार या शरीर में दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सामुदायिक सहयोग से ही जिले को डेंगू और मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।
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नूंह। जिले में डेंगू और मलेरिया के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब तक जिले में सात डेंगू और 15 मलेरिया के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। बढ़ते संक्रमण के चलते विभाग ने हाई रिस्क जोन घोषित किए गए गांवों में सर्वे और फॉगिंग अभियान तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों की जांच कर रही हैं। अब तक जिले भर में 1100 से अधिक बुखार पीड़ितों के सैंपल लिए जा चुके हैं। वहीं, आठ हजार घरों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया है।
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स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। बारिश के मौसम और गंदे पानी के जमाव से मच्छरों के प्रजनन में तेजी आती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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डेंगू के मामले शाहचौखा, भूतालाका, कंकरखेड़ी, तावडू शहर, उमरा, नाहरपुर, लफूरी में निकले हैं। वहीं, मलेरिया के केस नूंह के उजीना, सुडाका, बाई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सामने आए हैं। इसके अलावा अड़बर, भंडगाका, कोंतलाका, गोलपुरी, कमरचंद, बैंसी सहित आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जहां मलेरिया के मामले पाए गए हैं तथा और भी बढ़ सकते हैं। हाई रिस्क चिन्हित गांवों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं जो लगातार फॉगिंग, जांच और दवा छिड़काव कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी न जमने दें, कूलर, टायर, गमलों और पानी की टंकियों को नियमित रूप से साफ रखें। साथ ही पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का उपयोग करें।
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ज्यादातर डेंगू और मलेरिया के मामले गंदे पानी या खुले नालों से पनप रहे हैं। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा जो मामले मलेरिया व डेंगू के सामने आए हैं, उनकी हिस्ट्री चेक कराई जा रही है। पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।
डा. विमलेश तिवारी, जिला महामारी विशेषज्ञ नूंह।
सावधानी बरतें तो बचाव संभव
घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकियों को ढककर रखें।
मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग करें।
तेज बुखार या शरीर में दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सामुदायिक सहयोग से ही जिले को डेंगू और मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।