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Gurugram News: घर-घर से उठेगा कूड़ा, नगरपरिषद पांच साल के लिए देगी ठेका
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-सात करोड़ खर्च कर घर-घर से कूड़ा उठवाएगी नूंह नगरपरिषद, जल्द खुलेगा टेंडर
दिनेश देशवाल
नूंह। शहर में फैली गंदगी और बदबू से बहुत जल्द शहरवासियों को राहत मिलेगी। नूंह नगरपरिषद सात करोड़ रुपये खर्च कर शहर के प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है। जिसकी मंजूरी के बाद टेंडर आमंत्रित किया गया है, जिसे जल्द खोला जाएगा। इसके बाद जिस कंपनी को इस कार्य का ठेका मिलेगा, वह घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रित करेगी और उसे डंपिंग स्टेशन में पहुंचाएगी।
बता दें कि इन दिनों शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। हर गली-नुक्कड़ पर गंदगी के ढेर लगे रहते है। वहींतो गलियों में कई-कई दिनों तक झाडू नहीं लगाई जाती। शहरवासी अपने घर के कूड़े को निकालकर खुले में डाल देते है, जिसमें आवारा पशु मुंह मारते रहते है तथा ज्यादातर कूड़ा नालियों में चला जाता है, जो गलियों में जलभराव का कारण बनता है। जब तक नगरपरिषद की सफाई टीम पहुंचती है तब तक कूड़े का बड़ा ढेर लग जाता है, जो लोगों को गंदगी और बदबू से परेशान करता है।
नहीं है डस्टबिन:
नूंह जिला मुख्यालय होने के साथ-साथ नगरपरिषद भी है। लेकिन शहर में कूड़ा डालने के लिए कोई डस्टबिन की व्यवस्था नगरपरिषद द्वारा नहीं की गई है। जिसके कारण लोग खुले में कूड़े को डाल देते हैं। जिस पर मक्खियां भिनभिनाती है, मच्छर पनपते है और आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं।
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सफाईकर्मियों की रहती है मनमानी: यूं तो नूंह नगरपरिषद के सफाईकर्मी शहर में ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर घूमते रहते है। लेकिन शहरवासियों का कहना है कि वे मनमाने ढंग से सफाई करते हैं। जिसके कारण शहर में कूड़ा डालने के लिए बने कत्थे कई-कई दिनों तक सड़ते रहते हैं। प्यारे लाल सैनी, जितेंद्र कुमार, कृष्ण अग्रवाल, थान सिंह कश्यप, दिनेश नागपाल, परवीन शर्मा आदि ने कहा कि इस योजना से शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी, लेकिन इसके लिए नगरपरिषद को फूल प्रूफ योजना बनानी पड़ेगी।
सात करोड़ में उठेगा कूड़ा :
नूंह नगरपरिषद ने इस समस्या के समाधान के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है। जिसका एस्टीमेट बनाकर सरकार के पास प्रपोजल भेजा। सरकार ने इस प्रपोजल को मंजूरी देते हुए पांच वर्ष के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए सात करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। नगरपरिषद ने इसका टेंडर आमंत्रित किया है, जो जल्द खोला जाएगा। इसके बाद जिसे ठेकेदार को ठेका मिलेगा, उसके कर्मचारी लोगों के घर-द्वार जाकर कूड़ा एकत्र करेंगे।
ठेकेदार के श्रमिक अपने वाहन से हर घर पर दस्तक देंगे। लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए नूंह नगरपरिषद पीएस सिस्टम से निगरानी रखेगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। -संजय मनोचा, चेयरमैन नगरपरिषद नूंह।
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दिनेश देशवाल
नूंह। शहर में फैली गंदगी और बदबू से बहुत जल्द शहरवासियों को राहत मिलेगी। नूंह नगरपरिषद सात करोड़ रुपये खर्च कर शहर के प्रत्येक घर से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है। जिसकी मंजूरी के बाद टेंडर आमंत्रित किया गया है, जिसे जल्द खोला जाएगा। इसके बाद जिस कंपनी को इस कार्य का ठेका मिलेगा, वह घर-घर जाकर कूड़ा एकत्रित करेगी और उसे डंपिंग स्टेशन में पहुंचाएगी।
बता दें कि इन दिनों शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। हर गली-नुक्कड़ पर गंदगी के ढेर लगे रहते है। वहींतो गलियों में कई-कई दिनों तक झाडू नहीं लगाई जाती। शहरवासी अपने घर के कूड़े को निकालकर खुले में डाल देते है, जिसमें आवारा पशु मुंह मारते रहते है तथा ज्यादातर कूड़ा नालियों में चला जाता है, जो गलियों में जलभराव का कारण बनता है। जब तक नगरपरिषद की सफाई टीम पहुंचती है तब तक कूड़े का बड़ा ढेर लग जाता है, जो लोगों को गंदगी और बदबू से परेशान करता है।
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नहीं है डस्टबिन:
नूंह जिला मुख्यालय होने के साथ-साथ नगरपरिषद भी है। लेकिन शहर में कूड़ा डालने के लिए कोई डस्टबिन की व्यवस्था नगरपरिषद द्वारा नहीं की गई है। जिसके कारण लोग खुले में कूड़े को डाल देते हैं। जिस पर मक्खियां भिनभिनाती है, मच्छर पनपते है और आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं।
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सफाईकर्मियों की रहती है मनमानी: यूं तो नूंह नगरपरिषद के सफाईकर्मी शहर में ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर घूमते रहते है। लेकिन शहरवासियों का कहना है कि वे मनमाने ढंग से सफाई करते हैं। जिसके कारण शहर में कूड़ा डालने के लिए बने कत्थे कई-कई दिनों तक सड़ते रहते हैं। प्यारे लाल सैनी, जितेंद्र कुमार, कृष्ण अग्रवाल, थान सिंह कश्यप, दिनेश नागपाल, परवीन शर्मा आदि ने कहा कि इस योजना से शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी, लेकिन इसके लिए नगरपरिषद को फूल प्रूफ योजना बनानी पड़ेगी।
सात करोड़ में उठेगा कूड़ा :
नूंह नगरपरिषद ने इस समस्या के समाधान के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना बनाई है। जिसका एस्टीमेट बनाकर सरकार के पास प्रपोजल भेजा। सरकार ने इस प्रपोजल को मंजूरी देते हुए पांच वर्ष के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए सात करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। नगरपरिषद ने इसका टेंडर आमंत्रित किया है, जो जल्द खोला जाएगा। इसके बाद जिसे ठेकेदार को ठेका मिलेगा, उसके कर्मचारी लोगों के घर-द्वार जाकर कूड़ा एकत्र करेंगे।
ठेकेदार के श्रमिक अपने वाहन से हर घर पर दस्तक देंगे। लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए नूंह नगरपरिषद पीएस सिस्टम से निगरानी रखेगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। -संजय मनोचा, चेयरमैन नगरपरिषद नूंह।