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Gurugram News: मानसून में लगाए जाएंगे पांच लाख पौधे
Fri, 23 Jun 2023 11:54 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:54 PM IST
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नगर निगम के 1272 पार्कों में पौधरोपण के लिए मियावाकी तकनीक का किया जाएगा प्रयोग
जीएमडीए, नगर निगम, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की सहायता से किया जाएगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जुलाई के पहले हफ्ते में नगर निगम और जीएमडीए के बागवानी विंग द्वारा सघन पौधरोपण शुरू किया जाएगा। नगर निगम के 1272 छोटे -बड़े पार्कों, लेजर वैली पार्क, बोटैनिकल गार्डन, ताऊ देवी लाल पार्क जैसे जीएमडीए द्वारा रखरखाव किए जा रहे बड़े पार्कों में भी पौधरोपण किया जाना है। इस बार के पौधरोपण में झाड़ियों वाले पौधों पर जोर रहेगा।
झाड़ियों वाले पौधों में चांदनी, टिकोमा, हरसिंगार, बोगनवेलिया आदि लगए जाने हैं। झाड़ियों से दीवार का काम लिया जा सके इस किस्म का पौधरोपण किया जाना है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विशाल गर्ग ने बताया कि पौधरोपण के तहत करीब पांच लाख पौधे इस मानसून में लगाए जाने हैं। इसमें झाड़ीदार पौधों को प्रमुख रूप से लगाया जाना है। इसे विकसित करने का एक उद्देश्य है कि ग्रीन बेल्ट और पार्कों में इससे एक हरित दीवार बन जाएगी और इसकी खूबसूरती भी बनी रहेगी। पौधरोपण में मियावाकी तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले पौधों की प्रमुखता रहती है और एक वन जैसा रूप दिया जाता है।
जेई मुकेश ने बताया कि हमें जीएमडीए के एडिशनल सीइओ और भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभाष यादव द्वारा बनाई गई पौधरोपण की योजना के अनुसार काम करना है। छोटे पौधों के बीच एक-एक मीटर का फासला रखा जाना है और बड़े पेड़ के बीच 5-6 मीटर का फासला रखना है। इससे सभी पेड़ों को विकसित होने का मौका मिल सके।
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जीएमडीए के एडिशनल सीईओ सुभाष यादव ने बताया कि मानसून के दौरान पौधरोपण का सघन अभियान चलाया जाना है। जहां भी जगह होगी, हम वहां पौधे लगाएंगे। इसको लेकर फील्ड के कर्मियों और आरडब्ल्यूए के रखरखाव के अधीन आने वाले पार्कों में भी एक जैसे निर्देश होंगे।
औषधीय महत्व के पौधों का होगा एक कोना
नगर निगम के बड़े पार्कों में औषधी महत्व वाले पौधों को लगाया जाना है। इनमें नीम, तुलसी, एलोवेरा, अर्जुन, करीपत्ता, गिलोय,आंवला आदि शामिल हैं। नगर निगम के बागवानी विंग ने इसको लेकर योजना बनाई है। बड़े पार्कों में एक कोना औषधीय महत्व के पौधों का भी होगा। कोरोना महामारी के बाद आयुर्वेद और औषधीय महत्व के पेड़ पौधों को लेकर लोगों में काफी जागरुकता आई है। खास तौर पर नीम, गिलोय, तुलसी, एलोवेरा, आंवला, अर्जुन आदि के प्रयोग को लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ी है।
पार्क में लगाए औषधीय पौधे
शहर के कुछ जगह के पार्कों में लोगों ने औषधीय वन पहले से ही बना रखे हैं। सेक्टर 40 के आरडब्ल्यूए ने कुछ साल पहले अपने एक पार्क को पूरी तरह औषधीय वन बनाया है। यहां आस- पास के स्कूली बच्चों को भी औषधीय पौधों को दिखाने लाया जाता रहा है।
सेक्टर 40 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने बताया कि हम लोगों ने अपने पार्क में तेजपत्ता, इलायची, खैर, कत्था, हरड़, बहेड़ा, आंवला,अर्जुन, आम, केला, कपूर, कटहल, शरीफा, कुसुम, शतावरी, नागदौन, दमाबेल, मेंहदी, कासबासा, इमली, विधारा, ताम्र बेल के औषधीय पौधे लगाए हैं। पार्कों में चिड़ियों के दाना- पानी के लिए पात्र लगाए गए हैं। पक्षियों के लिए खास तौर पर फलों वाले पेड़ लगाए गए हैं। इन दिनों पेड़ों में आम, जामुन, शहतूत आदि शामिल है। साउथ सिटी और कुछ अन्य जगहों के पार्कों में भी लोगों ने ऐसे प्रयोग किए हैं।
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जीएमडीए, नगर निगम, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की सहायता से किया जाएगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जुलाई के पहले हफ्ते में नगर निगम और जीएमडीए के बागवानी विंग द्वारा सघन पौधरोपण शुरू किया जाएगा। नगर निगम के 1272 छोटे -बड़े पार्कों, लेजर वैली पार्क, बोटैनिकल गार्डन, ताऊ देवी लाल पार्क जैसे जीएमडीए द्वारा रखरखाव किए जा रहे बड़े पार्कों में भी पौधरोपण किया जाना है। इस बार के पौधरोपण में झाड़ियों वाले पौधों पर जोर रहेगा।
झाड़ियों वाले पौधों में चांदनी, टिकोमा, हरसिंगार, बोगनवेलिया आदि लगए जाने हैं। झाड़ियों से दीवार का काम लिया जा सके इस किस्म का पौधरोपण किया जाना है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विशाल गर्ग ने बताया कि पौधरोपण के तहत करीब पांच लाख पौधे इस मानसून में लगाए जाने हैं। इसमें झाड़ीदार पौधों को प्रमुख रूप से लगाया जाना है। इसे विकसित करने का एक उद्देश्य है कि ग्रीन बेल्ट और पार्कों में इससे एक हरित दीवार बन जाएगी और इसकी खूबसूरती भी बनी रहेगी। पौधरोपण में मियावाकी तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय स्तर पर विकसित होने वाले पौधों की प्रमुखता रहती है और एक वन जैसा रूप दिया जाता है।
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जेई मुकेश ने बताया कि हमें जीएमडीए के एडिशनल सीइओ और भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभाष यादव द्वारा बनाई गई पौधरोपण की योजना के अनुसार काम करना है। छोटे पौधों के बीच एक-एक मीटर का फासला रखा जाना है और बड़े पेड़ के बीच 5-6 मीटर का फासला रखना है। इससे सभी पेड़ों को विकसित होने का मौका मिल सके।
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जीएमडीए के एडिशनल सीईओ सुभाष यादव ने बताया कि मानसून के दौरान पौधरोपण का सघन अभियान चलाया जाना है। जहां भी जगह होगी, हम वहां पौधे लगाएंगे। इसको लेकर फील्ड के कर्मियों और आरडब्ल्यूए के रखरखाव के अधीन आने वाले पार्कों में भी एक जैसे निर्देश होंगे।
औषधीय महत्व के पौधों का होगा एक कोना
नगर निगम के बड़े पार्कों में औषधी महत्व वाले पौधों को लगाया जाना है। इनमें नीम, तुलसी, एलोवेरा, अर्जुन, करीपत्ता, गिलोय,आंवला आदि शामिल हैं। नगर निगम के बागवानी विंग ने इसको लेकर योजना बनाई है। बड़े पार्कों में एक कोना औषधीय महत्व के पौधों का भी होगा। कोरोना महामारी के बाद आयुर्वेद और औषधीय महत्व के पेड़ पौधों को लेकर लोगों में काफी जागरुकता आई है। खास तौर पर नीम, गिलोय, तुलसी, एलोवेरा, आंवला, अर्जुन आदि के प्रयोग को लोगों की जिज्ञासा भी बढ़ी है।
पार्क में लगाए औषधीय पौधे
शहर के कुछ जगह के पार्कों में लोगों ने औषधीय वन पहले से ही बना रखे हैं। सेक्टर 40 के आरडब्ल्यूए ने कुछ साल पहले अपने एक पार्क को पूरी तरह औषधीय वन बनाया है। यहां आस- पास के स्कूली बच्चों को भी औषधीय पौधों को दिखाने लाया जाता रहा है।
सेक्टर 40 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने बताया कि हम लोगों ने अपने पार्क में तेजपत्ता, इलायची, खैर, कत्था, हरड़, बहेड़ा, आंवला,अर्जुन, आम, केला, कपूर, कटहल, शरीफा, कुसुम, शतावरी, नागदौन, दमाबेल, मेंहदी, कासबासा, इमली, विधारा, ताम्र बेल के औषधीय पौधे लगाए हैं। पार्कों में चिड़ियों के दाना- पानी के लिए पात्र लगाए गए हैं। पक्षियों के लिए खास तौर पर फलों वाले पेड़ लगाए गए हैं। इन दिनों पेड़ों में आम, जामुन, शहतूत आदि शामिल है। साउथ सिटी और कुछ अन्य जगहों के पार्कों में भी लोगों ने ऐसे प्रयोग किए हैं।