फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Gurugram Prince murder case Four policemen caught for fabricating evidence against bus conductor

प्रिंस हत्याकांड: थर्ड डिग्री...जबरन जुर्म कबूल कराया, कंडक्टर के खिलाफ फर्जी सबूत गढ़ने में 4 पुलिसकर्मी फंसे

Mon, 01 Sep 2025 03:15 PM IST
शाहरुख खान सचिन चौधरी, अमर उजाला, पंचकूला
सचिन चौधरी, अमर उजाला, पंचकूला Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 01 Sep 2025 03:15 PM IST
सार

गुरुग्राम के प्रिंस हत्याकांड में हरियाणा पुलिस के चार पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार को फंसाने के लिए न सिर्फ फर्जी सबूत तैयार किए बल्कि थर्ड डिग्री टॉर्चर के जरिये उससे जबरन जुर्म कबूल करवाया।

विज्ञापन
Gurugram Prince murder case Four policemen caught for fabricating evidence against bus conductor
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुग्राम के चर्चित सात वर्षीय छात्र प्रिंस हत्याकांड में हरियाणा पुलिस के चार पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंचकूला में सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार यादव ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस को विशेष न्यायाधीश की अदालत में भेज दिया है। 
विज्ञापन


आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार को फंसाने के लिए न सिर्फ फर्जी सबूत तैयार किए बल्कि थर्ड डिग्री टॉर्चर के जरिये उससे जबरन जुर्म कबूल करवाया। कोर्ट ने माना है कि प्रथम दृष्टया आरोपी अधिकारी गंभीर अपराधों के दोषी नजर आते हैं।
विज्ञापन


सीबीआई जांच में खुलासा, पुलिस ने साजिशन कंडक्टर को फंसाया 
सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि पुलिस ने साजिशन बस कंडक्टर अशोक कुमार को फंसाया और असली गुनहगार को बचाने की कोशिश की। एजेंसी ने जनवरी 2021 में चार पुलिसकर्मियों नरेंद्र सिंह खटाना (41), बिरेम सिंह (60), शमशेर सिंह (64) और सुभाष चंद (62) के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार
चारों पुलिसकर्मी फिलहाल जमानत पर हैं। शुरू में हरियाणा सरकार ने इनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इन्कार कर दिया था लेकिन सीबीआई ने इस फैसले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। 24 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सरकार के इनकार को मनमाना करार देते हुए मामले की फिर से समीक्षा करने के आदेश दिए। 

 

अब आगे क्या... 
चूंकि आईपीसी की धारा 194 जैसे मामलों की सुनवाई केवल विशेष न्यायाधीश ही कर सकते हैं। लिहाजा कोर्ट ने केस उच्च अदालत को सौंप दिया है। अब यह केस 1 अक्तूबर को पंचकूला स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के सामने पेश होगा।
 

यह था मामला 
यह मामला 8 सितंबर 2017 का है। गुरुग्राम के एक नामी स्कूल के वॉशरूम में सात साल के छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप करने की कोशिश की। मामले के तूल पकड़ते ही पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन होने लगे। मृतक छात्र के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed