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Gurugram News: ग्रेप-1 सिर्फ कागजों में लागू, शहर की हवा और हुई जहरीली

Thu, 16 Oct 2025 12:18 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:18 AM IST
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Grape-1 implemented only on paper, city air becomes more toxic
खुले में जलता कूड़ा और टूटी सड़कों से उड़ती धूल वायु को कर रही प्रदूषित
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251 पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांका

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। एक्यूआई 251 तक पहुंच गया है, जो खराब श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकारी आदेशों के तहत ग्रेप-1 लागू कर दिया गया है लेकिन इसका असर सिर्फ फाइलों और दावों तक सीमित नजर आ रहा है। जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं। गलियों में सफाई का अभाव बना हुआ है जिससे मजबूरन लोग कचरा जलाने लगे हैं। जगह-जगह खुले में जलता कूड़ा और टूटी सड़कों से उड़ती धूल हवा को और अधिक प्रदूषित कर रही है। उधर, शहर में प्रदूषण की निगरानी के लिए चार मॉनिटरिंग स्टेशन हैं लेकिन बुधवार को केवल तीन स्टेशनों से ही डेटा उपलब्ध हो पाया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ कागजों में काम कर रहा है जबकि असल में कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे बुनियादी कार्यों की अनदेखी प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में एक्यूआई गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है। ग्रेप लागू करने का मकसद हवा की गुणवत्ता सुधारना है लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी की कमी से यह लक्ष्य अब भी दूर नजर आ रहा है।
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ग्रेप 1 : खराब - एक्यूआई 201-300

कार्रवाई : सड़कों पर पानी का छिड़काव, ठोस कचरे का नियमित उठाव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण।

अन्य उपाय : खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध और डीजल जनरेटर के उपयोग को सीमित करना।

ग्रेप 2 : बहुत खराब - एक्यूआई 301–400
ग्रेप 1 के सभी मापदंड शामिल हैं और डीजल जनरेटरों पर प्रतिबंध और मशीनीकृत सफाई और सड़क पर पानी छिड़कने की आवश्यकता बढ़ा जाती है।


ग्रेप 3 : एक्यूआई 401-450
आवश्यक निर्माण पर प्रतिबंध। भारी वाहनों (जैसे बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल कारों) के प्रवेश को सीमित कर दिया जाता है। ईंट भट्टों के संचालन पर रोक।
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ग्रेप 4 : एक्यूआई 450 से ऊपर
सभी पूर्व प्रतिबंध, सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध। कुछ भारी और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।

कब कितना रहा एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
6 अक्तूबर : 107



7 अक्तूबर : 58



8 अक्तूबर : 69



9 अक्तूबर : 101

10 अक्तूबर : 161

11 अक्तूबर : 220
12 अक्तूबर : 179
13 अक्तूबर : 191

14 अक्तूबर : 216
15 अक्तूबर : 251

शहर में टूटी सड़कों और कूड़ा उठाने की समस्या का तुरंत समाधान आवश्यक है। अच्छी सड़कें आवागमन को सरल बनाती हैं और कचरा प्रबंधन से स्वच्छता बनी रहती है। यह उपाय न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा, बल्कि प्रदूषण को भी काफी हद तक कम करने में मदद करेगा।

-जयंत, निवासी, सेक्टर-104


प्रदूषण कम करने के लिए सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं है, जब तक जमीनी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। अक्सर योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं, जिन पर अमल नहीं होता। वास्तविक बदलाव के लिए सक्रियता जरूरी है।
- प्रमोद राव, निवासी, सेक्टर-22
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