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Gurugram News: मिलेनियम सिटी होने के साथ ही हरियाणा की लाइफलाइन भी है गुरुग्राम

Wed, 30 Jul 2025 08:34 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 08:34 PM IST
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Gurugram is the lifeline of Haryana, sustainable development is necessary: Shalini Goyal Bhalla
इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के चौथे संस्करण में आईसीसीई की प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला ने कहा
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देश को स्वच्छ, हरित (पर्यावरण के अनुकूल) और पुनः उपयोग पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के उद्देश्य से बुधवार को इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (आईसीसीई) के चौथे संस्करण का शुभारंभ हुआ। आईसीसीई की प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला ने कहा कि गुरुग्राम मिलेनियम सिटी होने के साथ-साथ हरियाणा की लाइफलाइन भी है।
कार्यक्रम हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं आईसीसीई के तत्वावधान में यहां के एक होटल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश के नीति विशेषज्ञों, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। शुभारंभ सत्र में आईसीसीई की प्रबंध निदेशक शालिनी गोयल भल्ला, रि-सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड के एमडी मसूद मलिक, हुंडई मोटर्स से पुनीत आनंद, भारतीय खाद्य व्यापार परिसंघ के अध्यक्ष संजय खजूरिया और अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे। शालिनी गोयल भल्ला ने कहा कि गुरुग्राम और ऐसे अन्य शहरों को मिलकर स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ना होगा। सभी विभागों, संस्थाओं और नागरिकों के साथ मिलकर हम इस दिशा में मजबूत कदम उठा सकते हैं। संजय खजूरिया ने कहा राज्य के शहरों को संसाधनों का सही इस्तेमाल करते हुए दूसरों के लिए उदाहरण बनना होगा। इसके लिए सरकार, उद्योग और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। रि-सस्टेनेबिलिटी के प्रमुख मसूद मलिक ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी कोई फैशन नहीं, बल्कि देश की जरूरत है। इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम जैसा मंच देश में इस बदलाव की सोच को लेकर अग्रसर है।
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फोरम के पहले दिन इन विषयों पर हुई चर्चा
पहले दिन साफ-सुथरी और पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था, ई-कचरे और पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स का सही इस्तेमाल, युवाओं के लिए सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी ट्रेनिंग, पुराने निर्माण सामग्री (मलबे) का दोबारा इस्तेमाल पर निर्णायक चर्चा की गई। इस दौरान कई मास्टरक्लास और उद्योगों से जुड़े सत्र भी हुए, जिनमें बताया गया कि व्यापार में कैसे दोबारा उपयोग और पर्यावरण की सोच को शामिल किया जा सकता है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन के सत्र में नीति आयोग, एमएसएमई, शहरी मामलों के मंत्रालय और हरियाणा सरकार के अधिकारी अपने विचार साझा करेंगे।
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