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नोएडा के ध्यानार्थ : स्कॉर्पियो-एन की फर्जी एनओसी देकर लिया 14.62 लाख रुपये का लोन
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- आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने के आरोप
- कंपनी निदेशक की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने में प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्कॉर्पियो-एन की फर्जी एनओसी देकर कई लोगों ने एक कंपनी से 14.62 लाख रुपये का लोन हासिल कर लिया। वाहन की आरसी ट्रांसफर और बैंक का हाइपोथिकेशन दर्ज कराने के लिए फाइल जमा होने पर पता चला कि गाड़ी पर पहले से ही एचडीएफसी बैंक का लोन चल रहा है। इसके बाद ऑटो प्राइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रशांत कुमार की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्रशांत कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी वाहनों पर लोन उपलब्ध कराने का काम करती है। अप्रैल 2026 में स्कॉर्पियो-एन के लोन की फाइल डीलर स्नेहा, अकबर और अमित के माध्यम से कंपनी के पास आई थी। इसमें जितेंद्र कुमार साह को ग्राहक और आशीष कुमार को वाहन मालिक बताया गया था। जितेंद्र के लोन दस्तावेज व्हाट्सएप से मिले। इसके बाद जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की उत्तम नगर शाखा में लोन के लिए फाइल लगाई गई। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बैंक ने 30 अप्रैल को 14.62 लाख रुपये का लोन मंजूर किया। राशि तीन किस्तों में डीलर के खाते में भेजी गई।
बाद में आरसी पर स्वामित्व बदलने और नए बैंक का हाइपोथिकेशन दर्ज कराने के लिए सराय काले खां स्थित पंजीकरण प्राधिकरण में फाइल जमा की गई। वहां वाहन पर एचडीएफसी बैंक का पुराना लोन चलने की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने हाइपोथिकेशन को हटाने के लिए फर्जी एनओसी तैयार की गई और आशीष व जितेंद्र की मिलीभगत से बैंक और कंपनी से वाहन पर पहले से मौजूद ऋण की जानकारी छिपाई गई। शिकायतकर्ता ने ऐसे दस्तावेजों से अन्य बैंकों के साथ भी धोखाधड़ी की आशंका जताई है। आरोप है कि पांच जून को कंपनी की टीम लोन की राशि वापस मांगने जितेंद्र के नोएडा स्थित पते पर पहुंची तो उसने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। मध्यस्थ स्नेहा, अमित और अकबर भी जवाब नहीं दे रहे हैं।
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कोट-
स्कॉर्पियो के फर्जी दस्तावेज, पहले से मौजूद ऋण, लोन राशि के लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - गुलद्दीन खान, जांच अधिकारी, सेक्टर-14 थाना
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- कंपनी निदेशक की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने में प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्कॉर्पियो-एन की फर्जी एनओसी देकर कई लोगों ने एक कंपनी से 14.62 लाख रुपये का लोन हासिल कर लिया। वाहन की आरसी ट्रांसफर और बैंक का हाइपोथिकेशन दर्ज कराने के लिए फाइल जमा होने पर पता चला कि गाड़ी पर पहले से ही एचडीएफसी बैंक का लोन चल रहा है। इसके बाद ऑटो प्राइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रशांत कुमार की शिकायत पर सेक्टर-14 थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्रशांत कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी वाहनों पर लोन उपलब्ध कराने का काम करती है। अप्रैल 2026 में स्कॉर्पियो-एन के लोन की फाइल डीलर स्नेहा, अकबर और अमित के माध्यम से कंपनी के पास आई थी। इसमें जितेंद्र कुमार साह को ग्राहक और आशीष कुमार को वाहन मालिक बताया गया था। जितेंद्र के लोन दस्तावेज व्हाट्सएप से मिले। इसके बाद जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की उत्तम नगर शाखा में लोन के लिए फाइल लगाई गई। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बैंक ने 30 अप्रैल को 14.62 लाख रुपये का लोन मंजूर किया। राशि तीन किस्तों में डीलर के खाते में भेजी गई।
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बाद में आरसी पर स्वामित्व बदलने और नए बैंक का हाइपोथिकेशन दर्ज कराने के लिए सराय काले खां स्थित पंजीकरण प्राधिकरण में फाइल जमा की गई। वहां वाहन पर एचडीएफसी बैंक का पुराना लोन चलने की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने हाइपोथिकेशन को हटाने के लिए फर्जी एनओसी तैयार की गई और आशीष व जितेंद्र की मिलीभगत से बैंक और कंपनी से वाहन पर पहले से मौजूद ऋण की जानकारी छिपाई गई। शिकायतकर्ता ने ऐसे दस्तावेजों से अन्य बैंकों के साथ भी धोखाधड़ी की आशंका जताई है। आरोप है कि पांच जून को कंपनी की टीम लोन की राशि वापस मांगने जितेंद्र के नोएडा स्थित पते पर पहुंची तो उसने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। मध्यस्थ स्नेहा, अमित और अकबर भी जवाब नहीं दे रहे हैं।
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स्कॉर्पियो के फर्जी दस्तावेज, पहले से मौजूद ऋण, लोन राशि के लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - गुलद्दीन खान, जांच अधिकारी, सेक्टर-14 थाना