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Gurugram News: चार बरसाती नालों में सिल्ट जांचने के लिए जीएमडीए का सर्वे शुरू
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जमा सिल्ट की पहचान कर किया जाएगा सफाई का कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के चारों प्रमुख बरसाती मास्टर नालों में सिल्ट और गाद जमा होने की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा सिल्ट की पहचान करना और उसके अनुसार सफाई कार्य को अंजाम देना है।
जीएमडीए द्वारा फिलहाल चार प्रमुख नालों की जांच मैनुअली की जा रही है। संबंधित टीमों से नालों में जमा सिल्ट की विस्तृत जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस प्रक्रिया में सिल्ट जमा होने वाले स्थानों और पानी की निकासी में आने वाली बाधाओं की पहचान की जा रही है। इससे सफाई कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर मास्टर नालों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाएगा। जिन नालों में अधिक मात्रा में सिल्ट जमा पाई जाएगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई कार्य कराया जाएगा। इस पहल का अंतिम लक्ष्य बारिश के मौसम में नालों में पानी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखना और शहर में जलभराव की घटनाओं को न्यूनतम करना है।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि संबंधित जेई और एसडीओ से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एक टीम इन नालों की जांच करेगी और सफाई के लिए अनुमानित लागत तैयार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर सिल्ट जमा होने की समस्या देखी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए लेग-1, लेग-2, लेग-3 और लेग-4 नालों की सफाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के चारों प्रमुख बरसाती मास्टर नालों में सिल्ट और गाद जमा होने की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य नालों में जमा सिल्ट की पहचान करना और उसके अनुसार सफाई कार्य को अंजाम देना है।
जीएमडीए द्वारा फिलहाल चार प्रमुख नालों की जांच मैनुअली की जा रही है। संबंधित टीमों से नालों में जमा सिल्ट की विस्तृत जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस प्रक्रिया में सिल्ट जमा होने वाले स्थानों और पानी की निकासी में आने वाली बाधाओं की पहचान की जा रही है। इससे सफाई कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर मास्टर नालों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाएगा। जिन नालों में अधिक मात्रा में सिल्ट जमा पाई जाएगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई कार्य कराया जाएगा। इस पहल का अंतिम लक्ष्य बारिश के मौसम में नालों में पानी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखना और शहर में जलभराव की घटनाओं को न्यूनतम करना है।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि संबंधित जेई और एसडीओ से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एक टीम इन नालों की जांच करेगी और सफाई के लिए अनुमानित लागत तैयार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर सिल्ट जमा होने की समस्या देखी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए लेग-1, लेग-2, लेग-3 और लेग-4 नालों की सफाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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