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अमेजन कंपनी का सामान चोरी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
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गुरुग्राम। अमेजन कंपनी के 19 लाख रुपये के फोन चोरी करने वाले आरोपी चालक और उसके तीन साथियों को बुधवार को मानेसर पुलिस की अपराध शाखा ने बिलासपुर चौक और पंचगावा चौक से काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 53 मोबाइल और एक स्कार्पियो गाड़ी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान केशव कुमार, कपिल, लोकेश निवासी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और अमित निवासी जिला बदायूं के रूप में हुई है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह ने बताया कि रविवार को बिलासपुर स्थित वेयरहाउस के सुपरवाइजर मोनू शर्मा ने फर्रुखनगर थाने में ट्रक चालक अमित और सहयोगी पर अमजेन कंपनी का सामान चोरी कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़ित का कहना था कि 14 जनवरी को दोनों आरोपी वेयरहाउस से अमेजन कंपनी के 787 बॉक्स ट्रक में लोड करने के बाद भिवाड़ी ले गए थे। अगले दिन आरोपी केशव ने भिवाड़ी अमेजन के वेयरहाउस में सामान की डिलीवर कर दी। 20 फरवरी को राठीवास आकर ट्रक खड़ा करके अपने घर चले गये। जिसके बाद 22 फरवरी को उनके पास कंपनी का ईमेल प्राप्त हुआ। इसमें भिवाड़ी में दिए गए सामान में माल गायब और बॉक्स की दोबारा पैकिंग की बात सामने आई।
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इस कड़ी में बुधवार को क्राइम ब्रांच मानेसर के एसआई अमित कुमार को सूचना मिली कि घटना के मुख्य आरोपी अमित को बिलासपुर चौक और उसके अन्य साथी केशव, कपिल, लोकेश स्कार्पियो में हैं और पंचगावा इलाके में मौजूद थे। इसी सूचना के आधार पर वह अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोड सामान पर लगे बार कोड और सील की जानकारी सूचना एक दूसरे से साझा करते थे।
इसके बाद वह दिल्ली फर्जी बार कोड और सील बनाकर सामान पर चस्पा कर देते थे। आरोपियों द्वारा चलती कार में घटना को अंजाम देते थे। ताकि जीपीएस में गाड़ी चलते दिखाई पड़े। वहीं, एसपी क्राइम का कहना है कि पता चला है कि वह अपने साथी को पहले कंपनी में बतौर ड्राइवर की नौकरी पर लगवाते थे और गिरोह घटना को अंजाम देता था।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान केशव कुमार, कपिल, लोकेश निवासी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और अमित निवासी जिला बदायूं के रूप में हुई है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह ने बताया कि रविवार को बिलासपुर स्थित वेयरहाउस के सुपरवाइजर मोनू शर्मा ने फर्रुखनगर थाने में ट्रक चालक अमित और सहयोगी पर अमजेन कंपनी का सामान चोरी कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
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पीड़ित का कहना था कि 14 जनवरी को दोनों आरोपी वेयरहाउस से अमेजन कंपनी के 787 बॉक्स ट्रक में लोड करने के बाद भिवाड़ी ले गए थे। अगले दिन आरोपी केशव ने भिवाड़ी अमेजन के वेयरहाउस में सामान की डिलीवर कर दी। 20 फरवरी को राठीवास आकर ट्रक खड़ा करके अपने घर चले गये। जिसके बाद 22 फरवरी को उनके पास कंपनी का ईमेल प्राप्त हुआ। इसमें भिवाड़ी में दिए गए सामान में माल गायब और बॉक्स की दोबारा पैकिंग की बात सामने आई।
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इस कड़ी में बुधवार को क्राइम ब्रांच मानेसर के एसआई अमित कुमार को सूचना मिली कि घटना के मुख्य आरोपी अमित को बिलासपुर चौक और उसके अन्य साथी केशव, कपिल, लोकेश स्कार्पियो में हैं और पंचगावा इलाके में मौजूद थे। इसी सूचना के आधार पर वह अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोड सामान पर लगे बार कोड और सील की जानकारी सूचना एक दूसरे से साझा करते थे।
इसके बाद वह दिल्ली फर्जी बार कोड और सील बनाकर सामान पर चस्पा कर देते थे। आरोपियों द्वारा चलती कार में घटना को अंजाम देते थे। ताकि जीपीएस में गाड़ी चलते दिखाई पड़े। वहीं, एसपी क्राइम का कहना है कि पता चला है कि वह अपने साथी को पहले कंपनी में बतौर ड्राइवर की नौकरी पर लगवाते थे और गिरोह घटना को अंजाम देता था।