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Gurugram News: गुरुग्राम मेट्रो को सेक्टर-7 में मिली जमीन

Sat, 12 Sep 2026 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:26 AM IST
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Gurugram Metro gets land in Sector 7.
मलबा शुल्क घटाकर 50 रुपये प्रति टन किया यानगर निगम सदन की सामान्य बैठक में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव पारित
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम सदन की सामान्य बैठक में शुक्रवार को शहर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें निर्माण एवं तोड़फोड़ (सीएंडडी) वेस्ट के निस्तारण को बढ़ावा देने के लिए नॉन-बल्क मलबे की फीस 360 रुपये से घटाकर 50 रुपये प्रति टन करना और गुरुग्राम मेट्रो के प्रायोरिटी-2 कॉरिडोर के लिए सेक्टर-7 में 1445 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास के लिए जमीन की जरूरत है। सदन बैठक में शहर में सफाई के मुद्दे पर पार्षदों ने नगर निगम को घेरा।
मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में नगर निगम गुरुग्राम के सदन की सामान्य बैठक आयोजित हुई। बैठक में विकास, जनसुविधाओं, निर्माण एवं तोड़फोड़ (सीएंडडी) वेस्ट के उचित निस्तारण तथा महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सदन ने जनहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। बैठक में निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के उचित निस्तारण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सदन ने नॉन-बल्क मलबे के लिए मलबा चार्ज को घटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस निर्णय के बाद नॉन-बल्क मलबा जनरेटर अपना मलबा नगर निगम के बसई स्थित प्लांट अथवा नजदीकी सेकेंडरी मलबा कलेक्शन सेंटर पर 50 रुपये प्रति टन की दर से जमा करा सकेंगे या अपने घर से भी मलबा उठवा सकेंगे। इस सुविधा के लिए सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल https://mcg-sms.austere.biz/cd-waste पर सूचना देनी होगी और फीस का भुगतान करके चालान निकालना होगा। हालांकि, बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए यह फीस 360 रुपये प्रति टन ही रहेगी।
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बैठक में वार्ड-1 में सामुदायिक केंद्र के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को भी सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। सामुदायिक केंद्र के निर्माण से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न सड़कों एवं पार्कों के नामकरण से संबंधित मामलों पर भी सदन में निर्णय लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की शिकायत के तहत कास्ट इंडीकेट को हटाने से संबंधित विषय पर भी चर्चा की गई। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कमेटियों के गठन को मंजूरी दी गई है।
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मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम सदन की प्राथमिकता गुरुग्राम के नागरिकों से जुड़े मुद्दों का समाधान और शहर के समग्र विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि शहर के बेहतर विकास के लिए निगम लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके तहत कर्मचारियों व कचरा संग्रहण वाहनों में बढ़ोतरी, वजीराबाद में 272 एकड़ सरकारी जमीन निगम के अधीन आना, सुखराली तालाब से 40 वर्ष पुराना कब्जा हटाना सहित विभिन्न तालाबों का सुधार करना निगम की ऐतिहासिक जीत है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में बेहतर जनसुविधाएं, प्रभावी कचरा प्रबंधन और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका व रविन्द्र यादव सहित निगम पार्षद व अधिकारी उपस्थित थे।

सफाई के मुद्दे पर पार्षदों ने नगर निगम को घेरा

सदन बैठक में शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा जोर-शोर से उठा। कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में कूड़ा उठान नहीं होने और सफाई व्यवस्था चरमराने को लेकर निगम अधिकारियों को घेरा। पार्षदों ने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और गुरुग्राम धीरे-धीरे ‘कूड़ाग्राम’ बनता जा रहा है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने सदन को बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए नई एजेंसी का चयन किया जा चुका है। जल्द ही एजेंसी काम शुरू कर देगी। सफाई और कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 800 से अधिक वाहन लगाए जाएंगे। निगमायुक्त ने भरोसा दिलाया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा।

पार्षदों ने दावा-नगर निगम के नाम पर उगाही टीमें सक्रिय
बैठक में पार्षदों ने निगम की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों ने दावा किया कि शहर में नगर निगम के नाम पर कुछ उगाही टीमें सक्रिय हैं, जो लोगों के घर बनाने के दौरान मौके पर पहुंचकर उनसे पैसे की मांग करती हैं। पार्षदों के अनुसार आम लोगों को निर्माण कार्य के नाम पर परेशान किया जा रहा है। इस पर निगम आयुक्त ने मेयर ने अनुरोध किया कि सदन की कार्रवाई में इस शब्द को शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि घर का नक्शा पास करने के लिए डीटीपीई का पोर्टल प्रयाेग होता रहा है। इसमें कुछ कमियों के कारण यह कार्य नहीं हो पा रहा है।
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