फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Forest department is trying to save the lives of trees coming in the way of expressway

Gurugram News: एक्सप्रेसवे की राह में आ रहे पेड़ों की जिंदगी बचाने की कोशिश में जुटा वन विभाग

Wed, 18 Oct 2023 11:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 18 Oct 2023 11:35 PM IST
विज्ञापन
Forest department is trying to save the lives of trees coming in the way of expressway
उमंग भारद्वाज चौक से रेवाड़ी तक बन रहा है एक्सप्रेसवे, एनएचएआई ने वन विभाग से 500 से अधिक पेड़ों को हटाने का किया अनुरोध
विज्ञापन


वन विभाग पेड़ों का प्रत्यारोपण करने के लिए निरीक्षण में जुटा



अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के उमंग भारद्वाज चौक से शुरू होकर रेवाड़ी तक बनने वाले 46 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के लिए रास्ते में आ रहे 500 पेड़ों को बचाने के लिए वन विभाग योजना बना रहा है कि कितने पेड़ ऐसे हैं जिनको यहां से हटाकर दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया जा सकता है। अगर 50 फीसदी पेड़ भी प्रत्यारोपण के मानकों पर खरे पाए गए तो यह बड़ी सफलता होगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसके लिए सड़क के किनारे बने फार्म हाउसों की जमीन का अधिग्रहण किया था। अब इन फार्म हाउसों में लगे करीब 500 पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से अनुरोध किया है। पिछले दिनों वन विभाग की एक टीम ने साइट पर जाकर निरीक्षण भी किया था। अनुमित मिलने के बाद परियोजना का काम गति पकड़ जाएगा।
विज्ञापन

वन विभाग के मुताबिक यह फार्म हाउस गढ़ी हरसरू के पास स्थित हैं। इनके मालिकों ने यहां पर करीब ढाई-तीन दशक पहले पेड़ लगाए थे। इनमें अलग-अलग किस्म के पेड़ हैं। इनमें नीम, बेर, पीपल, आम, इमली, जामुन, अर्जुन आदि शामिल हैं। वन विभाग ने इन पेड़ों की जांच में पाया कि यह तीस वर्ष पुराने हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि इन पेड़ों में कितने ऐसे हैं जिनको प्रत्यारोपित किया सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुलाई 2020 में शुरू हुआ था निर्माण
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण जुलाई 2020 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2022 में पूरा होने वाला था लेकिन पर्यावरणविद इस योजना के खिलाफ राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में चले गए। इसके बाद सितंबर 2022 में इसको रोकना पड़ा। एनएचएआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च अदालत ने अप्रैल 2023 में प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की अनुमति दी। पूरा होने पर पटौदी-रेवाड़ी एक्सप्रेसवे द्वारका एक्सप्रेसवे और फिर सेक्टर-84 रोड से भी जुड़ जाएगा। वन विभाग रेंज अधिकारी करमवीर सिंह कहते हैं कि पूरी कोशिश होगी कि अधिक से अधिक पेड़ों को प्रत्यारोपित किया जाए। इसके लिए गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है। पेड़ों के रोपण से पहले उस जमीन की भी जांच की जाएगी जिस जमीन में पेड़ों को रोपा जाएगा।





घर के बुजुर्गों की याद में लगाए थे पेड़

गढ़ी हरसरू पर ही एक फार्म हाउस के मालिक कहते हैं कि उन्होंने करीब 25 साल पहले घर के बुजुर्गों की याद में पेड़ लगाए थे। इनसे गहरा लगाव है। देखरेख में इन पेड़ों को बड़ा किया है। वन विभाग से अनुरोध किया है कि वह इनको उचित जगह प्रत्यारोपण कर दे। इसका खर्च भी वह वन विभाग को देने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article