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Gurugram News: मिठाई विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं। उन्हें स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराना कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
दुकानों और निर्माण स्थलों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। मक्खियों, चूहों और अन्य कीटों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। खाली डिब्बे और कबाड़ जमा न करें। खाद्य पदार्थों को धूल से बचाने के लिए ढककर रखें या डिस्प्ले काउंटर में रखें। प्रत्येक मिठाई का विक्रय मूल्य स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। ग्राहकों को यह भी बताएं कि मिठाई देसी घी, वनस्पति या खाद्य तेल में बनी है। भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी।
एफएसएसएआई ने वार्षिक कारोबार के आधार पर लाइसेंस श्रेणियां तय की हैं। 1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार पर पंजीकरण आवश्यक है। 1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक राज्य लाइसेंस लेना होगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर केंद्रीय लाइसेंस जरूरी है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
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मानेसर, वजीराबाद, बादशाहपुर, कादीपुर और हरसरू क्षेत्र में खाद्य कारोबारियों को उनके कारोबार की प्रकृति और वार्षिक टर्नओवर के अनुसार सही श्रेणी में पंजीकरण या लाइसेंस लेना चाहिए। सभी कारोबारी अपने वार्षिक टर्नओवर और कारोबार की प्रकृति के अनुसार सही श्रेणी में पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करें।
- डॉ. दीपक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
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गुरुग्राम। त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं। उन्हें स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराना कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
दुकानों और निर्माण स्थलों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। मक्खियों, चूहों और अन्य कीटों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। खाली डिब्बे और कबाड़ जमा न करें। खाद्य पदार्थों को धूल से बचाने के लिए ढककर रखें या डिस्प्ले काउंटर में रखें। प्रत्येक मिठाई का विक्रय मूल्य स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। ग्राहकों को यह भी बताएं कि मिठाई देसी घी, वनस्पति या खाद्य तेल में बनी है। भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी।
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एफएसएसएआई ने वार्षिक कारोबार के आधार पर लाइसेंस श्रेणियां तय की हैं। 1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार पर पंजीकरण आवश्यक है। 1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक राज्य लाइसेंस लेना होगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर केंद्रीय लाइसेंस जरूरी है। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
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मानेसर, वजीराबाद, बादशाहपुर, कादीपुर और हरसरू क्षेत्र में खाद्य कारोबारियों को उनके कारोबार की प्रकृति और वार्षिक टर्नओवर के अनुसार सही श्रेणी में पंजीकरण या लाइसेंस लेना चाहिए। सभी कारोबारी अपने वार्षिक टर्नओवर और कारोबार की प्रकृति के अनुसार सही श्रेणी में पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करें।
- डॉ. दीपक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, गुरुग्राम