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सरकार व स्कूलों की आपसी खींचतान से चौपट हो रहा नौनिहालों का भविष्य

Thu, 31 Mar 2022 10:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 10:21 PM IST
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Future of the youngsters is getting ruined due to the mutual tussle between the government and the schools
गुरुग्राम। सरकार ने नियम 134 ए खत्म करते हुए अब आरटीई (शिक्षा के अधिकार अधिनियम) के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिले का प्रावधान करने की बात कही है। लेकिन लोग सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि 134 ए के तहत सिर्फ 10 फीसदी सीटों पर बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला होना था। यह तो हो नहीं पा रहा, भला 25 फीसदी सीटों पर कैसे दाखिला कराएंगे।
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अभिभावकों का कहना है कि सरकार और स्कूलों की आपसी खींचतान में उनके बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। गरीब बच्चों को दाखिला न देने के लिए स्कूल अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और पूरा मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसे में जिन बच्चों का दाखिले के लिए चयन हुआ था, वे भी अपने घरों में बैठे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के दाखिले को लेकर सरकार खुद ही संवेदनहीन है, जिसके चलते उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
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1500 बच्चों का होना था दाखिला
बता दें कि नियम 134 ए के तहत जिले की निजी स्कूलों में गरीब तबके के करीब 1500 बच्चों का दाखिला होना था। लेकिन इनमें से अब तक करीब 200 छात्रों का ही दाखिला हो पाया है। नियम के तहत दाखिले के लिए पिछले साल 5 दिसंबर को बच्चों का टेस्ट हुआ था। 15 दिसंबर को परिणाम घोषित किया गया था। 16 दिसंबर को स्कूलों का आवंटन हुआ था, जबकि 24 दिसंबर स्कूलों में बच्चों के पहुंचने की अंतिम तिथि थी। अभिभावकों ने स्कूलों में दस्तावेज भी जमा करा दिए हैं, लेकिन कोर्ट में मामला विचाराधीन होने की बात कहकर स्कूल दाखिला देने से इनकार कर रहे हैं।
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मात्र दस फीसदी बच्चों का ही हो दाखिला
स्कूल संचालकों का कहना है कि पहले की तरह जैसे 10 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों का दाखिला होता था, उसी तरह बच्चों का दाखिला होना चाहिए। सरकार गरीब बच्चों के लिए सीटों की संख्या 25 फीसदी तक बढ़ाने की बात कह रही है। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई की तिथि भी बढ़ती जा रही है। पहले 28 फरवरी को सुनवाई थी। बाद में इसे 24 मार्च किया गया। अब 18 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई होनी है।

मेरी बच्ची का नियम134 ए के तहत दाखिला होना था। सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल में दाखिला होना था लेकिन कोर्ट में मामला लंबित होने केकारण अब तक कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
- कुश अभिभावक
सरकार को हमारे बच्चों के भविष्य की कोई परवाह नहीं है। शायद यही वजह है कि 134 ए के तहत हमारे बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला नहीं हो पा रहा है।
- राजीव, अभिभावक
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