{"_id":"61e78a1d4287b65dc36cb78e","slug":"gurugram-rest-house-building-renovated-but-hospital-still-in-pathetic-condition-four-years-ago-both-start-breaking-together","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्भाग्य: आलीशान रेस्ट हाउस तो तैयार, अस्पताल की बिल्डिंग पड़ी बेकार, चार साल पहले दोनों के टूटने की एक साथ हुई थी शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्भाग्य: आलीशान रेस्ट हाउस तो तैयार, अस्पताल की बिल्डिंग पड़ी बेकार, चार साल पहले दोनों के टूटने की एक साथ हुई थी शुरुआत
Wed, 19 Jan 2022 09:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी
दीपक शर्मा, अमर उजाला, गुरुग्राम
दीपक शर्मा, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 19 Jan 2022 09:18 AM IST
सार
सात एकड़ भूभाग पर बने पुराने नागरिक अस्पताल को अपग्रेड करके नौ एकड़ भूभाग में किया जाना है। 200 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 500 बेड और छह मंजिल तक निर्माण प्रस्तावित है।
विज्ञापन
गुरुग्राम में रेस्ट हाउस बनकर तैयार और जर्जर हालत में अस्पताल (बाएं से दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महामारी के तीसरे दौर में भी स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार और विस्तार को लेकर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। चार साल पहले सिविल लाइन स्थित पुराने नागरिक अस्पताल और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) को तोड़कर फिर से आधुनिक रूप में बनाने की शुरुआत एक साथ हुई थी। नागरिक अस्पताल की अभी तक दीवार भी नहीं टूटी है जबकि जबकि पीडब्ल्यूडी का आलीशान विश्राम गृह बनकर तैयार हो चुका है।
विज्ञापन
सात एकड़ भूभाग पर बने पुराने नागरिक अस्पताल को अपग्रेड करके नौ एकड़ भूभाग में किया जाना है। 200 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 500 बेड और छह मंजिल तक निर्माण प्रस्तावित है। इसमें हिमोफीलिया और थैलीसीमिया के मरीजों के लिए डे केयर सेंटर, लेबर रूम, क्षय रोक केंद्र के साथ साथ सर्जिकल, ऑर्थोपैडिक, कैंसर, बर्न, पीडियाट्रिक, साइकियाट्रिक और सिविल सर्जन सहित डॉक्टरों के लिए आवास भी बनने हैं, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विश्राम गृह मंत्रियों के लिए है जबकि अस्पताल आम आदमियों के लिए, जिनके लिए सोचने का किसी के पास वक्त नहीं है। अस्पताल को अपग्रेड रूप में बनकर तैयार होना था। इसका सबसे अच्छा इस्तेमाल कोविड काल में ही होता लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में इसका काम शुरू भी नहीं हो सका है, जबकि यह शहर में बस स्टैंड के पास है, जिससे आसपास के इलाकों से लोग अस्पताल आसानी से पहुंच सकते हैं। अब उन्हें सेक्टर-10 की तरफ भटकना पड़ता है। यहां यह भी विचारणीय है कि जिले की आबादी के हिसाब से एक अस्पताल पर्याप्त नहीं हैं। कम से कम तीन नागरिक अस्पताल होने चाहिए।- अश्वनी शर्मा, पार्षद नगर निगम
विज्ञापन
इसमें कोई संदेह नहीं है कि जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। गुरुग्राम जैसे लगातार विस्तार कर रहे शहर में सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। विश्राम गृह से जनता को कुछ भी मिलने वाला नहीं है। अगर इसी तरह की सक्रियता अस्पताल को लेकर दिखाई होती तो प्रतिदिन उससे हजारों मरीजों को फायदा होता।- अंजू कुमारी, एडवोकेट, सिविल कोर्ट
यह सही है कि नागरिक अस्पताल के निर्माण में देरी हुई है। अगले महीने से निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल से समय मांगने के लिए इस समय चंडीगढ़ में हूं।- सुधीर सिंगला, विधायक, गुरुग्राम।
भाजपा को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास के कोई लेना-देना नहीं है। फाइव स्टार रेस्ट हाउस बनवा दिया है, जिसमें जनता का कोई फायदा नहीं है। रेवाड़ी में भी भाजपा की प्रदेश सरकार ने ऐसा ही किया, जबकि पहली लहर के बाद इन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना चाहिए था।-कैप्टन अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस