{"_id":"6a2577c15721f5680e0b177a","slug":"fountains-will-be-installed-in-silokhara-pond-fishes-were-released-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-90612-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सिलोखरा तालाब में लगेंगे फव्वारे, छोड़ी गईं मछलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सिलोखरा तालाब में लगेंगे फव्वारे, छोड़ी गईं मछलियां
विज्ञापन
तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सिलोखरा गांव के जोहड़ (तालाब) के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। तालाब में पानी भरने के बाद मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं। अब इसमें फव्वारे लगाए जाएंगे।
साउथ सिटी-1 निवासी ब्रिगेडियर परमजीत सिंह ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि करीब 30 वर्ष पहले सिलोखरा गांव में एक पारंपरिक जोहड़ मौजूद था। बाद में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इस भूमि का अधिग्रहण कर लिया और जोहड़ को मलबे व मिट्टी से भर दिया गया। बाद में यह भूमि गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को हस्तांतरित कर दी गई।
जीएमडीए ने एक निजी कंपनी के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत तालाब के विकास का कार्य कराया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि विकास कार्य के दौरान मूल स्वीकृत नक्शे में बदलाव किया गया और इसके लिए एनजीटी की अनुमति नहीं ली गई। मामले की सुनवाई के बाद एनजीटी ने जीएमडीए को सिलोखरा जोहड़ का दोबारा जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए थे। जीएमडीए के शहरी पर्यावरण प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, तालाब के पुनर्विकास का कार्य अंतिम चरण में है। तालाब के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक विकसित किया गया है। इसके अलावा तालाब में उपचारित (ट्रीटेड) सीवेज जल का उपयोग किया जा रहा है। पानी को स्वच्छ और ऑक्सीजन युक्त बनाए रखने के लिए चार से पांच तैरते हुए फव्वारे भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
सिलोखरा तालाब को आधुनिक पिकनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां बच्चों के लिए झूले, हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और एक छोटा ओपन एयर थिएटर बनाया गया है। ओपन एयर थिएटर में एक समय में 10 से 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यह तालाब सिग्नेचर टॉवर क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों के निकट स्थित है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए मनोरंजन, सैर और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सिलोखरा गांव के जोहड़ (तालाब) के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। तालाब में पानी भरने के बाद मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं। अब इसमें फव्वारे लगाए जाएंगे।
साउथ सिटी-1 निवासी ब्रिगेडियर परमजीत सिंह ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि करीब 30 वर्ष पहले सिलोखरा गांव में एक पारंपरिक जोहड़ मौजूद था। बाद में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इस भूमि का अधिग्रहण कर लिया और जोहड़ को मलबे व मिट्टी से भर दिया गया। बाद में यह भूमि गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को हस्तांतरित कर दी गई।
विज्ञापन
जीएमडीए ने एक निजी कंपनी के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत तालाब के विकास का कार्य कराया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि विकास कार्य के दौरान मूल स्वीकृत नक्शे में बदलाव किया गया और इसके लिए एनजीटी की अनुमति नहीं ली गई। मामले की सुनवाई के बाद एनजीटी ने जीएमडीए को सिलोखरा जोहड़ का दोबारा जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए थे। जीएमडीए के शहरी पर्यावरण प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, तालाब के पुनर्विकास का कार्य अंतिम चरण में है। तालाब के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक विकसित किया गया है। इसके अलावा तालाब में उपचारित (ट्रीटेड) सीवेज जल का उपयोग किया जा रहा है। पानी को स्वच्छ और ऑक्सीजन युक्त बनाए रखने के लिए चार से पांच तैरते हुए फव्वारे भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
सिलोखरा तालाब को आधुनिक पिकनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां बच्चों के लिए झूले, हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और एक छोटा ओपन एयर थिएटर बनाया गया है। ओपन एयर थिएटर में एक समय में 10 से 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यह तालाब सिग्नेचर टॉवर क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों के निकट स्थित है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए मनोरंजन, सैर और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा।