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Gurugram News: पहले ट्रायल, फिर आगे बढ़ेगा काम
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जीएमडीए सीईओ की इंजीनियरिंग विंग को दो टूक, लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने इंजीनियरों को सनाथ रोड मॉडल पूरे शहर में लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को सड़कों पर जमा होने से रोकना और उसे जमीन में उतारना है। उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मीणा ने कहा कि सनाथ रोड पर ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से नीचे रखा गया है। बारिश का पानी पहले बायो-स्वेल में जाता है, फिर ड्रेन में पहुंचता है। यह व्यवस्था प्रभावी और सरल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी कार्य शुरू करने से पहले उसका छोटा हिस्सा तैयार कर दिखाया जाए। काम संतोषजनक होने पर ही आगे बढ़ाया जाएगा, अन्यथा एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। पीसी मीणा ने कहा कि शहर के विकास में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने इंजीनियरों से अपने क्षेत्र को अपना समझकर काम करने और मौके पर निगरानी करने को कहा। इन उपायों से सड़क पर पानी का बहाव कम होगा और जलभराव की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। बैठक में चीफ इंजीनियर हेमंत कुमार, अधीक्षक अभियंता प्रवीण कुमार, सुधीर रंसीवाल और आईटी हेड सुशील कुमार सहित कार्यकारी अभियंता मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने इंजीनियरों को सनाथ रोड मॉडल पूरे शहर में लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को सड़कों पर जमा होने से रोकना और उसे जमीन में उतारना है। उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मीणा ने कहा कि सनाथ रोड पर ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से नीचे रखा गया है। बारिश का पानी पहले बायो-स्वेल में जाता है, फिर ड्रेन में पहुंचता है। यह व्यवस्था प्रभावी और सरल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी कार्य शुरू करने से पहले उसका छोटा हिस्सा तैयार कर दिखाया जाए। काम संतोषजनक होने पर ही आगे बढ़ाया जाएगा, अन्यथा एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। पीसी मीणा ने कहा कि शहर के विकास में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।
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उन्होंने इंजीनियरों से अपने क्षेत्र को अपना समझकर काम करने और मौके पर निगरानी करने को कहा। इन उपायों से सड़क पर पानी का बहाव कम होगा और जलभराव की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। बैठक में चीफ इंजीनियर हेमंत कुमार, अधीक्षक अभियंता प्रवीण कुमार, सुधीर रंसीवाल और आईटी हेड सुशील कुमार सहित कार्यकारी अभियंता मौजूद थे।
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